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Solan News: जंगेशु में बारिश का कहर, फसलों और कृषि भूमि को नुकसान
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किसानों ने उठाई मुआवजे की मांग, कृषि विभाग की टीम ने नुकसान का लिया जायजा
टिपरा, चाहा, तीडो और मसुलखाना में मलबे व जलभराव से बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कसौली (सोलन)। उपमंडल की जंगेशु पंचायत के अंतर्गत आने वाले कई गांवों में सोमवार को हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। पंचायत के टिपरा, चाहा, तीडो और मसुलखाना सहित अन्य क्षेत्रों में बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
कई स्थानों पर खेतों में पानी और मलबा भर जाने से कृषि भूमि भी प्रभावित हुई है, जिससे किसानों के सामने अगली फसल की तैयारी को लेकर गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए कृषि विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों निरीक्षण किया। टीम में एसएमएस कृषि अधिकारी ईशान मेहता, कृषि विकास अधिकारी परवीन शर्मा तथा तकनीकी प्रबंधक गौरव ठाकुर शामिल रहे। गांवों का दौरा कर फसलों की स्थिति देखी और नुकसान का आकलन किया। किसानों का कहना है कि बीज, खाद और दवाइयों पर वे पहले ही काफी पैसा खर्च कर चुके हैं, ऐसे में नुकसान से वे आर्थिक संकट में आ गए हैं। किसानों ने जल्द मुआवजा राशि जारी करने, क्षतिग्रस्त भूमि की बहाली के लिए मदद देने और आगामी बुवाई के लिए बीज व खाद उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।
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टिपरा, चाहा, तीडो और मसुलखाना में मलबे व जलभराव से बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कसौली (सोलन)। उपमंडल की जंगेशु पंचायत के अंतर्गत आने वाले कई गांवों में सोमवार को हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। पंचायत के टिपरा, चाहा, तीडो और मसुलखाना सहित अन्य क्षेत्रों में बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
कई स्थानों पर खेतों में पानी और मलबा भर जाने से कृषि भूमि भी प्रभावित हुई है, जिससे किसानों के सामने अगली फसल की तैयारी को लेकर गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए कृषि विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों निरीक्षण किया। टीम में एसएमएस कृषि अधिकारी ईशान मेहता, कृषि विकास अधिकारी परवीन शर्मा तथा तकनीकी प्रबंधक गौरव ठाकुर शामिल रहे। गांवों का दौरा कर फसलों की स्थिति देखी और नुकसान का आकलन किया। किसानों का कहना है कि बीज, खाद और दवाइयों पर वे पहले ही काफी पैसा खर्च कर चुके हैं, ऐसे में नुकसान से वे आर्थिक संकट में आ गए हैं। किसानों ने जल्द मुआवजा राशि जारी करने, क्षतिग्रस्त भूमि की बहाली के लिए मदद देने और आगामी बुवाई के लिए बीज व खाद उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।
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