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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Machinery worth lakhs of rupees lies damaged at the non-operational oxygen plant; repairs will cost 40 lakhs.

Solan News: बंद ऑक्सीजन प्लांट में लाखों रुपये की मशीनरी खराब, दुरुस्त करने पर होंगे 40 लाख खर्च

Sat, 24 Oct 2026 01:00 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Sat, 24 Oct 2026 01:00 PM IST
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टेंडर समय पर न होने से बंद पड़े थे परवाणू और नालागढ़ के प्लांट
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दोबारा शुरू करने की कोशिश की तो सामने आई बड़ी तकनीकी खराबी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में लापरवाही के चलते लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुविधा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर ऑक्सीजन प्लांट तो स्थापित कर दिए, लेकिन देखरेख के अभाव में अब ये प्लांट सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। जिले के तीन प्रमुख अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट पिछले कई महीनों से बंद पड़े हैं। इनमें से दो अस्पतालों की लाखों रुपये की मशीनरी पूरी तरह खराब हो चुकी है।
समय पर टेंडर जारी न होने और प्रशासनिक सुस्ती के कारण परवाणू और नालागढ़ के ऑक्सीजन प्लांट बंद रहे। अब इन्हें दोबारा चालू करने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो मशीनों में बड़ी तकनीकी खराबियां सामने आई हैं। इन दोनों प्लांटों की मरम्मत पर करीब 40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। अकेले नालागढ़ अस्पताल प्रशासन ने प्लांट की मरम्मत के लिए सरकार से 21.77 लाख रुपये का बजट मांगा है। ऐसे में मरीजों को अभी कई और महीने इस सुविधा के बिना गुजारने पड़ सकते हैं।
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दूसरी ओर, जिला मुख्यालय स्थित क्षेत्रीय अस्पताल सोलन का ऑक्सीजन प्लांट भी धूल फांक रहा है। प्लांट शुरू न होने के कारण यहां रखी मशीनरी के भी खराब होने का अंदेशा बना हुआ है। बता दें कि इन तीनों प्रमुख अस्पतालों पर जिले की आधी से अधिक आबादी निर्भर है। इन अस्पतालों के वार्डों में रोजाना 30 से 40 ऐसे गंभीर मरीज भर्ती होते हैं, जिन्हें ऑक्सीजन की सख्त जरूरत होती है।
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इनसेट
ऑक्सीजन सिलिंडरों के सहारे जिंदगी की जंग
ऑक्सीजन प्लांट बंद होने के कारण इन तीनों प्रमुख अस्पतालों में भर्ती मरीजों को फिलहाल सिलिंडरों के सहारे ही ऑक्सीजन दी जा रही है। सिलिंडर खत्म होने पर तीमारदारों और अस्पताल के कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अस्पतालों को मजबूरन बद्दी से महंगे दामों पर सिलिंडर मंगवाने पड़ रहे हैं। यदि समय पर सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं होती है, तो मरीजों की जान पर भी संकट गहरा सकता है।


कोट

विभाग की ओर से जल्द ही दोनों ऑक्सीजन प्लांटों की मरम्मत करवाई जाएगी। अस्पताल प्रशासन से प्लांटों की मरम्मत पर आने वाले खर्च का पूरा ब्योरा मांगा गया है। इसके बाद जल्द ही बजट जारी कर प्लांटों को सुचारू कर दिया जाएगा। - डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, सोलन
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