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सोलन में फैले पीलिया की करें जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Mon, 15 Feb 2016 04:24 PM IST
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शहर में फैले पीलिया को लेकर भाजपा मंडल ने उपायुक्त सोलन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। भाजपाइयों ने पीलिया के मामले में प्रशासन पर कोताही के आरोप जड़े हैं।
साथ ही पीलिया के बढ़ने के लिए अफसरशाही को जिम्मेवार ठहराया है। वहीं शहर में पानी की समस्या को आईपीएच की नाकामी बताया है। जनता से जुड़े इन कोताही के मसलों में भाजपा ने उच्च न्यायालय स्तर पर जांच करवाकर दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है।
पीलिया के बढ़ते प्रकोप और पानी की समस्या को लेकर भाजपा अध्यक्ष रविंद्र परिहार की अध्यक्षता में डीसी मदन चौहान को ज्ञापन सौंपा।
भाजपाइयों ने कहा है कि जनवरी के प्रथम सप्ताह में पीलिया ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए थे लेकिन इसके बावजूद विभाग द्वारा न तो अश्वनी पेयजल योजना को बंद किया और न ही पानी के सैंपल लेना शुरू किया।
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अश्वनी पानी को साफ कहकर उसे जनता को पिलाते रहे। लेकिन मीडिया में उठी खबरों के बाद दबाव में आकर अश्वनी की सप्लाई बंद की। अश्वनी के ट्रीटेड और अनट्रिटेड पानी को भारतीय विषाणु विज्ञान संस्थान पुणे ने भी पीलिया के वायरस की पुष्टि की है।
स्थानीय विधायक एवं मंत्री धनीराम शांडिल खड्ड के पानी को पीने योग्य बताते रहे जो चिंता का विषय है। ज्ञापन में मंडल ने इस सारे प्रकरण की उच्च न्यायालय से जांच करवाने की मांग भी की है। इस मौके पर रीतु सैनी, नरेंद्र गुप्ता, धर्मेंद्र ठाकुर, कमल, भरत साहनी वर्मा, चंद्रकांत वर्मा, अशोक, मनीष, मुकेश वर्मा, मधु कौशिक, बादल, विवेक डोभाल, भूपेंद्र ठाकुर, विधि चंद, संजय मलिक, संजय पराशर, मुकेश शर्मा, अमर सिंह और अन्य मौजूद रहे।
अश्वनी और गिरि में
बेहतर हो व्यवस्था
अश्वनी और गिरि पेयजल योजना में आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट तथा आधुनिक प्रयोगशाला लगाई जाएं, साथ ही साथ गिरी पेयजल योजना की क्षमता को भी बढ़ाया जाए। बढ़ते पीलिया रोगियों को देखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल में अधिक डॉक्टरों की मांग की गई और स्कूल खुलने के चलते छात्रों को साफ पानी मुहैया करवाने का आग्रह किया गया।
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साथ ही पीलिया के बढ़ने के लिए अफसरशाही को जिम्मेवार ठहराया है। वहीं शहर में पानी की समस्या को आईपीएच की नाकामी बताया है। जनता से जुड़े इन कोताही के मसलों में भाजपा ने उच्च न्यायालय स्तर पर जांच करवाकर दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है।
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पीलिया के बढ़ते प्रकोप और पानी की समस्या को लेकर भाजपा अध्यक्ष रविंद्र परिहार की अध्यक्षता में डीसी मदन चौहान को ज्ञापन सौंपा।
भाजपाइयों ने कहा है कि जनवरी के प्रथम सप्ताह में पीलिया ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए थे लेकिन इसके बावजूद विभाग द्वारा न तो अश्वनी पेयजल योजना को बंद किया और न ही पानी के सैंपल लेना शुरू किया।
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अश्वनी पानी को साफ कहकर उसे जनता को पिलाते रहे। लेकिन मीडिया में उठी खबरों के बाद दबाव में आकर अश्वनी की सप्लाई बंद की। अश्वनी के ट्रीटेड और अनट्रिटेड पानी को भारतीय विषाणु विज्ञान संस्थान पुणे ने भी पीलिया के वायरस की पुष्टि की है।
स्थानीय विधायक एवं मंत्री धनीराम शांडिल खड्ड के पानी को पीने योग्य बताते रहे जो चिंता का विषय है। ज्ञापन में मंडल ने इस सारे प्रकरण की उच्च न्यायालय से जांच करवाने की मांग भी की है। इस मौके पर रीतु सैनी, नरेंद्र गुप्ता, धर्मेंद्र ठाकुर, कमल, भरत साहनी वर्मा, चंद्रकांत वर्मा, अशोक, मनीष, मुकेश वर्मा, मधु कौशिक, बादल, विवेक डोभाल, भूपेंद्र ठाकुर, विधि चंद, संजय मलिक, संजय पराशर, मुकेश शर्मा, अमर सिंह और अन्य मौजूद रहे।
अश्वनी और गिरि में
बेहतर हो व्यवस्था
अश्वनी और गिरि पेयजल योजना में आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट तथा आधुनिक प्रयोगशाला लगाई जाएं, साथ ही साथ गिरी पेयजल योजना की क्षमता को भी बढ़ाया जाए। बढ़ते पीलिया रोगियों को देखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल में अधिक डॉक्टरों की मांग की गई और स्कूल खुलने के चलते छात्रों को साफ पानी मुहैया करवाने का आग्रह किया गया।