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Solan News: दूसरे राज्यों से आने वाले दूध और डेयरी उत्पादों की सीमाओं पर होगी जांच
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सोलन के उपायुक्त कार्यालय में आयोजित खाद्य सुरक्षा और विनियमन विभाग की जिला स्तरीय सलाहकार समित
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खाद्य सुरक्षा और विनियमन विभाग द्वारा गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में डीसी ने दिए निर्देश
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नियमों का पालन सख्ती से करवाने को कहा
जन विश्वास एक्ट के तहत संशोधित टर्नओवर और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं की भी दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। खाद्य सुरक्षा और विनियमन विभाग द्वारा गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की आठवीं बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने की। बैठक में जिलाधीश ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नियमों के सख्त पालन के निर्देश दिए। जिलाधीश ने मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन के माध्यम से बाहरी राज्यों से आने वाले दूध और डेयरी उत्पादों की सीमाओं पर कड़ी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान सदस्य सचिव एवं सहायक आयुक्त खाद्य, डॉ. अतुल कायस्था ने अप्रैल 2026 से लागू जन विश्वास एक्ट के तहत संशोधित टर्नओवर और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं के बारे में बताया गया। नगरपालिका अधिनियम 1994 के तहत पंजीकृत स्ट्रीट फूड वेंडर्स को खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत रजिस्ट्रेशन में दी गई छूट की जानकारी दी गई। जिलाधीश ने आंगनबाड़ी केंद्रों, मिड-डे मील, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (डिपो) और शराब कारोबारियों को अनिवार्य रूप से लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन लेने के आदेश जारी किए।
उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में 1719 लाइसेंस और 8649 रजिस्ट्रेशन धारक सक्रिय हैं। विभाग को फीस के माध्यम से 61,08,000 रुपये प्राप्त हुए। जिले से कुल 331 लीगल सैंपल भरे गए, जिनमें से 302 की रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें से 54 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अतिरिक्त 459 सर्विलांस सैंपल भी जांचे गए। अदालतों में 31 सिविल व क्रिमिनल केस दायर किए गए। 55 सिविल और 8 क्रिमिनल मामलों में फैसला सुनाते हुए 10,31,000 रुपये का जुर्माना और सजा सुनाई गई।
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विभाग ने 334 लोगों को प्रशिक्षण दिया और जटोली मंदिर व शूलिनी मंदिर में भोग के तहत ऑडिट कराया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले 6 खाद्य कारोबारियों को हाइजीन रेटिस प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
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खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नियमों का पालन सख्ती से करवाने को कहा
जन विश्वास एक्ट के तहत संशोधित टर्नओवर और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं की भी दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। खाद्य सुरक्षा और विनियमन विभाग द्वारा गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की आठवीं बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने की। बैठक में जिलाधीश ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नियमों के सख्त पालन के निर्देश दिए। जिलाधीश ने मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन के माध्यम से बाहरी राज्यों से आने वाले दूध और डेयरी उत्पादों की सीमाओं पर कड़ी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान सदस्य सचिव एवं सहायक आयुक्त खाद्य, डॉ. अतुल कायस्था ने अप्रैल 2026 से लागू जन विश्वास एक्ट के तहत संशोधित टर्नओवर और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं के बारे में बताया गया। नगरपालिका अधिनियम 1994 के तहत पंजीकृत स्ट्रीट फूड वेंडर्स को खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत रजिस्ट्रेशन में दी गई छूट की जानकारी दी गई। जिलाधीश ने आंगनबाड़ी केंद्रों, मिड-डे मील, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (डिपो) और शराब कारोबारियों को अनिवार्य रूप से लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन लेने के आदेश जारी किए।
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उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में 1719 लाइसेंस और 8649 रजिस्ट्रेशन धारक सक्रिय हैं। विभाग को फीस के माध्यम से 61,08,000 रुपये प्राप्त हुए। जिले से कुल 331 लीगल सैंपल भरे गए, जिनमें से 302 की रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें से 54 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अतिरिक्त 459 सर्विलांस सैंपल भी जांचे गए। अदालतों में 31 सिविल व क्रिमिनल केस दायर किए गए। 55 सिविल और 8 क्रिमिनल मामलों में फैसला सुनाते हुए 10,31,000 रुपये का जुर्माना और सजा सुनाई गई।
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विभाग ने 334 लोगों को प्रशिक्षण दिया और जटोली मंदिर व शूलिनी मंदिर में भोग के तहत ऑडिट कराया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले 6 खाद्य कारोबारियों को हाइजीन रेटिस प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।