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Solan News: हर्बल रंगों के साथ मनाएं होली, त्वचा का रखें ध्यान
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सिंथेटिक रंगों का न करें इस्तेमाल, जिला स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरीकहा, एलर्जी से पीड़ित रंगों का न करें अधिक प्रयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। होली पर्व को लेकर जिलेभर में सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। सोमवार को होली का पर्व मनाया जाएगा। युवा वर्ग ने इसके लिए खास तैयारियां की हैं। कई जगहों पर होली के कार्यक्रम हैं। सोमवार को जमकर गुलाल उड़ने वाला है। प्रेम और सद्भावना का प्रतीक होली पर्व पर सेहत का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है। इसके लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी कर दी गई है। केवल हर्बल रंग के साथ ही होली मनाने का आग्रह किया है। सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल न करने के लिए कहा है। वहीं विशेष कर आंखों का रंग से विशेष बचाव करने की चिकित्सकों ने सलाह दी है। वहीं एलर्जी से पीड़ित लोगों को रंगों का कम से कम इस्तेमाल करने के लिए कहा है। वहीं स्प्रे वाले रंगों से बचाव करने की अपील की है।
गौर रहे कि बाजार में अनेक प्रकार के रंग आए हैं। ऐसे में हर्बल, सिंथेटिक और केमिकल युक्त रंग की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। व्यापारियों का दावा है कि इस बार हर्बल रंग ही बेच रहे हैं। इससे त्वचा पर काफी कम दुष्प्रभाव पड़ता है। वहीं, केमिकल युक्त रंग, पेंट मुंह और आंखों में पड़ जाने से खतरनाक हो सकते हैं। थोड़ी सी सावधानी बरतते हुए और सूखे गुलाल तथा हर्बल रंगों की मदद से होली को सुरक्षित बनाया जा सकता है। रासायनिक रंगों में कांच के टुकड़े और माइका मिला होता है जो त्वचा तथा आंखों में असर डालता है। वहीं पानी के रंगों में मोबिल आयल, पेंट और स्पिरिट मिला होता है। इन रंगों को नजरअंदाज करते हुए हर्बल रंग ही खरीदने की चिकित्सकों ने सलाह दी है। रंग आंख में चले जाने पर तुरंत अस्पताल का रुख करने का आग्रह किया है। सूखे रंगों से ही होली मनाने के लिए कहा है।
इनसेट
जल शक्ति विभाग ने पानी बचाने का दिया संदेश
जल शक्ति विभाग ने होली पर पानी बचाने का संदेश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पानी वाली होली मनाने से बेहतर है कि सूखे रंगों से मनाई जाए। इससे हम पानी का बचाव कर सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस बार सर्दियों में बारिश काफी कम हुई है। हम सबको पानी का बचाव करने में आगे आना होगा ताकि गर्मियों में पानी की किल्लत न हो।
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इनसेट
ये सावधानियां जरूरी
- पानी के रंगों के साथ होली खेलने में रुचि न लें।
- पर्यावरण मित्र एवं त्वचा मित्र रंगों का प्रयोग करें।
- खांसी जुकाम से पीडि़त लोग होली खेलने से परहेज करें।
- सिंथेटिक या केमिकलयुक्त रंगों के प्रयोग से परहेज करें।
- रंगों को मुंह के भीतर न जाने दें।
- जानवरों पर रंग न डालें।
इनसेट
हर्बल रंगों का ही करें प्रयोग
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल वर्मा ने बताया कि होली के पर्व को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। स्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन विभाग की शिफ्ट में चिकित्सकों की ड्यूटी तय की है। इसके अलावा स्टाफ नर्स सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की भी ड्यूटी लगाई है। लोगों से आग्रह है कि हर्बल रंगों का प्रयोग करें। स्प्रे वाले रंगों से बचे और सूखे रंगों से होली पर्व मनाएं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। होली पर्व को लेकर जिलेभर में सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। सोमवार को होली का पर्व मनाया जाएगा। युवा वर्ग ने इसके लिए खास तैयारियां की हैं। कई जगहों पर होली के कार्यक्रम हैं। सोमवार को जमकर गुलाल उड़ने वाला है। प्रेम और सद्भावना का प्रतीक होली पर्व पर सेहत का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है। इसके लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी कर दी गई है। केवल हर्बल रंग के साथ ही होली मनाने का आग्रह किया है। सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल न करने के लिए कहा है। वहीं विशेष कर आंखों का रंग से विशेष बचाव करने की चिकित्सकों ने सलाह दी है। वहीं एलर्जी से पीड़ित लोगों को रंगों का कम से कम इस्तेमाल करने के लिए कहा है। वहीं स्प्रे वाले रंगों से बचाव करने की अपील की है।
गौर रहे कि बाजार में अनेक प्रकार के रंग आए हैं। ऐसे में हर्बल, सिंथेटिक और केमिकल युक्त रंग की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। व्यापारियों का दावा है कि इस बार हर्बल रंग ही बेच रहे हैं। इससे त्वचा पर काफी कम दुष्प्रभाव पड़ता है। वहीं, केमिकल युक्त रंग, पेंट मुंह और आंखों में पड़ जाने से खतरनाक हो सकते हैं। थोड़ी सी सावधानी बरतते हुए और सूखे गुलाल तथा हर्बल रंगों की मदद से होली को सुरक्षित बनाया जा सकता है। रासायनिक रंगों में कांच के टुकड़े और माइका मिला होता है जो त्वचा तथा आंखों में असर डालता है। वहीं पानी के रंगों में मोबिल आयल, पेंट और स्पिरिट मिला होता है। इन रंगों को नजरअंदाज करते हुए हर्बल रंग ही खरीदने की चिकित्सकों ने सलाह दी है। रंग आंख में चले जाने पर तुरंत अस्पताल का रुख करने का आग्रह किया है। सूखे रंगों से ही होली मनाने के लिए कहा है।
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जल शक्ति विभाग ने पानी बचाने का दिया संदेश
जल शक्ति विभाग ने होली पर पानी बचाने का संदेश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पानी वाली होली मनाने से बेहतर है कि सूखे रंगों से मनाई जाए। इससे हम पानी का बचाव कर सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस बार सर्दियों में बारिश काफी कम हुई है। हम सबको पानी का बचाव करने में आगे आना होगा ताकि गर्मियों में पानी की किल्लत न हो।
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इनसेट
ये सावधानियां जरूरी
- पानी के रंगों के साथ होली खेलने में रुचि न लें।
- पर्यावरण मित्र एवं त्वचा मित्र रंगों का प्रयोग करें।
- खांसी जुकाम से पीडि़त लोग होली खेलने से परहेज करें।
- सिंथेटिक या केमिकलयुक्त रंगों के प्रयोग से परहेज करें।
- रंगों को मुंह के भीतर न जाने दें।
- जानवरों पर रंग न डालें।
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हर्बल रंगों का ही करें प्रयोग
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल वर्मा ने बताया कि होली के पर्व को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। स्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन विभाग की शिफ्ट में चिकित्सकों की ड्यूटी तय की है। इसके अलावा स्टाफ नर्स सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की भी ड्यूटी लगाई है। लोगों से आग्रह है कि हर्बल रंगों का प्रयोग करें। स्प्रे वाले रंगों से बचे और सूखे रंगों से होली पर्व मनाएं।