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Solan News: नेम चंद ठाकुर की नई पुस्तक लामा हैं तो जोमो भी हैं प्रकाशित
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किन्नौर जनपद को केंद्र में रखकर लिखी हैं यह पुस्तक
संवाद न्यूज एजेंसी
अर्की (सोलन)। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध इतिहासवेत्ता नेम चंद ठाकुर की नवीन पुस्तक ‘लामा हैं तो जोमो भी हैं’ प्रकाशित हुई है। किन्नौर जनपद को केंद्र में रखकर लिखी गई यह पुस्तक 312 पृष्ठों और 44 छायाचित्रों से सुसज्जित है, जिसे दिल्ली स्थित चंद्रमुखी प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। पुस्तक की भूमिका में लेखक ने किन्नर जाति की ऐतिहासिक और भौगोलिक पहचान की विस्तृत पड़ताल की है। साथ ही विभिन्न यात्राओं के अनुभवों के माध्यम से किन्नौर के जनजीवन, इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और बौद्ध धर्म पर प्रकाश डाला गया है। पुस्तक का लगभग आधा भाग बौद्ध सन्यासियों के जीवन, शिक्षा, इतिहास, संस्कृति और दैनिक दिनचर्या पर केंद्रित है। इसके अलावा लेखक ने किन्नर कैलाश यात्रा, किन्नर कैलाश परिक्रमा, यूला कांडा और जंगराम गोरी यात्राओं के दौरान एकत्रित जानकारी भी साझा की है। अर्की तहसील के अंदरौली गांव से संबंध रखने वाले नेम चंद ठाकुर पिछले करीब 10 वर्षों से किन्नौर क्षेत्र की यात्राएं कर रहे हैं। यह उनकी नौवीं पुस्तक है। उल्लेखनीय है कि नेम चंद ठाकुर को वर्ष 2023 में हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें वर्ष 2024 के लिए लखनऊ की शब्दशत्ता पत्रिका और वर्ष 2025 के लिए कुल्लू स्थित भूट्टिको विवर्ज द्वारा पुरोहित चंद्रशेखर बेबस लोक साहित्य राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अर्की (सोलन)। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध इतिहासवेत्ता नेम चंद ठाकुर की नवीन पुस्तक ‘लामा हैं तो जोमो भी हैं’ प्रकाशित हुई है। किन्नौर जनपद को केंद्र में रखकर लिखी गई यह पुस्तक 312 पृष्ठों और 44 छायाचित्रों से सुसज्जित है, जिसे दिल्ली स्थित चंद्रमुखी प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। पुस्तक की भूमिका में लेखक ने किन्नर जाति की ऐतिहासिक और भौगोलिक पहचान की विस्तृत पड़ताल की है। साथ ही विभिन्न यात्राओं के अनुभवों के माध्यम से किन्नौर के जनजीवन, इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और बौद्ध धर्म पर प्रकाश डाला गया है। पुस्तक का लगभग आधा भाग बौद्ध सन्यासियों के जीवन, शिक्षा, इतिहास, संस्कृति और दैनिक दिनचर्या पर केंद्रित है। इसके अलावा लेखक ने किन्नर कैलाश यात्रा, किन्नर कैलाश परिक्रमा, यूला कांडा और जंगराम गोरी यात्राओं के दौरान एकत्रित जानकारी भी साझा की है। अर्की तहसील के अंदरौली गांव से संबंध रखने वाले नेम चंद ठाकुर पिछले करीब 10 वर्षों से किन्नौर क्षेत्र की यात्राएं कर रहे हैं। यह उनकी नौवीं पुस्तक है। उल्लेखनीय है कि नेम चंद ठाकुर को वर्ष 2023 में हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें वर्ष 2024 के लिए लखनऊ की शब्दशत्ता पत्रिका और वर्ष 2025 के लिए कुल्लू स्थित भूट्टिको विवर्ज द्वारा पुरोहित चंद्रशेखर बेबस लोक साहित्य राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।