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चंडीगढ़ के लिए नए मार्ग की डिमार्केशन पूरी, वन विभाग से मांगी एनओसी
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नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ से होकर चंडीगढ़ को मात्र 30 किमी दूरी वाले नए बनने वाले मार्ग को लेकर लोनिवि नालागढ़ मंडल ने इसकी जद में आने वाली भूमि की डिमार्केशन करवा ली है। अब इस मार्ग में आने वाली भूमि के लिए वन विभाग से एनओसी मांगी गई है।
एनओसी मिलते ही इस मार्ग के निर्माण की आगामी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। हिमाचल सीमा का इसमें नालागढ़ से सैणीमाजरा मंझौली, झीड़ा लखनपुर तक करीब 10 किलोमीटर मार्ग आता है जहां से आगे पंजाब की सीमा का गगोट माजरी गांव आता है। इस चार किलोमीटर मार्ग में दो किलोमीटर हिस्सा हिमाचल और दो किलोमीटर भाग पंजाब का है। इस चार किलोमीटर सड़क के निर्माण से यह सड़क पूरी तरह से आपस में जुड़ जाएगी। यह चंडीगढ़ वाले मार्ग पर परखाली के पास मार्ग मिल जाएगा।
चंडीगढ़ की दूरी होगी कम
इस मार्ग के बनने से नालागढ़ से चंडीगढ़ की दूरी करीब 30 किलोमीटर ही रह जाएगी। इससे लोगों को चंडीगढ़ पहुंचना और आसान हो जाएगा। पंजाब के इस क्षेत्र के लोगों को नालागढ़ सहित प्रदेश की राजधानी शिमला को वाया कुनिहार होकर जाने में सुगमता होगी। नए मार्ग के बनने से नालागढ़-बद्दी हाईवे पर लगने वाले जाम से छुटकारा मिलेगा। वहीं चंडीगढ़ जाने वाले लोगों को भी सहूलियत मिलेगी। नालागढ़ के विधायक लखविंदर राणा ने इसकी पहल कर हिमाचल और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से पत्राचार किया। वहीं विधानसभा में मामले को प्रमुखता से उठाया है। इस पर प्रदेश सरकार ने इस मार्ग को लेकर आश्वस्त किया और अब वन भूमि की डिमार्केशन करवाकर वन विभाग की एनओसी मांगी गई है।
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तैयार की है मार्ग की प्रपोजल
नालागढ़ के विधायक लखविंदर राणा ने कहा कि लोगों की सुविधा को देखते हुए इस नई सड़क की प्रपोजल बनाई गई है। हिमाचल सरकार ने इसका प्रोसेस शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के हिस्से वाली सड़क को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री और लोनिवि मंत्री से वार्ता चली हुई है। जल्द ही वह इस मसले को लेकर उनसे जल्द भेंट भी करेंगे।
डिमार्केशन का कार्य किया पूरा
एक्सईएन लोनिवि नालागढ़ मंडल संजीव अग्निहोत्री ने कहा कि इस नए मार्ग को लेकर हिमाचल के हिस्से की आने वाली जमीन की डिमार्केशन कर ली गई है। इसका मामला बनाकर वन विभाग को एनओसी के लिए भेजा जा रहा है। एनओसी मिलने के बाद आगामी प्रक्रिया शुरू होगी।
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एनओसी मिलते ही इस मार्ग के निर्माण की आगामी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। हिमाचल सीमा का इसमें नालागढ़ से सैणीमाजरा मंझौली, झीड़ा लखनपुर तक करीब 10 किलोमीटर मार्ग आता है जहां से आगे पंजाब की सीमा का गगोट माजरी गांव आता है। इस चार किलोमीटर मार्ग में दो किलोमीटर हिस्सा हिमाचल और दो किलोमीटर भाग पंजाब का है। इस चार किलोमीटर सड़क के निर्माण से यह सड़क पूरी तरह से आपस में जुड़ जाएगी। यह चंडीगढ़ वाले मार्ग पर परखाली के पास मार्ग मिल जाएगा।
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चंडीगढ़ की दूरी होगी कम
इस मार्ग के बनने से नालागढ़ से चंडीगढ़ की दूरी करीब 30 किलोमीटर ही रह जाएगी। इससे लोगों को चंडीगढ़ पहुंचना और आसान हो जाएगा। पंजाब के इस क्षेत्र के लोगों को नालागढ़ सहित प्रदेश की राजधानी शिमला को वाया कुनिहार होकर जाने में सुगमता होगी। नए मार्ग के बनने से नालागढ़-बद्दी हाईवे पर लगने वाले जाम से छुटकारा मिलेगा। वहीं चंडीगढ़ जाने वाले लोगों को भी सहूलियत मिलेगी। नालागढ़ के विधायक लखविंदर राणा ने इसकी पहल कर हिमाचल और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से पत्राचार किया। वहीं विधानसभा में मामले को प्रमुखता से उठाया है। इस पर प्रदेश सरकार ने इस मार्ग को लेकर आश्वस्त किया और अब वन भूमि की डिमार्केशन करवाकर वन विभाग की एनओसी मांगी गई है।
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तैयार की है मार्ग की प्रपोजल
नालागढ़ के विधायक लखविंदर राणा ने कहा कि लोगों की सुविधा को देखते हुए इस नई सड़क की प्रपोजल बनाई गई है। हिमाचल सरकार ने इसका प्रोसेस शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के हिस्से वाली सड़क को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री और लोनिवि मंत्री से वार्ता चली हुई है। जल्द ही वह इस मसले को लेकर उनसे जल्द भेंट भी करेंगे।
डिमार्केशन का कार्य किया पूरा
एक्सईएन लोनिवि नालागढ़ मंडल संजीव अग्निहोत्री ने कहा कि इस नए मार्ग को लेकर हिमाचल के हिस्से की आने वाली जमीन की डिमार्केशन कर ली गई है। इसका मामला बनाकर वन विभाग को एनओसी के लिए भेजा जा रहा है। एनओसी मिलने के बाद आगामी प्रक्रिया शुरू होगी।