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Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में मरीजों की सेहत से खिलवाड़, गंदगी के बीच इलाज

Sun, 29 Mar 2026 01:32 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 29 Mar 2026 01:32 AM IST
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In Solan Regional Hospital, the health of patients is compromised, and they are treated amidst filth.
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में स्ट्रेचर, व्हीलचेयर पड़ी गंदगी। संवाद
धूल फांक रहे स्ट्रेचर और व्हील चेयर,पक्षियों की बीट से भरी दीवारें
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गंदे बेंचाें पर बैठने को मजबूर मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला सोलन के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल के आपातकालीन कक्ष (इमरजेंसी) में इन दिनों मरीजों को इलाज से पहले गंदगी और अव्यवस्था से जूझना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि मरीजों को सुविधा देने के लिए रखे गए स्ट्रेचर और व्हील चेयर धूल फांक रहे हैं और बेहद खस्ता हालत में हैं। सफाई कर्मचारियों की अनदेखी के चलते अस्पताल के भीतर स्वच्छता के दावों की पोल खुल रही है। हैरानी की बात यह है कि आपातकालीन कक्ष में आने वाले गंभीर मरीजों को यदि स्ट्रेचर या व्हीलचेयर की जरूरत पड़ती है, तो तीमारदारों को पहले उसे खुद साफ करना पड़ता है। अस्पताल में पक्षी दीवारों, स्ट्रेचरों और व्हील चेयर पर बीट कर देते हैं, लेकिन सफाई कर्मचारी इसे देखने तक की जहमत नहीं उठाते। यही नहीं, अस्पताल में रखे अधिकतर बेंच टूटे हुए और गंदे हैं, जिससे इलाज के लिए आए मरीजों और उनके परिजनों को बैठने में भी भारी परेशानी हो रही है।


टूटी व्हीलचेयर और महज दो स्ट्रेचरों का सहारा

अस्पताल की इमरजेंसी में सुविधाओं का टोटा साफ दिखाई दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में अस्पताल महज दो स्ट्रेचरों के सहारे चल रहा है। कई व्हीलचेयर टूटी हुई हैं, जो किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकती हैं। वार्डों के अंदर दीवारों पर पक्षियों की बीट और फैली गंदगी से अस्पताल में हर समय बदबू बनी रहती है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। दीवारें और बेंच हमेशा गंदे रहते हैं। स्ट्रेचर पर मरीज को ले जाने से पहले हमें कपड़े से उसे साफ करना पड़ता है। प्रशासन को मरीजों की सुविधा के लिए कम से कम सफाई का तो ध्यान रखना चाहिए।
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कोट
सफाई व्यवस्था को लेकर संबंधित ठेकेदार को कड़े निर्देश दिए जाएंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इमरजेंसी और वार्डों में नियमित सफाई हो, ताकि मरीजों और तीमारदारों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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-डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल,सोलन
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