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Solan News: बंदी सिंहों की रिहाई के लिए बुंगा साहिब टी-प्वाइंट पर चार घंटे चक्का जाम
Sat, 22 Aug 2026 12:31 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sat, 22 Aug 2026 12:31 AM IST
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विभिन्न संगठनों के नेताओं ने केंद्र व पंजाब सरकार को घेरा
हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने लिया प्रदर्शन में हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। 35 वर्षों से अधिक समय से अपनी सजाएं पूरी करने के बावजूद जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर शुक्रवार को विभिन्न संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया गया। चंडीगढ़-ऊना-मनाली नेशनल हाईवे पर स्थित बुंगा साहिब टी-पॉइंट पर प्रदर्शनकारियों ने करीब चार घंटे तक चक्का जाम कर बंदी सिंहों की रिहाई की मांग बुलंद की। नूरपुर बेदी क्षेत्र सहित बुंगा साहिब और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सुबह करीब 10 बजे बुंगा साहिब टी-पॉइंट पर पहुंचे। इस दौरान हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी प्रदर्शन में भाग लेते हुए बंदी सिंहों की रिहाई की मांग उठाई।
धरने को संबोधित करते हुए कीर्ति किसान मोर्चा के प्रधान हरप्रीत सिंह भट्टो, पंजाब मोर्चा के कन्वीनर गौरव राणा, आजाद टैक्सी यूनियन के प्रदेश नेता कमलजीत सिंह, किसान यूनियन नेता जगबीर सिंह, शाहपुर बेला डेयरी उत्पादक यूनियन के नेता सुखविंदर सिंह बड़वा, अमनदीप सिंह अभियाणा, मलकीत सिंह छज्जा, जम्हूरी किसान सभा के नेता धर्मपाल सैणी माजरा तथा जसवीर सिंह जस्सू सहित अन्य नेताओं ने कहा कि जिन बंदी सिंहों ने अपनी कानूनी सजाएं पूरी कर ली हैं, उन्हें लंबे समय तक जेलों में बंद रखना मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर सवाल है।
नेताओं ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इंकलाब के नाम पर सत्ता में आई सरकार द्वारा बंदी सिंहों की रिहाई के मामले में केवल दिखावटी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के अधिकारों और पंजाबियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। केंद्र सरकार को घेरते हुए नेताओं ने कहा कि जब बंदी सिंह अपनी सजाएं पूरी कर चुके हैं और पीड़ित परिवारों की ओर से भी कई बार यह बात सामने आ चुकी है कि उनकी रिहाई पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, तो फिर सरकार इस मामले में फैसला क्यों नहीं ले रही। उन्होंने कहा कि लोगों को धर्म या वर्ग के आधार पर बांटने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
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इस मौके पर 34 सिंह शहीदां गुरुद्वारा बुंगा साहिब के सेवादार बाबा सतनाम सिंह, बलवीर खान, सूबेदार रोशन लाल दान, मनजीत सिंह, बाबा गुरदीप सिंह चनौली, गुरमीत सिंह मोठापुर, बलवीर सिंह मुन्ने तथा भजन सिंह जट्टपुर सहित कीर्ति किसान मोर्चा के विभिन्न नेता, निहंग सिंह संगठनों के प्रतिनिधि तथा किसान मोर्चों से जुड़ी महिलाएं भी मौजूद रहीं।
इनसेट
एंबुलेंस व रोगियों को छूट दी गई
चार घंटे के चक्का जाम के दौरान एंबुलेंस, अस्पतालों में इलाज के लिए जाने वाले मरीजों के वाहनों, कीरतपुर साहिब में अस्थियां लेकर जाने वाले वाहनों तथा एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को यातायात के लिए रास्ता दिया गया।
इनसेट
नालागढ़ डिपो के 20 फेरे बाधित रहे
पंजाब में बंद होने के चलते नालागढ़ के पांच रूटों पर चलने वाले 20 से अधिक फेरे प्रभावित रहे। रोपड़ मार्ग पर घनौली, कीरतपुर रोड पर बुंगा साहिब व चंडीगढ़ रोड पर सिसवां टी-पॉइंट पर जाम लगाया गया। चंडीगढ़, ऊना, रोपड़, कीरतपुर, मलेरकोटला व पटियाला की ओर जाने वाली बसें जाम में फंसी रही। एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अखिल अग्निहोत्री ने बताया कि पंजाब बंद होने से पंजाब की ओर जाने वाले 20 ट्रिप बंद रहे। जिससे यातायात प्रभावित रहा लेकिन दोपहर बाद 2 बजे से यातायात सुचारू होने से बसों को चालू कर दिया गया था।
इनसेट
ट्रक यूनियन नालागढ़ के ट्रक भी जाम में फंसे
एशिया की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन से पंजाब की ओर सामान लेकर जाने वाले ट्रक जाम में फंसे रहे। यह ट्रक घनौली, बुंगा साहिब, टी-पॉइंट पर खड़े रहे। दोपहर बाद जाम खुलने के बाद यह ट्रक पंजाब की ओर रवाना हुए।
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हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने लिया प्रदर्शन में हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। 35 वर्षों से अधिक समय से अपनी सजाएं पूरी करने के बावजूद जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर शुक्रवार को विभिन्न संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया गया। चंडीगढ़-ऊना-मनाली नेशनल हाईवे पर स्थित बुंगा साहिब टी-पॉइंट पर प्रदर्शनकारियों ने करीब चार घंटे तक चक्का जाम कर बंदी सिंहों की रिहाई की मांग बुलंद की। नूरपुर बेदी क्षेत्र सहित बुंगा साहिब और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सुबह करीब 10 बजे बुंगा साहिब टी-पॉइंट पर पहुंचे। इस दौरान हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी प्रदर्शन में भाग लेते हुए बंदी सिंहों की रिहाई की मांग उठाई।
धरने को संबोधित करते हुए कीर्ति किसान मोर्चा के प्रधान हरप्रीत सिंह भट्टो, पंजाब मोर्चा के कन्वीनर गौरव राणा, आजाद टैक्सी यूनियन के प्रदेश नेता कमलजीत सिंह, किसान यूनियन नेता जगबीर सिंह, शाहपुर बेला डेयरी उत्पादक यूनियन के नेता सुखविंदर सिंह बड़वा, अमनदीप सिंह अभियाणा, मलकीत सिंह छज्जा, जम्हूरी किसान सभा के नेता धर्मपाल सैणी माजरा तथा जसवीर सिंह जस्सू सहित अन्य नेताओं ने कहा कि जिन बंदी सिंहों ने अपनी कानूनी सजाएं पूरी कर ली हैं, उन्हें लंबे समय तक जेलों में बंद रखना मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर सवाल है।
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नेताओं ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इंकलाब के नाम पर सत्ता में आई सरकार द्वारा बंदी सिंहों की रिहाई के मामले में केवल दिखावटी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के अधिकारों और पंजाबियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। केंद्र सरकार को घेरते हुए नेताओं ने कहा कि जब बंदी सिंह अपनी सजाएं पूरी कर चुके हैं और पीड़ित परिवारों की ओर से भी कई बार यह बात सामने आ चुकी है कि उनकी रिहाई पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, तो फिर सरकार इस मामले में फैसला क्यों नहीं ले रही। उन्होंने कहा कि लोगों को धर्म या वर्ग के आधार पर बांटने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
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इस मौके पर 34 सिंह शहीदां गुरुद्वारा बुंगा साहिब के सेवादार बाबा सतनाम सिंह, बलवीर खान, सूबेदार रोशन लाल दान, मनजीत सिंह, बाबा गुरदीप सिंह चनौली, गुरमीत सिंह मोठापुर, बलवीर सिंह मुन्ने तथा भजन सिंह जट्टपुर सहित कीर्ति किसान मोर्चा के विभिन्न नेता, निहंग सिंह संगठनों के प्रतिनिधि तथा किसान मोर्चों से जुड़ी महिलाएं भी मौजूद रहीं।
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एंबुलेंस व रोगियों को छूट दी गई
चार घंटे के चक्का जाम के दौरान एंबुलेंस, अस्पतालों में इलाज के लिए जाने वाले मरीजों के वाहनों, कीरतपुर साहिब में अस्थियां लेकर जाने वाले वाहनों तथा एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को यातायात के लिए रास्ता दिया गया।
इनसेट
नालागढ़ डिपो के 20 फेरे बाधित रहे
पंजाब में बंद होने के चलते नालागढ़ के पांच रूटों पर चलने वाले 20 से अधिक फेरे प्रभावित रहे। रोपड़ मार्ग पर घनौली, कीरतपुर रोड पर बुंगा साहिब व चंडीगढ़ रोड पर सिसवां टी-पॉइंट पर जाम लगाया गया। चंडीगढ़, ऊना, रोपड़, कीरतपुर, मलेरकोटला व पटियाला की ओर जाने वाली बसें जाम में फंसी रही। एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अखिल अग्निहोत्री ने बताया कि पंजाब बंद होने से पंजाब की ओर जाने वाले 20 ट्रिप बंद रहे। जिससे यातायात प्रभावित रहा लेकिन दोपहर बाद 2 बजे से यातायात सुचारू होने से बसों को चालू कर दिया गया था।
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ट्रक यूनियन नालागढ़ के ट्रक भी जाम में फंसे
एशिया की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन से पंजाब की ओर सामान लेकर जाने वाले ट्रक जाम में फंसे रहे। यह ट्रक घनौली, बुंगा साहिब, टी-पॉइंट पर खड़े रहे। दोपहर बाद जाम खुलने के बाद यह ट्रक पंजाब की ओर रवाना हुए।