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आलू के परांठे में परोस दी लोहे की तार, गले में फंसी
ब्यूरो, सोलन
Updated Wed, 16 Nov 2016 08:54 AM IST
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सेवानिवृत्त एचआरटीसी कर्मी के गले में फंसी लोहे की तार
- फोटो : अमर उजाला
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होटलों या ढाबों में खाना जरा ध्यान से खाएं। खाने की वजह से आपकी जान आफत में पड़ती है तो न संचालक और न ही पुलिस आपके काम आएगी। खुद ही हिम्मत करके आपको अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करके अस्पताल पहुंचना पड़ेगा। तेजी से विकसित हो चुके सोलन शहर में एक ऐसे ही मामले ने मानवीय मूल्यों के पतन की कहानी बयां की है। सेवानिवृत्त एचआरटीसी कर्मी के गले में फंसी लोहे की तार ने उन्हें पुलिस और अस्पताल के चक्कर काटने को मजबूर कर दिया।
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हुआ यूं कि भोम प्रकाश पुत्र सुखानंद निवासी न्यू पावर हाउस रोड सपरून की बहू प्रसव पीड़ा में थी। परिवार अस्पताल में था। इसी बीच वह शहर के एक नामी खाना परोसने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठान में नाश्ता करने चले गए। आलू के परांठे के बीच मिली लोहे की तार गलती से निगल गए। लोहे की तार गले में जाकर फंस गई और गले में तकलीफ शुरू हो गई। सांस अटक गई तथा उल्टियां शुरू हो गईं।
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उन्होंने आरोप लगाए कि जब संचालक से खाना खाने के दौरान तबीयत खराब होने की बात कही तो उल्टा मदद करने के बजाय संचालक बीमार अवस्था में उनसे ही कहासुनी करने लगा। मदद करने के बजाय धमकाना शुरू कर दिया। जब तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो उन्होंने अपने बेटों को सूचित किया। प्रसव के दौरान बहु की देखरेख कर रहे परिवार ने जैसे-तैसे सोलन अस्पताल पहुंचाया। एक्सरे किया तो गले में लोहे की तार निकली। एक घंटे की मशक्कत के बाद चिकित्सकों ने लोहे की तार को गले से एंडोस्कोपी से निकाला और पीड़ित की जान बचाई। आरोप है कि जब मामले की शिकायत लेकर वह सिटी चौकी शिकायत करने पहुंचे तो उन्हें यह कहकर शिकायत लेने से मना कर दिया कि यह मामला फूड एक्ट का है, इसे वह रजिस्टर नहीं करेंगे। अब उन्होंने पूरे मामले की शिकायत उपायुक्त सोलन, एसपी सोलन और सीएमओ से की है। डीसी सोलन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
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किसी के साथ भी हो सकता है ऐसा हादसा
पीड़ित भोम प्रकाश ने कहा कि ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है। ऐसे मामलों में मानवता के आधार पर संचालकों को सहायता करनी चाहिए। यदि उनकी जान को कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेवार कौन होता? अगर खाने में किसी गड़बड़ी के चलते आपकी जान जोखिम में संचालक द्वारा डाली जा रही है तो उसपर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं जनता की बात ना सुनने वाले पुलिस कमयों के खिलाफ भी एक्शन होना चाहिए। जनहित में ऐसी कार्रवाई से सीख मिलती है कि संचालक जो लोगों को खाना परोस रहे हैं, वह गुणवत्तापूर्ण भोजन के सारे पैमाने अपनाएं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि स्लिप नंबर 34802 के तहत उनका सोलन अस्पताल में इलाज हुआ है। डाक्टर ने गले का एक्सरे करवाने के लिए कहा। तकलीफ अधिक होने के चलते एक्सरे निजी क्लीनिक में करवाया। इसमें उसके गले में लोहे की तार निकली है। इसके बाद जल्दबाजी में वह कोटलानाला में चिकित्सालय पहुंचे और एंडोस्कोपी के दौरान तार निकाली गई।
नियमानुसार होगी कार्रवाई : डीसी
डीसी डॉ. राकेश कंवर ने कहा कि शिकायत मिली है। संबंधित विभागों को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही अगर उजागर होती है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। सीएमओ डॉ. आरके दरोच ने कहा कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट के तहत जो कार्रवाई बनती है वह होगी।