{"_id":"62a4bcc16a6460288c2d0ac8","slug":"mobile-health-team-to-go-door-to-door-to-collect-malaria-dengue-and-covid-sample-solan-news-sml411764119","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल टीम घर-घर जाकर लेगी डेंगू, मलेरिया और कोविड के सैंपल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोबाइल टीम घर-घर जाकर लेगी डेंगू, मलेरिया और कोविड के सैंपल
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में जीवन धारा मिशन के तहत लोगों को घर-द्वार पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मोबाइल टीम का गठन किया है। ये टीमें लोगों को जागरूक कर उनके स्वास्थ्य की जांच भी करेंगी। इसमें खास फोकस औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन और परवाणू पर रहेगा। यहां से डेंगू और मलेरिया को लेकर सैंपल भी लिए जाएंगे।
इस मिशन की शुरुआत अर्की क्षेत्र से कर दी गई है जहां पर लोगों को घर-द्वार पर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाई जा रही है और लोगों का इलाज भी किया जा रहा है। कोविड के चलते जून 2020 के बाद यह सेवा विभाग की ओर से बंद की गई थी।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने जीवन धारा मिशन की शुरुआत कोरोना काल से पहले की थी। इसके लिए सात जिलों का चयन हुआ था जिसमें अर्की क्षेत्र भी है। इस मिशन के लिए सरकार ने मोबाइल मेडिकल वैन दी थी और चार सदस्य टीम बनाई थी।
विज्ञापन
टीम के बनाने के बाद लोगों को इसकी सुविधा दी जाने लगी। कोरोना के चलते इस मिशन पर ब्रेक लग गई और वाहन का प्रयोग जिले में कोरोना टेस्टिंग के लिए किया गया। अब कोरोना संक्रमण कम होने के बाद लोगों को घर-द्वार पर इस यूनिट की सुविधा देने का फैसला लिया गया है।
रैपिड जांच भी होगी संभव
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजय सिंह ने कहा कि मोबाइल यूनिट कोविड काल में काफी प्रभावी सिद्ध हुई। अब इस वैन का प्रयोग दोबारा लोगों को चिकित्सा सुविधा देने में किया गया है। गांव स्तर तक वैन से सुविधा दी जाएगी। इसकी शुरूआत अर्की क्षेत्र से कर दी गई है। विशेष ध्यान औद्योगिक क्षेत्र में रहेगा। लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने के साथ-साथ डेंगू की रैपिड जांच भी की जाएगी।
विज्ञापन
सोलन। जिले में जीवन धारा मिशन के तहत लोगों को घर-द्वार पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मोबाइल टीम का गठन किया है। ये टीमें लोगों को जागरूक कर उनके स्वास्थ्य की जांच भी करेंगी। इसमें खास फोकस औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन और परवाणू पर रहेगा। यहां से डेंगू और मलेरिया को लेकर सैंपल भी लिए जाएंगे।
इस मिशन की शुरुआत अर्की क्षेत्र से कर दी गई है जहां पर लोगों को घर-द्वार पर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाई जा रही है और लोगों का इलाज भी किया जा रहा है। कोविड के चलते जून 2020 के बाद यह सेवा विभाग की ओर से बंद की गई थी।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने जीवन धारा मिशन की शुरुआत कोरोना काल से पहले की थी। इसके लिए सात जिलों का चयन हुआ था जिसमें अर्की क्षेत्र भी है। इस मिशन के लिए सरकार ने मोबाइल मेडिकल वैन दी थी और चार सदस्य टीम बनाई थी।
विज्ञापन
टीम के बनाने के बाद लोगों को इसकी सुविधा दी जाने लगी। कोरोना के चलते इस मिशन पर ब्रेक लग गई और वाहन का प्रयोग जिले में कोरोना टेस्टिंग के लिए किया गया। अब कोरोना संक्रमण कम होने के बाद लोगों को घर-द्वार पर इस यूनिट की सुविधा देने का फैसला लिया गया है।
रैपिड जांच भी होगी संभव
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजय सिंह ने कहा कि मोबाइल यूनिट कोविड काल में काफी प्रभावी सिद्ध हुई। अब इस वैन का प्रयोग दोबारा लोगों को चिकित्सा सुविधा देने में किया गया है। गांव स्तर तक वैन से सुविधा दी जाएगी। इसकी शुरूआत अर्की क्षेत्र से कर दी गई है। विशेष ध्यान औद्योगिक क्षेत्र में रहेगा। लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने के साथ-साथ डेंगू की रैपिड जांच भी की जाएगी।