{"_id":"6510369bf59cdfe91d0908b6","slug":"inexpensive-for-industries-forced-to-migrate-government-should-provide-relief-by-providing-electricity-chandel-solan-news-c-176-1-ssml1040-7925-2023-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: पलायन को मजबूर उद्योगों को सस्ती\n\nबिजली देकर राहत दे सरकार - चंदेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: पलायन को मजबूर उद्योगों को सस्ती बिजली देकर राहत दे सरकार - चंदेल
Sun, 24 Sep 2023 10:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sun, 24 Sep 2023 10:43 PM IST
विज्ञापन
बद्दी में पत्रकार वार्ता के दौरान भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उद्योग प्रभारी मेला राम चंदेल। संव
बद्दी(सोलन)। भारतीय मजदूर संघ ने आपदा से जूझ रहे उद्योगपतियों को राहत देने के लिए आवाज बुलंद की है। भामसं के राज्य उद्योग प्रभारी मेला राम चंदेल ने कहा कि आपदा से पूरा औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन जूझ रहा है। पुल और सड़कें टूटने के कारण न तो उद्योगपति और न ही कामगार उद्योगों में पहुंच पा रहे हैं। बीबीएन की कनेक्टिविटी देश के अन्य राज्यों से सही ढंग से न हो पाने के कारण न तो कच्चा माल आ रहा है और न ही तैयार माल बाहर जा पा रहा है। आपदा के बाद से उद्योगपति मुसीबत में हैं और पूरे औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में त्राहि-त्राहि मची है लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार गहरी नींद में से रही है। न तो सड़कों और पुलों की दशा को सुधारने के लिए कोई कारगर कदम उठाए जा रहे हैं और न ही उद्यमियों को कोई राहत दी जा रही है।
बद्दी में पत्रकारवार्ता के दौरान भारतीय मजदूर संघ के उद्योग प्रभारी मेला राम चंदेल ने कहा कि हिमाचल बिजली का निर्माता है और सरकार को उद्योगपतियों को राहत देते हुए बिजली के दाम आधे करने चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा से जूझ रहे उद्योगों को स्थानीय नेता स्क्रैप, लेबर के काम के लिए धमका रहे हैं। 100 करोड़ से ज्यादा के जीएसटी के साथ-साथ इनकम टैक्स सरकार को जा रहा है। करोड़ों रुपया सरकार को बिजली के बिल के रूप में जा रहा है। लेकिन सरकार ने एक बार भी सोने के अंडे देने वाले इस औद्योगिक क्षेत्र की सुध लेने की जहमत नहीं उठाई।
विज्ञापन
बद्दी में पत्रकारवार्ता के दौरान भारतीय मजदूर संघ के उद्योग प्रभारी मेला राम चंदेल ने कहा कि हिमाचल बिजली का निर्माता है और सरकार को उद्योगपतियों को राहत देते हुए बिजली के दाम आधे करने चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा से जूझ रहे उद्योगों को स्थानीय नेता स्क्रैप, लेबर के काम के लिए धमका रहे हैं। 100 करोड़ से ज्यादा के जीएसटी के साथ-साथ इनकम टैक्स सरकार को जा रहा है। करोड़ों रुपया सरकार को बिजली के बिल के रूप में जा रहा है। लेकिन सरकार ने एक बार भी सोने के अंडे देने वाले इस औद्योगिक क्षेत्र की सुध लेने की जहमत नहीं उठाई।
विज्ञापन