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नालागढ़ में बाहरी राज्यों के 33 रूटों पर चली बसें
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नालागढ़ (सोलन)। पथ परिवहन निगम के नालागढ़ डिपो से वीरवार को अंतरराज्यीय बॉर्डर खुलने पर 33 रूट चलाए गए। लोकल मिलाकर कुल 41 रूटों पर बसें चलाई गई। सुबह के समय बसों में यात्रियों की संख्या ठीक रही है लेकिन दिन के समय बस खाली घूमती रही। नालागढ़ से ऊना और रोपढ़ जाने वाले बसों में सुबह के समय काफी यात्री रहे।
वीरवार को अंतरराज्यीय बॉर्डर खुलने पर नालागढ़ से तीन रूट दिल्ली के लिए चले जबकि एक रूट दिल्ली से मनाली के लिए चालू किया गया। ऊना और कालका रूट पर आठ बसें चलाई गई। चार बसें ऊना गई और चार वापस कालका आई। चंडीगढ़ के लिए छह रूट चलाए। अंबाला के लिए चार और रोपड़ के लिए 10 रूट चलाए गए जबकि आठ लोकल चलाए।
नालागढ़ डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक जोगिंद्र चौधरी ने बताया कि पहले दिन अंतरराज्यीय 33 रूट चलाए गए। सुबह के समय बसों में यात्री ठीक रहे लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता रहा तो लोग घरों से कम निकले। गर्मी का प्रकोप के चलते लोग कम निकले। दिन के समय बसें खाली घूमती रही हैं।
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उन्होंने बताया कि जिन रूटों पर तेल के पैसा वसूल नहीं हो रहा है, उन पर बस चलाने उनके लिए नुकसानदायक है। उच्च अधिकारियों के सख्त आदेश हैं कि जिस रूट से तेल के पैसा नहीं निकल रहा है, उसे रूट को न चलाए।
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वीरवार को अंतरराज्यीय बॉर्डर खुलने पर नालागढ़ से तीन रूट दिल्ली के लिए चले जबकि एक रूट दिल्ली से मनाली के लिए चालू किया गया। ऊना और कालका रूट पर आठ बसें चलाई गई। चार बसें ऊना गई और चार वापस कालका आई। चंडीगढ़ के लिए छह रूट चलाए। अंबाला के लिए चार और रोपड़ के लिए 10 रूट चलाए गए जबकि आठ लोकल चलाए।
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नालागढ़ डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक जोगिंद्र चौधरी ने बताया कि पहले दिन अंतरराज्यीय 33 रूट चलाए गए। सुबह के समय बसों में यात्री ठीक रहे लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता रहा तो लोग घरों से कम निकले। गर्मी का प्रकोप के चलते लोग कम निकले। दिन के समय बसें खाली घूमती रही हैं।
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उन्होंने बताया कि जिन रूटों पर तेल के पैसा वसूल नहीं हो रहा है, उन पर बस चलाने उनके लिए नुकसानदायक है। उच्च अधिकारियों के सख्त आदेश हैं कि जिस रूट से तेल के पैसा नहीं निकल रहा है, उसे रूट को न चलाए।