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अब स्वास्थ्य विभाग करवाएगा चयनित जमीन की पैमाइश
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सोलन। स्वास्थ्य विभाग कथेड़ में बनने वाले नए अस्पताल के लिए जमीन को अपने कब्जे में लेकर पैमाइश करवाने की तैयारियों में जुट गया है। यही नहीं पैमाइश करवाने के तुरंत बाद इस जमीन की फेंसिंग का कार्य को भी जल्द किया जाएगा। जानकारी के अनुसार मंगलवार को अस्पताल प्रशासन को जमीन के स्थानांतरित होने का पत्र पहुंचा है। जिसके बाद राजस्व विभाग को जमीन की पैमाइश करने के लिए पत्र भेजा जाएगा। यही नहीं पैमाइश होने के तुरंत बाद जमीन की चारों ओर से फेंसिंग भी की जाएगी। गौर रहे कि इस अस्पताल का निर्माण कथेड़ में किया जाएगा। जिसके लिए राजस्व विभाग की ओर से कुल 59 हजार 814 स्क्वेयर मीटर जमीन स्वास्थ्य विभाग को मुहैया करवाई गई है। दो साल की अवधि में स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल का निर्माण करवाया शुरू करवाना होगा। अस्पताल सोलन शहर की भीड़भाड़ से बाहर शिफ्ट करने की मांग लोग काफी समय से करते आ रहे थे। इसके लिए लोगों सहित कई राजनीतिज्ञों ने इस मांग को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास भी किए और जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भी सौंपे थे। क्षेत्रीय अस्पताल करीब 70 वर्ष पहले बनाया गया था। जिसकी हालत खस्ता होने के साथ मरीजों को बेहतर सुविधाएं भी नसीब नहीं हो रही हैं। रोजाना की ओपीडी 1500 से 2000 तक होती है। अब जमीन के स्थानांतरित होने के बाद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है।
जानकारी के अनुसार सुझाव मांगे जाने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लेवल 100 बिस्तरों वाले ट्रॉमा सेंटर को खोलने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। हालांकि इससे पूर्व भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोजाना हो रही घटनाओं को देखते हुए लेवल 3 ट्रॉमा सेंटर का प्रस्ताव भी भेजा गया था। जिस पर कोई भी कार्रवाई न होने के कारण अभी तक मेजर इंजरी वाले मरीजों को शिमला, चंडीगढ़ रेफर किया जाता है।
जमीन की पैमाइश और फेंसिंग की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू
चिकित्सा अधीक्षक महेश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल की जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम होने का पत्र मंगलवार को मिला है। उन्होंने बताया कि अब जमीन की पैमाइश करने के लिए राजस्व विभाग से पत्राचार किया जाएगा। पैमाइश होने और पैसा आने के तुरंत बाद जमीन की चारों और से फेंसिंग की जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग से पत्र मिलते ही होगी पैमाइश
तहसीलदार सोलन गुरमीत नेगी ने बताया कि अस्पताल की भूमि को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जमीन की पैमाइश के लिए अभी पत्र नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि विभाग का पत्र मिलते ही जमीन की पैमाइश का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार सुझाव मांगे जाने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लेवल 100 बिस्तरों वाले ट्रॉमा सेंटर को खोलने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। हालांकि इससे पूर्व भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोजाना हो रही घटनाओं को देखते हुए लेवल 3 ट्रॉमा सेंटर का प्रस्ताव भी भेजा गया था। जिस पर कोई भी कार्रवाई न होने के कारण अभी तक मेजर इंजरी वाले मरीजों को शिमला, चंडीगढ़ रेफर किया जाता है।
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जमीन की पैमाइश और फेंसिंग की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू
चिकित्सा अधीक्षक महेश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल की जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम होने का पत्र मंगलवार को मिला है। उन्होंने बताया कि अब जमीन की पैमाइश करने के लिए राजस्व विभाग से पत्राचार किया जाएगा। पैमाइश होने और पैसा आने के तुरंत बाद जमीन की चारों और से फेंसिंग की जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग से पत्र मिलते ही होगी पैमाइश
तहसीलदार सोलन गुरमीत नेगी ने बताया कि अस्पताल की भूमि को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जमीन की पैमाइश के लिए अभी पत्र नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि विभाग का पत्र मिलते ही जमीन की पैमाइश का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।