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अवैध निर्माण पर नगर परिषद ने भवन मालिकों को थमाए नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Thu, 03 Nov 2016 10:19 AM IST
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शहर में अवैध निर्माण करने वालों के साथ ही सेटबैक नियमों को सख्ती से लागू नहीं करने वाले सात भवन मालिकों को नगर परिषद ने नोटिस थमा दिया है। पिछले दो माह से अब तक 55 भवन मालिकों को नप की ओर से नोटिस जारी किए जा चुके हैं। कंकरीट में बदल रहे सोलन शहर में अवैध निर्माण करने वाले भवन मालिकों और बिल्डरों की मनमानी को रोकने के लिए नगर परिषद ने कड़ा रुख अपनाने का मन बना लिया है। इसी के तहत नप ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।
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वहीं, सेटबैक नियमों को सख्ती से लागू नहीं करने वालों पर भी नगर परिषद शिकंजा कसने की तैयारी में है। इससे पहले सोलन शहर में 48 ऐसे भवन मालिकों की फेहरिस्त तैयार की गई थी, जिन्हें एमसी एक्ट 211 के तहत नोटिस जारी किए गए। इसमें अतिक्रमण करने वालों को तय समय के भीतर निर्माण संबंधी तमाम दस्तावेज जमा करवाने को कहा गया। वहीं, कुछ मामलों में इन भवन मालिकों ने भवन से संबंधित तमाम कागजात नप कार्यालय में जमा कर दिया।
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जबकि कुछ मामले कोर्ट में चल रहे हैं। पिछले कुछ सालों में सेटबैक के सभी नियम दरकिनार हुए बेतरतीब भवनों के निर्माण ने शहर को कंकरीट का जंगल बना दिया है। नगर परिषद की ओर से आयोजित जनरल हाउस में यह मुद्दा कई बार नप अध्यक्ष और पार्षदों की ओर से उठाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई शुरू की गई है। सोलन शहर की आबादी 40 हजार के आसपास है। इसमें केवल 60 प्रतिशत लोग ही सेनिटेशन टैक्स जमा करवाते हैं, जिससे हर माह नप को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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यह है सेटबैक छोड़ने का नियम
टीसीपी के नियमों के तहत नेशनल हाईवे पर पांच मीटर और स्टेट हाईवे पर तीन मीटर जमीन सेटबैक के रूप में छोड़ी जाती है। जमीन पर स्थानीय निकाय का अधिकार रहता है। सेटबैक जमीन पर नगर परिषद को सीवरेज लाइन, पेयजल पाइप लाइन फुटपाथ के निर्माण का अधिकार है, जिसे सही ढंग से लागू नहीं किया जा रहा है। भवन मालिक से लेकर संबंधित विभाग इसे लेकर संजीदा नहीं है। इसके चलते अवैध अतिक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
यह है 211 का नोटिस
भवन निर्माण के समय सेट बैक के नियम तोड़ने, अवैध निर्माण/अतिक्रमण, बिना नक्शों के अप्रूवल और पार्किंग फ्लोर में कामर्शियल कार्य जैसे कार्य करने पर नप द्वारा 211 के तहत नोटिस जारी किए जाते हैं। इसका जवाब भवन मालिक को एक हफ्ते के भीतर नप कार्यालय में दस्तावेजों के साथ जमा करवाना होता है। जवाब सही नहीं पाए जाने पर नप की ओर से भवन मालिक पर नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता ने बताया कि लोगों की शिकायत के आधार पर ऐसे 07 नए भवन मालिकों की सूची जारी कर इन भवन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। जांच में अगर भवन मालिक अवैध निर्माण कार्य करने का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही इस बार जनरल हाउस में अवैध निर्माण करने वालों का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया जाएगा।