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Solan News: डगशाई कैंट में स्वच्छता टैक्स बढ़ाने का स्थानीय लोगाें और कारोबारियों ने किया विरोध
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घर के हर कमरे पर देना होगा 200, दुकानदारों को अब 150 से बढ़कर 5,000 प्रति वर्ष देना होगा टैक्स
डगशाई वेलफेयर सोसायटी ने आंदोलन की तैयारी की शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (सोलन)। डगशाई कैंट प्रशासन की ओर से स्वच्छता के नाम पर लगाए गए भारी-भरकम टैक्स ने स्थानीय लोगों को परेशानी में डाल दिया है। कैंट बोर्ड की हाल में आयोजित बैठक में पारित नए नियमों के बाद जनता में प्रशासन के खिलाफ रोष व्याप्त है। इसका लोग और कारोबारी विरोध भी कर रहे है। हैरानी की बात यह है कि पहले जहां प्रति घर 150 स्वच्छता टैक्स लिया जाता था, वहीं अब इसे अनोखे ढंग से लागू किया गया है। नए प्रावधान के अनुसार अब प्रति घर के बजाय प्रति कमरा 200 रुपये टैक्स वसूला जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि जिस परिवार के पास जितने अधिक कमरे होंगे, उन पर टैक्स का बोझ उतना ही ज्यादा होगा। सबसे बुरा असर स्थानीय व्यापारियों पर पड़ा है। पहले दुकानदार साल भर का मात्र 150 टैक्स देते थे, जिसे अब सीधे बढ़ाकर 5,000 प्रति वर्ष कर दिया गया है। टैक्स में की गई यह लगभग 33 गुना वृद्धि व्यापारियों के लिए गले की फांस बन गई है। उधर, डगशाई छावनी परिषद के सीईओ हिमांशु सामंत ने बताया कि स्वच्छता का टैक्स केंद्र सरकार की गाइड लाइन पर लगाया गया है।
डगशाई के लोग लामबंद, आज होगी बैठक
टैक्स के इस भारी बोझ के खिलाफ डगशाई के लोगों ने लामबंद होना शुरू कर दिया है। डगशाई वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष त्रिप्ता डोगरा, उपाध्यक्ष लोकेश कुमार और महासचिव रोहित सूद ने बताया कि इस मुद्दे पर रविवार को एक विशेष बैठक बुलाई गई है। बैठक में जनता की राय ली जाएगी और रणनीति तैयार की जाएगी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल डगशाई कैंट के सीईओ से मुलाकात कर टैक्स वापस लेने की मांग करेगा। वहीं स्थानीय नेताओं का स्पष्ट कहना है कि यदि बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
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डगशाई वेलफेयर सोसायटी ने आंदोलन की तैयारी की शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (सोलन)। डगशाई कैंट प्रशासन की ओर से स्वच्छता के नाम पर लगाए गए भारी-भरकम टैक्स ने स्थानीय लोगों को परेशानी में डाल दिया है। कैंट बोर्ड की हाल में आयोजित बैठक में पारित नए नियमों के बाद जनता में प्रशासन के खिलाफ रोष व्याप्त है। इसका लोग और कारोबारी विरोध भी कर रहे है। हैरानी की बात यह है कि पहले जहां प्रति घर 150 स्वच्छता टैक्स लिया जाता था, वहीं अब इसे अनोखे ढंग से लागू किया गया है। नए प्रावधान के अनुसार अब प्रति घर के बजाय प्रति कमरा 200 रुपये टैक्स वसूला जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि जिस परिवार के पास जितने अधिक कमरे होंगे, उन पर टैक्स का बोझ उतना ही ज्यादा होगा। सबसे बुरा असर स्थानीय व्यापारियों पर पड़ा है। पहले दुकानदार साल भर का मात्र 150 टैक्स देते थे, जिसे अब सीधे बढ़ाकर 5,000 प्रति वर्ष कर दिया गया है। टैक्स में की गई यह लगभग 33 गुना वृद्धि व्यापारियों के लिए गले की फांस बन गई है। उधर, डगशाई छावनी परिषद के सीईओ हिमांशु सामंत ने बताया कि स्वच्छता का टैक्स केंद्र सरकार की गाइड लाइन पर लगाया गया है।
डगशाई के लोग लामबंद, आज होगी बैठक
टैक्स के इस भारी बोझ के खिलाफ डगशाई के लोगों ने लामबंद होना शुरू कर दिया है। डगशाई वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष त्रिप्ता डोगरा, उपाध्यक्ष लोकेश कुमार और महासचिव रोहित सूद ने बताया कि इस मुद्दे पर रविवार को एक विशेष बैठक बुलाई गई है। बैठक में जनता की राय ली जाएगी और रणनीति तैयार की जाएगी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल डगशाई कैंट के सीईओ से मुलाकात कर टैक्स वापस लेने की मांग करेगा। वहीं स्थानीय नेताओं का स्पष्ट कहना है कि यदि बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
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