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सोलन में नए नोट नहीं मिले, पुराने के लिए छूटे पसीने

Thu, 10 Nov 2016 10:26 PM IST
ब्यूरो, सोलन
ब्यूरो, सोलन Updated Thu, 10 Nov 2016 10:26 PM IST
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New currency not avaible in solan city
500 और 1000 के नोटों पर प्रतिबंध के दूसरे दिन खुले बैंक कारोबारियों, निजी कर्मचारियों और आम लोगों के लिए परेशानी लेकर आए - फोटो : demo pic

500 और 1000 के नोटों पर प्रतिबंध के दूसरे दिन खुले बैंक कारोबारियों, निजी कर्मचारियों और आम लोगों के लिए परेशानी लेकर आए। बैंकों में नए नोट नहीं मिले जबकि पुराने नोटों को एक्सचेंज कराने में जनता को खासी परेशानी उठानी पड़ी। देर शाम तक इक्का-दुक्का को छोड़कर अन्य बैंकों में नई करेंसी नहीं पहुंची।

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लोग लंबी कतारों में नए पुराने नोटों के बदले में नई करेंसी के इंतजार में रहे। लेकिन उन्हें पुरानी करेंसी ही मिली। आलम यह रहा कि कई बैंकों में दोपहर बाद कैश खत्म हो गया। इस कारण लोगों को बैरंग ही लौटना पड़ा। निजी कंपनियों का कैश भी नहीं लिया गया। यहां तक कि 100-100 के नोट भी कंपनी के खातों में जमा नहीं किए गए। तर्क दिया कि बिना कंपनी की अथारिटी लेटर के कोई भी कैश नहीं लिया जाएगा। इसके चलते लोगों को लंबी कतारों में खड़े रहना पड़ा। दिनभर भारी परेशानी झेलनी पड़ी। सोलन, बीबीएन और परवाणू के बैंकों में सबसे अधिक हाल बेहाल रहे।
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उपायुक्त डॉ. राकेश कंवर ने कहा कि सरकार के दिशानिर्देशों की अनुपालना के लिए बैंकों को निर्देश दिए हैं। व्यवस्था सही होने में कुछ समय तो लगेगा ही।

मुख्य बैंकों में एक्सचेंज के औसतन आवेदन
पीएनबी बैंक शाखा     3000
एसबीआई/ओपी       3600
कैनरा बैंक             1026
आईसीआईसीआई     1600
एचडीएफसी          1750

लाइव
पंजाब नैशनल बैंक माल रोड पर सुबह 10 बजे ही भारी भीड़ एकत्रित हो गई। भीड़ को काबू में रखने के लिए पुलिस का पहरा रहा। काउंटर पर दो कर्मचारियों की व्यवस्था की थी। एक व्यक्ति नोटों को बदलने की प्रक्रिया को समझा रहा था तो दूसरा बैंक में रकम जमा करने संबंधित औपचारिकताएं उपभोक्ताओं को बता रहा है। लेकिन भारी रश होने के कारण सब अस्तव्यस्त दिखा। साढ़े 10 बजे बुजुर्ग और महिलाएं काफी संख्या में पहुंच गईं और रकम जमा करवाने तथा बदलने को लेकर बहसबाजी शुरू कर दी। लेकिन बाद में बैंक कर्मचारियों के समझाने पर माहौल शांत हुआ।
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लाइव-2
माल रोड स्थित एचडीएफसी का दरवाजा बंद दिखा। अंदर भारी भीड़ होने के चलते सुरक्षा गार्ड ने लोगों को अंदर जाने से रोक दिया। लंबी कतारें लग गईं। इससे कई बार लोगों ने अपना आपा भी खो दिया। लेकिन समझाने के बाद मामले को शांत किया गया। इस बैंक में कंपनियों के लेनदेन पर काफी सख्ती रही। यहां तक की रोजाना कारोबार का कैश कंपनी के खाते में जमा करवाने पर मना कर दिया गया। आनलाइन ट्रांजेक्शन चलती रही। वहीं एसबीओपी माल रोड और राजगढ़ रोड में भी स्थिति यहीं रही। नए नोट नहीं मिले जबकि पुराने नोटों को एक्सचेंज कराने में आम जनता के पसीने छूटे। कैश खत्म होने पर लोगों को चिल्लर थमा दी गई।

सुबाथू और कुनिहार में
भी झेलनी पड़ी दिक्कत
सुबाथू/कुनिहार। सुबाथू में वीरवार को आम लोगों के बीच 500 और 1000 के नोटों को लेकर अफरातफरी रही। एटीएम बंद रहने के चलते लोग कैश निकाल नहीं सके। हालांकि बैंकों में लोग कैश निकालने के लिए गए। लेकिन भारी रश के चलते ज्यादातर लोग कैश निकाल नहीं सके। इसके कारण दुकानदारों को भी मंदी की मार झेलनी पड़ी। सैनिक क्षेत्र में सैनिकों के परिजनों को बाजार में सामान खरीदने पर एक दूसरे पर निर्भर रहना पड़ा। कोई भी दुकानदार 500 और 1000 के नोट लेने को तैयार नहीं था। हालांकि कुछ एक दुकानदारों ने अपने ग्राहकों की मजबूरी देखते हुए इन नोटों को लिया। वहीं कुनिहार में भी सुबह से यही हाल रहा। लोग सुबह 10 बजे ही बैंक के द्वार पर अपना कैश जमा व बदलवाने के लिए खड़े हो गए। लेकिन ज्यादा रश होने कारण कुछ लोगों को बैरंग ही घर लौटना पड़ा।

नए नोट की जगह मिली चिल्लर
बैंक में नए नोट न पहुंचने से लोगों में निराश रही। अधिक परेशानी तब हुई जब लोगों को बैंक से दो हजार के नोट की जगह 10-10 रुपये के सिक्के लेकर घर जाना पड़ा। शहर के एक-दो बैंक में पहुंचे नए नोटों को लेकर कुछ लोग उत्साहित भी नजर आए।

बड़े बैंक सुधारे व्यवस्था
लोगों ने एसबीआई जैसे बड़े बैंकों में कैश काउंटर की संख्या को नाममात्र बढ़ाने की शिकायत की। कहा कि बैंक में पूरा दिन एक सौ से अधिक लोग लाइनों में खड़े रहे। इस कारण उन्हें काफी लंबा इंतजार करना पड़ा है। लोगों ने कहा कि केवल चार हजार के लिए उन्हें अपने कामकाज को छोड़कर बैंकों में घंटों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

और अतिरिक्त कैश काउंटर भी पड़ गए कम  
बद्दी (सोलन)। केंद्र सरकार की करेंसी पर आरंभ सर्जिकल स्ट्राइक के पहले दिन औद्योगिक शहर बीबीएन का आम जन जीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा है। पांच सौ व एक हजार के नोट का बाजार में पुरी तरह बैन नजर आने से बीबीएन के बैंकों में लोगों की भीड़ जुटी रही। हालात यह रहे कि पहले दिन बैंकों में नोटों की एक्सचेंजिंग व जमा बंदी को लेकर लोगों को लंबी कतारों में घंटों इंतजार को मजबूर रहना पड़ा। परेशानी भरे इस पहले दिन में छोटा कारोबार लगभग 80 फीसदी तक प्रभावित रहा। बाजार में खरीददारी न के बराबर रही। वहीं बैंकों में आरबीआई के निर्देशों के अनुरूप अतिरिक्त कैश काउंटर होने के बावजूद लोगों को कैश काउंटर तक पहुंचने के लिए बैंक के बाहर तक लाईनों में खड़े रहना पड़ा। बैंकों में पैसों के लेन-देन को लेकर भीड़ को देखते हुए बीबीएन में बैंकों के निकट पुलिस की गश्त भी दिनभर मौजूद रही। एसपी बशेर सिंह ने कहा कि पुलिस आगामी दिनों में लगातार इस प्रकार बैंकों के आसपास गश्त का काम करेगी।

बददी टोल बैरियर पर कटा टैक्स
एनएच-21ए पर बददी टोल बैरियर पर टैक्स काटने को लेकर भी माहौल गरम रहा। कई वाहन चालकों की टोल कंपनी के साथ बहस के चलते सड़क पर जाम की समस्या रही। एईटीसी बद्दी राजीव डोगरा ने कहा कि केवल एनएचएआई के अधीन आने वाले राजमार्ग पर ही टोल को माफ किया है। राज्य सरकार से टोल माफ करने को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं।
बैंकों के बाहर खाकी की निगरानी
लोगों द्वारा बैंकों में कैश जमा व एक्सचेंजिंग को लेकर किसी अप्रिय घटना का अंदेशा देखते हुए पुलिस खाकी वर्दी में गश्त करती नजर आई। बीबीएन में दिन भर पुलिस बैंक प्रबंधकों व सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी करती रही।

बैंकों के बाहर लगा जाम बैंकों में अचानक लोगों के आवागमन में 10 गुना तक की बढ़ोतरी के चलते साईं रोड़ पर जाम जैसी स्थिति दिन भर बनी रही। बददी के अधिकतर बैंक इसी मार्ग पर होने के चलते लोग खासे परेशान रहे।

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