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Solan News: बच्चों को करवाई जंगली मशरूम की पहचान
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कल्होग स्कूल में मशरूम वॉक का किया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
कंडाघाट (सोलन)। ईको विज्ञान फाउंडेशन ने वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कल्होग में मार्गदर्शित मशरूम वॉक का आयोजन किया। इसमें स्कूल ईको क्लब प्रभारी हितेशी शर्मा के नेतृत्व में दसवीं से जमा दो के 20 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को आसपास के जंगलों का भ्रमण करवाया गया और जंगली मशरूम की अद्भुत व विविध दुनिया से परिचित किया। विशेषज्ञों ने छात्रों को बताया कि किस प्रकार मशरूम की पहचान की जाती है। बच्चों ने यह भी सीखा कि मशरूम प्रकृति में पोषक चक्र बनाए रखने, मृत जैविक पदार्थों के अपघटन और पर्यावरणीय संतुलन में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं। यह पहल ईको विज्ञान फाउंडेशन के जिला सोलन में मशरूम विविधता मानचित्रण परियोजना का हिस्सा है, जिसे द हैबिटैट ट्रस्ट के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक शिमला, सोलन और बिलासपुर जिलों के शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर हिमाचल प्रदेश में 2,500 से अधिक जंगली मशरूम का सफलतापूर्वक मानचित्रण किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कंडाघाट (सोलन)। ईको विज्ञान फाउंडेशन ने वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कल्होग में मार्गदर्शित मशरूम वॉक का आयोजन किया। इसमें स्कूल ईको क्लब प्रभारी हितेशी शर्मा के नेतृत्व में दसवीं से जमा दो के 20 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को आसपास के जंगलों का भ्रमण करवाया गया और जंगली मशरूम की अद्भुत व विविध दुनिया से परिचित किया। विशेषज्ञों ने छात्रों को बताया कि किस प्रकार मशरूम की पहचान की जाती है। बच्चों ने यह भी सीखा कि मशरूम प्रकृति में पोषक चक्र बनाए रखने, मृत जैविक पदार्थों के अपघटन और पर्यावरणीय संतुलन में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं। यह पहल ईको विज्ञान फाउंडेशन के जिला सोलन में मशरूम विविधता मानचित्रण परियोजना का हिस्सा है, जिसे द हैबिटैट ट्रस्ट के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक शिमला, सोलन और बिलासपुर जिलों के शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर हिमाचल प्रदेश में 2,500 से अधिक जंगली मशरूम का सफलतापूर्वक मानचित्रण किया है।