{"_id":"6751880bec91b04fb10c1b79","slug":"kandaghat-nagar-panchayat-will-not-decrease-deputy-commissioner-sent-report-to-the-government-solan-solan-news-c-176-1-ssml1040-133509-2024-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: कंडाघाट नगर पंचायत का नहीं घटेगा \n\nदर्जा, उपायुक्त ने भेजी सरकार को रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: कंडाघाट नगर पंचायत का नहीं घटेगा दर्जा, उपायुक्त ने भेजी सरकार को रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
2020 में बनी इस नगर पंचायत को अब समाप्त नहीं किया जा सकता
नगर पंचायत में हो चुके हैं कई विकास कार्य, कई पर चल रहा है काम
बुधवार को मिला था विरोध में सीएम से कंडाघाट का प्रतिनिधिमंडल
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नगर पंचायत कंडाघाट का दर्जा अब नहीं घटाया जाएगा। इसे दोबारा से पंचायत नहीं बनाया जा सकता। इसे लेकर उपायुक्त ने पहले ही सरकार को रिपोर्ट भेज दी है, जिसमें स्पष्ट कर दिया है कि वह नगर पंचायत कंडाघाट को दोबारा से ग्राम पंचायत नहीं बना सकते। ऐसे में अब कंडाघाट के लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। गौरतलब है कि बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल के नेतृत्व में कंडाघाट का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से शिमला में मिला। उन्होंने नगर पंचायत को दोबारा से ग्राम पंचायत बनाने की बात कही। हालांकि, कुछ माह पहले भी लोगों ने मुख्यमंत्री को कंडाघाट में रोककर यह मांग उठाई थी। उसके बाद उपायुक्त से इसकी रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसमें उन्होंने रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। उपायुक्त की रिपोर्ट में कंडाघाट नगर पंचायत बनाए रखने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि वर्ष 2020 में बनी नगर पंचायत के दर्जे को समाप्त कर फिर से ग्राम पंचायत नहीं बनाया जा सकता। नगर पंचायत के माध्यम से कंडाघाट के 7 वार्डों में शहरी विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कई विकास कार्य व कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं। ऐसे में अब दोबारा से इसका दर्जा घटाने से उन योजनाओं को भी खत्म किया जाएगा, जबकि उनके माध्यम से यहां पर काफी फंड खर्च किया जा चुका है।
यह विकास कार्य हुए नपं में
कंडाघाट में नगर पंचायत बनने के बाद दो पार्किंग निर्माण हुआ है, जबकि दो करोड़ रुपये की लागत से एक मल्टी स्टोरी पार्किंग का निर्माण हो रहा है। यह कार्य लगभग पूरा हो गया है। इसके अलावा नगर पंचायत के 7 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़े का एकत्रिकरण हो रहा है। 10 बीघा भूमि का चयन सोलिड वेस्ट प्रबंधन के लिए हुआ है। वर्ष 2011 जनगणना के अनुसार के कंडाघाट नगर पंचायत की आबादी 2598 थी, जो अब बढ़ गई है। सरकार को भेजी रिपोर्ट में इन सभी व अन्य कार्यों का जिक्र किया गया है।
नगर पंचायत रखने की ही सिफारिश की
सरकार ने रिपोर्ट मांगी थी। अपनी रिपोर्ट में कंडाघाट को नगर पंचायत बनाए रखने की सिफारिश की है। निदेशक शहरी विकास विभाग को यह रिपोर्ट भेज दी है। नगर पंचायत पिछले तीन वर्षों से वहां पर काम कर रही है। - मनमोहन शर्मा, उपायुक्त सोलन
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर पंचायत में हो चुके हैं कई विकास कार्य, कई पर चल रहा है काम
बुधवार को मिला था विरोध में सीएम से कंडाघाट का प्रतिनिधिमंडल
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नगर पंचायत कंडाघाट का दर्जा अब नहीं घटाया जाएगा। इसे दोबारा से पंचायत नहीं बनाया जा सकता। इसे लेकर उपायुक्त ने पहले ही सरकार को रिपोर्ट भेज दी है, जिसमें स्पष्ट कर दिया है कि वह नगर पंचायत कंडाघाट को दोबारा से ग्राम पंचायत नहीं बना सकते। ऐसे में अब कंडाघाट के लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। गौरतलब है कि बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल के नेतृत्व में कंडाघाट का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से शिमला में मिला। उन्होंने नगर पंचायत को दोबारा से ग्राम पंचायत बनाने की बात कही। हालांकि, कुछ माह पहले भी लोगों ने मुख्यमंत्री को कंडाघाट में रोककर यह मांग उठाई थी। उसके बाद उपायुक्त से इसकी रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसमें उन्होंने रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। उपायुक्त की रिपोर्ट में कंडाघाट नगर पंचायत बनाए रखने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि वर्ष 2020 में बनी नगर पंचायत के दर्जे को समाप्त कर फिर से ग्राम पंचायत नहीं बनाया जा सकता। नगर पंचायत के माध्यम से कंडाघाट के 7 वार्डों में शहरी विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कई विकास कार्य व कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं। ऐसे में अब दोबारा से इसका दर्जा घटाने से उन योजनाओं को भी खत्म किया जाएगा, जबकि उनके माध्यम से यहां पर काफी फंड खर्च किया जा चुका है।
यह विकास कार्य हुए नपं में
कंडाघाट में नगर पंचायत बनने के बाद दो पार्किंग निर्माण हुआ है, जबकि दो करोड़ रुपये की लागत से एक मल्टी स्टोरी पार्किंग का निर्माण हो रहा है। यह कार्य लगभग पूरा हो गया है। इसके अलावा नगर पंचायत के 7 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़े का एकत्रिकरण हो रहा है। 10 बीघा भूमि का चयन सोलिड वेस्ट प्रबंधन के लिए हुआ है। वर्ष 2011 जनगणना के अनुसार के कंडाघाट नगर पंचायत की आबादी 2598 थी, जो अब बढ़ गई है। सरकार को भेजी रिपोर्ट में इन सभी व अन्य कार्यों का जिक्र किया गया है।
विज्ञापन
नगर पंचायत रखने की ही सिफारिश की
सरकार ने रिपोर्ट मांगी थी। अपनी रिपोर्ट में कंडाघाट को नगर पंचायत बनाए रखने की सिफारिश की है। निदेशक शहरी विकास विभाग को यह रिपोर्ट भेज दी है। नगर पंचायत पिछले तीन वर्षों से वहां पर काम कर रही है। - मनमोहन शर्मा, उपायुक्त सोलन
विज्ञापन