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Solan News: जिले के नौ स्वास्थ्य संस्थानों को मिले 11 नए डॉक्टर
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ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई संजीवनी,लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे थे कई संस्थान
सीएचसी बरठीं में तीन व अन्य संस्थानों में एक-एक चिकित्सक की तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थानों में लंबे समय से चली आ रही डॉक्टरों की कमी को दूर करने की दिशा में बड़ी राहत मिली है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने जॉब ट्रेनी मेडिकल अधिकारियों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं। इनमें जिले के नौ स्वास्थ्य संस्थानों को कुल 11 नए डॉक्टर मिले हैं। यदि सभी चिकित्सक समय पर कार्यभार संभाल लेते हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
जिले के सीएचसी (ईएसआई) पंजगाईं, पीएचसी बप्यार, सीएचसी बरठीं, सीएचसी तलाई, पीएचसी स्वाहण सहित कई स्वास्थ्य संस्थान लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे थे। कई जगह नियमित चिकित्सक नहीं होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए डॉक्टरों के भरोसे चल रही थीं। कई बार डॉक्टर के अवकाश या अन्य कारणों से मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ता था। इसका सबसे अधिक असर दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर पड़ रहा था। बुखार, संक्रमण, चोट, बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सामान्य जांच जैसे प्राथमिक उपचार के लिए भी लोगों को जिला अस्पताल बिलासपुर या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों खर्च होता था, जबकि गंभीर मरीजों के लिए परेशानी और बढ़ जाती थी। अब सरकार द्वारा नए डॉक्टरों की तैनाती से इन स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित ओपीडी, प्राथमिक उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि सभी चिकित्सक निर्धारित समय के भीतर अपने-अपने संस्थानों में कार्यभार ग्रहण कर लेते हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी और लोगों को इलाज के लिए बड़े अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
बिलासपुर जिले में यहां हुई तैनाती
सीएचसी बरठीं को तीन डॉक्टर, सीएचसी (ईएसआई) पंजगाईं, पीएचसी बप्यार, सीएचसी तलाई, पीएचसी स्वाहण, पीएचसी पंतेहड़ा ,पीएचसी भेड़ी, सीएचसी घवांडल, पीएचसी गाह-घोड़ी, सभी नियुक्त चिकित्सकों को सात दिन के भीतर अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इन नियुक्तियों से ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत होगी और प्राथमिक उपचार के लिए भी लोगों को बड़े अस्पतालों के चक्कर लगाने की मजबूरी काफी हद तक समाप्त होगी।
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सीएचसी बरठीं में तीन व अन्य संस्थानों में एक-एक चिकित्सक की तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थानों में लंबे समय से चली आ रही डॉक्टरों की कमी को दूर करने की दिशा में बड़ी राहत मिली है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने जॉब ट्रेनी मेडिकल अधिकारियों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं। इनमें जिले के नौ स्वास्थ्य संस्थानों को कुल 11 नए डॉक्टर मिले हैं। यदि सभी चिकित्सक समय पर कार्यभार संभाल लेते हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
जिले के सीएचसी (ईएसआई) पंजगाईं, पीएचसी बप्यार, सीएचसी बरठीं, सीएचसी तलाई, पीएचसी स्वाहण सहित कई स्वास्थ्य संस्थान लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे थे। कई जगह नियमित चिकित्सक नहीं होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए डॉक्टरों के भरोसे चल रही थीं। कई बार डॉक्टर के अवकाश या अन्य कारणों से मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ता था। इसका सबसे अधिक असर दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर पड़ रहा था। बुखार, संक्रमण, चोट, बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सामान्य जांच जैसे प्राथमिक उपचार के लिए भी लोगों को जिला अस्पताल बिलासपुर या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों खर्च होता था, जबकि गंभीर मरीजों के लिए परेशानी और बढ़ जाती थी। अब सरकार द्वारा नए डॉक्टरों की तैनाती से इन स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित ओपीडी, प्राथमिक उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि सभी चिकित्सक निर्धारित समय के भीतर अपने-अपने संस्थानों में कार्यभार ग्रहण कर लेते हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी और लोगों को इलाज के लिए बड़े अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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बिलासपुर जिले में यहां हुई तैनाती
सीएचसी बरठीं को तीन डॉक्टर, सीएचसी (ईएसआई) पंजगाईं, पीएचसी बप्यार, सीएचसी तलाई, पीएचसी स्वाहण, पीएचसी पंतेहड़ा ,पीएचसी भेड़ी, सीएचसी घवांडल, पीएचसी गाह-घोड़ी, सभी नियुक्त चिकित्सकों को सात दिन के भीतर अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इन नियुक्तियों से ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत होगी और प्राथमिक उपचार के लिए भी लोगों को बड़े अस्पतालों के चक्कर लगाने की मजबूरी काफी हद तक समाप्त होगी।
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