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आईपीएच ने ठुकराया शहर में पानी सप्लाई करने का प्रस्ताव
ब्यूरो, सोलन
Updated Sat, 19 Nov 2016 10:12 PM IST
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एक दिन छोड़कर भी पर्याप्त पानी न मिलने से आहत शहरवासियों को आईपीएच और नगर परिषद की नालायकी का दंश झेलना होगा।
- फोटो : अमर उजाला
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एक दिन छोड़कर भी पर्याप्त पानी न मिलने से आहत शहरवासियों को आईपीएच और नगर परिषद की नालायकी का दंश झेलना होगा। शहर में पेयजल वितरण को लेकर आईपीएच ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
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नप का दावा है कि आईपीएच ने पानी की लिफ्टिंग के अलावा शहर में पानी की सप्लाई (डिस्ट्रिब्यूशन) करने के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। हाल ही में हुई मंत्री और प्रशासन की बैठक में यह जिम्मेवारी तय की थी। उधर आईपीएच का तर्क है कि ऊपर से आदेश नहीं मिलेे हैं ऐसे क्यों लें पेयजल वितरण का जिम्मा।
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अब नगर परिषद के अधिकारियों ने सीधे तौर पर कह दिया है कि आईपीएच डरकर पानी वितरण का जिम्मा अपने हाथों में लेने से बच रहा है। प्रस्ताव ठुकराया जा चुका है। ऐसे में नप और आईपीएच के अधिकारी पेयजल मुद्दे को लेकर आमने सामने हैं। शहर में पेयजल किल्लत को लेकर लोगों का आक्रोश झेल रही नगर परिषद ने पेयजल वितरण के लिए हाथ खडे़ कर इसका जिम्मा भी आइपीएच को सौंपने का प्रस्ताव भेजा था।
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शहर में पानी की सप्लाई आईपीएच के हवाले करने का प्रस्ताव मंत्री धनीराम शांडिल, डीसी डॉ. राकेश कंवर, आईपीएच और नगर परिषद के अधिकारियों की साथ हुई बैठक में लिया था। इसमें नप ने भी पासा खेलते हुए पेयजल संकट से शहर को उबारने से हाथ पीछे खींचते हुए नगर परिषद ने पानी के वितरण का जिम्मा भी आईपीएच को सौंपने की सिफारिश सरकार और विभाग से की थी। इसमें आईपीएच को तीन माह तक ट्रायल आधार पर शहर में पेयजल वितरण संभालने को कहा था।
वर्तमान में यह है हाल
वर्तमान में शहर में पानी के मुख्य स्रोतों से स्टोरेज टैंकों तक पानी पहुंचाने का जिम्मा आईपीएच के पास है तो स्टोरेज टैंकों से लेकर शहर की आबादी तक पानी पहुंचाने का जिम्मा नगर परिषद के पास है। ऐसे में नगर परिषद जहां पानी की कम लिफ्टिंग का तर्क देकर पेयजल किल्लत बता रहा है, वहीं आईपीएच गलत वितरण पेयजल किल्लत कारण बता रहा है। इसका खामियाजा शहर की 40 से 60 हजार की आबादी को उठाना पड़ रहा है।
डर गया है आईपीएच विभाग : अध्यक्ष
नगर परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष पवन गुप्ता ने बताया कि आईपीएच विभाग शहर में पानी वितरण करने के कार्य से डर गया है। विभाग को पता है कि वह जितना पानी शहर में सप्लाई करता है वह नाकाफी है। इसलिए शहरवासियों की आलोचना से बचने के लिए वह कभी भी शहर में पानी वितरण का कार्य अपने हाथों में नहीं लेगा। लेकिन अगर आईपीएच अभी भी पानी की सप्लाई और वितरण का काम अपने जिम्मे लेने को तैयार है तो नप अपने पानी वितरण स्टाफ को विभाग की मदद के लिए कहेंगे। इससे नप और अईपीएच दोनों में ठीक तालमेल बन सके।
मंत्रालय से कोई निर्देश नहीं मिले : एसडीओ
आईपीएच विभाग के एसडीओ दिनेश कुमार धीमान ने बताया कि शहर में पानी के वितरण के लिए प्रदेश सरकार और आईपीएच मंत्रालय से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इसलिए विभाग अपने स्तर पर यह फैसला नहीं ले सकता है। जैसे ही उच्च अधिकारियों द्वारा शहर में पानी के वितरण को हरी झंडी देते हैं वैसे ही विभाग कार्य आरंभ कर देगा। जब ऊपर से आदेश ही नहीं तो नप के आदेश क्यों मानें?