फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   No agro prchase centre in Nalagarh for maize crop farmers compelled to sell their prodce on cheap price

बीबीएन में मक्की के लिए नहीं मिल रहा कोई खरीदार

Mon, 11 Oct 2021 11:12 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Oct 2021 11:12 PM IST
विज्ञापन
No agro prchase centre in Nalagarh for maize crop farmers compelled to sell their prodce on cheap price
No agro prchase centre in Nalagarh for maize crop farmers compelled to sell their prodce on cheap price
नालागढ़ (सोलन)। बीबीएन में मक्की के लिए कोई सरकारी खरीद केंद्र नहीं होने से किसानों को अपनी फसल औने-पोने दाम में बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। पहले ही इस बार मक्की की फसल में फाल आर्मी वर्म के प्रकोप से कम पैदावार हुई है। अब बेचने की कोई व्यवस्था न होने से किसान निजी व्यापारियों को सस्ते दाम पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
विज्ञापन

बीबीएन में 9600 हेक्टेयर जमीन पर मक्की की फसल उगाई जाती है और प्रति वर्ष लगभग 24 हजार मीट्रिक टन उत्पादन होता है। यहां किसान इसे नकदी फसल के रूप में उगाते हैं। किसान गेहूं और चावल को खुद खाने के लिए इस्तेमाल करते हैं जबकि मक्की को बेचते हैं। सरकार से मक्की खरीदने की अभी तक कोई व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन

भोगपुर पंचायत के किसान सुरेंद्र कुमार, सनेड़ पंचायत के किसान गुरदेव चंदेल, जगदेव सिंह चंदेल, नालागढ़ के किसान प्रेम चौधरी, खेड़ा के अवतार सैणी, सनेड़ के देवराज चौधरी, किशनपुरा के राम सिंह, सुरजन सैणी, ढांग उपरली के साध राम, इंद्रजीत सैणी, हाकम सिंह, यशवंत बाबा ने बताया कि बीबीएन में मक्की की खेती घाटे का सौदा है। इस साल 1870 रुपये प्रति क्विंटल मक्की का समर्थन मूल्य निकाला है लेकिन खरीद केंद्र नहीं होने से किसानों को यह मूल्य नहीं मिल पाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों ने बताया कि मक्की तैयार करना अन्य फसलों से आसान है। यह कम मेहनत से अच्छा उत्पादन देती है लेकिन उचित दाम न मिलने से किसान इससे मुंह मोड़ने लगे हैं। मक्की को बेचने के लिए कोई भी खरीद केंद्र नहीं है। किसान मक्की के व्यापारियों को ही औने-पोने दाम में बेच रहे हैं।

उधर, कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. राजेश धीमान ने बताया कि एफसीआई केवल धान और गेहूं ही खरीद करता है। मक्की और अन्य उत्पादों के समर्थन मूल्य तो जारी होते हैं लेकिन उन्हें खरीदने की कोई सरकारी व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed