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Solan News: घणागुघाट पंचायत शेरपुर के कैंची में सड़क में फंसी नई इलेक्ट्रिक बस
Tue, 18 Aug 2026 12:25 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Tue, 18 Aug 2026 12:25 AM IST
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घणागुघाट पंचायत के शेरपुर की कैंची पर सड़क में फंसी एचआरटीसी की नई इलेक्ट्रिक बस को निकालने के
मोड़ पर बस की बॉडी सड़क से टच होने के बाद रोकनी पड़ी वहीं पर
बस के फंसने से अन्य वाहनों की आवाजाही भी हुई काफी देर तक प्रभावित
ग्रामीणों ने रूट के निरीक्षण की उठाई मांग, कहा सड़क है उबड़-खाबड़
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट(सोलन)। घणागुघाट पंचायत के शेरपुर की कैंची पर सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे बुघार-दाड़ला से अर्की जा रही एचआरटीसी सोलन डिपो की नई इलेक्ट्रिक बस सड़क पर फंस गई। बस के काफी देर तक सड़क पर फंसे रहने से मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार कैंची मोड़ से बस निकालते समय उसकी बॉडी नीचे से सड़क से टच हो गई, जिसके बाद बस आगे-पीछे नहीं हो सकी।
मौके पर मौजूद घणागुघाट पंचायत के उपप्रधान हरीश कुमार व अन्य प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि ग्रामीण रूट पर नई इलेक्ट्रिक बस चलाने से पहले सड़क की स्थिति और बस की तकनीकी क्षमता के बीच अनुकूलता का मौके पर निरीक्षण किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा लोगों के लिए बेहद जरूरी है, इसलिए विभाग को सड़क की वास्तविक स्थिति को देखते हुए यह तय करना चाहिए कि किस मार्ग पर कौन सी बस सुरक्षित और सुचारु रूप से चल सकती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की कई सड़कों पर तीखे मोड़, ऊबड़-खाबड़ हिस्से और कम चौड़ाई जैसी परिस्थितियां हैं। ऐसे में बस सेवा के संचालन से पहले पूरे रूट का तकनीकी एवं सड़क स्तर पर निरीक्षण यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है।
उन्होंने परिवहन विभाग और एचआरटीसी से बरसात के दिनों में अर्की क्षेत्र के ग्रामीण रूटों का मौके पर निरीक्षण करने का भी आग्रह किया। बस के सड़क पर फंसने के बाद स्थानीय लोगों ने समाजसेवक एवं सरकारी ठेकेदार अतुल शर्मा से मदद मांगी। स्थानीय लोगों के अनुसार उन्होंने करीब दस किलोमीटर दूर चल रहे अपने काम से जेसीबी और लेबर मौके पर भेजी। जेसीबी और लेबर की मदद से बस के फंसे हिस्से के नीचे सड़क की आवश्यक खुदाई कर उसे समतल किया गया। इसके बाद बस को बाहर निकालकर उसके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। स्थानीय लोगों ने मदद के लिए अतुल शर्मा का आभार जताया।
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उधर, एचआरटीसी अर्की के अड्डा इंचार्ज राजेंद्र ने बताया कि इस रूट पर इससे पहले भी दो बार बस का सफल संचालन हो चुका है। कहा कि इस बार चालक नया होने और कैंची मोड़ पर सड़क का हिस्सा समतल न होने के कारण बस थोड़ी फंस गई थी, जिसे बाद में निकाल दिया गया।
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बस के फंसने से अन्य वाहनों की आवाजाही भी हुई काफी देर तक प्रभावित
ग्रामीणों ने रूट के निरीक्षण की उठाई मांग, कहा सड़क है उबड़-खाबड़
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट(सोलन)। घणागुघाट पंचायत के शेरपुर की कैंची पर सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे बुघार-दाड़ला से अर्की जा रही एचआरटीसी सोलन डिपो की नई इलेक्ट्रिक बस सड़क पर फंस गई। बस के काफी देर तक सड़क पर फंसे रहने से मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार कैंची मोड़ से बस निकालते समय उसकी बॉडी नीचे से सड़क से टच हो गई, जिसके बाद बस आगे-पीछे नहीं हो सकी।
मौके पर मौजूद घणागुघाट पंचायत के उपप्रधान हरीश कुमार व अन्य प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि ग्रामीण रूट पर नई इलेक्ट्रिक बस चलाने से पहले सड़क की स्थिति और बस की तकनीकी क्षमता के बीच अनुकूलता का मौके पर निरीक्षण किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा लोगों के लिए बेहद जरूरी है, इसलिए विभाग को सड़क की वास्तविक स्थिति को देखते हुए यह तय करना चाहिए कि किस मार्ग पर कौन सी बस सुरक्षित और सुचारु रूप से चल सकती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की कई सड़कों पर तीखे मोड़, ऊबड़-खाबड़ हिस्से और कम चौड़ाई जैसी परिस्थितियां हैं। ऐसे में बस सेवा के संचालन से पहले पूरे रूट का तकनीकी एवं सड़क स्तर पर निरीक्षण यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है।
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उन्होंने परिवहन विभाग और एचआरटीसी से बरसात के दिनों में अर्की क्षेत्र के ग्रामीण रूटों का मौके पर निरीक्षण करने का भी आग्रह किया। बस के सड़क पर फंसने के बाद स्थानीय लोगों ने समाजसेवक एवं सरकारी ठेकेदार अतुल शर्मा से मदद मांगी। स्थानीय लोगों के अनुसार उन्होंने करीब दस किलोमीटर दूर चल रहे अपने काम से जेसीबी और लेबर मौके पर भेजी। जेसीबी और लेबर की मदद से बस के फंसे हिस्से के नीचे सड़क की आवश्यक खुदाई कर उसे समतल किया गया। इसके बाद बस को बाहर निकालकर उसके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। स्थानीय लोगों ने मदद के लिए अतुल शर्मा का आभार जताया।
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उधर, एचआरटीसी अर्की के अड्डा इंचार्ज राजेंद्र ने बताया कि इस रूट पर इससे पहले भी दो बार बस का सफल संचालन हो चुका है। कहा कि इस बार चालक नया होने और कैंची मोड़ पर सड़क का हिस्सा समतल न होने के कारण बस थोड़ी फंस गई थी, जिसे बाद में निकाल दिया गया।

घणागुघाट पंचायत के शेरपुर की कैंची पर सड़क में फंसी एचआरटीसी की नई इलेक्ट्रिक बस को निकालने के