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मलौण क्षेत्र में बारिश से मक्की और टमाटर की फसल तबाह
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नालागढ़ के मलौण क्षेत्र में तेज हवा व बारिश से जमीन पर बिछी टमाटर की फसल। संवाद
- फोटो : SOLAN
नालागढ़ (सोलन)। मलौण क्षेत्र में बारिश के साथ तेज हवा से किसानों की फसलों पर पानी फिर गया है। नकदी फसल टमाटर और मक्की हवा के साथ जमीन पर बिछ गई। तेज बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं बारिश का पानी खेतों में भर जाने से क्षेत्र के किसानों की फसलें चौपट हो गई है।
वहीं, निरंतर बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें देखी जा सकती हैं। किसान प्रशासन से अतिवर्षा से बर्बाद फसलों का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है।
किसान जगन्नाथ शर्मा ने बताया कि पिछले दो वर्षों से कोरोना की वजह से आर्थिक मंदी झेल रहे किसानों की फसल भी खत्म हो गई। ऐसे में उन्हें परिवार के पालन पोषण की चिंता सताने लगी है। किसानों के पास खेती के अलावा दूसरा कोई रोजी-रोटी का साधन नहीं है। सरकार किसानों को राहत देकर फसलों का मुआवजा दे।
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उधर, विषय वाद विशेषज्ञ डॉ. प्रेम सिंह ठाकुर ने कहा कि जिन किसानों की फसल हवा से गिर गई है, उसे मौसम साफ होने पर जड़ों में मिट्टी लगा कर खड़ा करें। जिन लोगों की फसल पक गई है, वह बिछी हुई फसल से मक्की तोड़ लें। उन्होंने क्षेत्र में नुकसान होने की पुष्टि की है।
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वहीं, निरंतर बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें देखी जा सकती हैं। किसान प्रशासन से अतिवर्षा से बर्बाद फसलों का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है।
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किसान जगन्नाथ शर्मा ने बताया कि पिछले दो वर्षों से कोरोना की वजह से आर्थिक मंदी झेल रहे किसानों की फसल भी खत्म हो गई। ऐसे में उन्हें परिवार के पालन पोषण की चिंता सताने लगी है। किसानों के पास खेती के अलावा दूसरा कोई रोजी-रोटी का साधन नहीं है। सरकार किसानों को राहत देकर फसलों का मुआवजा दे।
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उधर, विषय वाद विशेषज्ञ डॉ. प्रेम सिंह ठाकुर ने कहा कि जिन किसानों की फसल हवा से गिर गई है, उसे मौसम साफ होने पर जड़ों में मिट्टी लगा कर खड़ा करें। जिन लोगों की फसल पक गई है, वह बिछी हुई फसल से मक्की तोड़ लें। उन्होंने क्षेत्र में नुकसान होने की पुष्टि की है।