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Solan News: स्वास्थ्य विभाग की रिसर्च आई काम, प्रदेश में छुट्टी के बाद भी खुले रहेंगे स्कूली मैदान
Thu, 16 Nov 2023 11:24 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 16 Nov 2023 11:24 PM IST
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-खास खबर-
खेलकूद गतिविधियां कम होने से नशे की गिरफ्त में आ रहे युवा
महकमे ने विभिन्न जिलों के गांव में जाकर लोगों से पूछा था कारण
स्कूलों के मैदान चार बजे के बाद मैदान बन रहे थे पार्किंग का अड्डा
आदित्य सोफत
सोलन। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के मैदान अब चार बजे के बाद भी खेल गतिविधियों के लिए खुले रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग की रिसर्च रिपोर्ट के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। वहीं प्रदेश शिक्षा विभाग को भी इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं और स्कूलों के मैदानों को छुट्टी के बाद भी खोलने के लिए कहा है। साथ ही स्कूल प्रबंधकों को आदेशों में साफ किया है कि चार बजे के बाद मैदान पार्किंग में तब्दील न हो। यदि मैदान में पार्किंग होती है तो उसके खिलाफ पुलिस के साथ मिलकर तुरंत कार्रवाई अमल में लाएं।
बीते दिनों जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. एके सिंह और अन्य चिकित्सकों ने नशे की बढ़ती प्रवृति को लेकर रिसर्च की थी। इस अनुसंधान में इस बात का पता लगाया गया कि युवा क्यों तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। इसे लेकर एक प्रश्न पत्र भी तैयार किया गया था। इसके अनुसार प्रदेश के अलग-अलग गांव में जाकर स्थानीय लोगों से डाटा एकत्र किया। जिसमें खुलासा हुआ कि चार बजे के बाद सरकारी स्कूलों के अधिकतर मैदानों में पार्किंग बन जाती है।
इसे लेकर युवा खेलने की बजाए वहां बैठकर नशे की लत में आ रहे हैं। वहीं कई स्कूलों के पास खेल गतिविधियों को लेकर कोई भी मैदान नहीं है। इसे लेकर युवा यहां खेलकूद गतिविधियों में भाग ही नहीं ले पाते है। यह सारा डाटा एकत्र करने के बाद सरकार को भेजा गया। जिसमें हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आए। साथ ही खुलासा हुआ है कि खेल गतिविधियों के न के बराबर होने से अधिकतर युवा वर्ग गंभीर प्रवृति के नशे की चपेट में हैं। इस रिसर्च के आंकड़े सरकार के पास पहुंचने के बाद तुरंत इस पर कार्रवाई अमल में लाई और स्कूलों के मैदानों को चार बजे के बाद भी खुले रखने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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इनसेट
कई स्कूलों के मैदानों में दिन में भी रहती है पार्किंग
वर्तमान में कई स्कूलों के मैदानों को दिन में भी पार्किंग का अड्डा बना रहता है। यहां पर दिन में भी अब कोई खेलकूद गतिविधि नहीं हो पाती है। इससे युवा खेलकूद से मायूस रह रहे हैं। कई स्कूल जिले में ऐसे देखे जा सकते है जहां पर दिन में या तो अध्यापकों के वाहन खड़े रहते हैं या स्थानीय लोग पार्किंग कर चले जाते हैं।
इनसेट
नशे की बढ़ती हुई स्थिति को देखते हुए एक विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर रिसर्च की गई। गांव-गांव में जाकर लोगों से जानकारी एकत्र की गई। इस रिसर्च में पाया कि खेलकूद गतिविधियां कम होने या न होने से युवा पीढ़ी नशे की चपेट में आ रही है। स्कूलों के मैदान चार बजे के बाद पार्किंग में बदल जा रहे हैं। इस रिसर्च के आंकड़े सरकार को भेजे गए। जिसके बाद सरकार ने स्कूलों के मैदानों को खोलने के आदेश दिए हैं। यह रिसर्च काफी कामयाब हुई है।
-डॉ. एके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य) सोलन
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खेलकूद गतिविधियां कम होने से नशे की गिरफ्त में आ रहे युवा
महकमे ने विभिन्न जिलों के गांव में जाकर लोगों से पूछा था कारण
स्कूलों के मैदान चार बजे के बाद मैदान बन रहे थे पार्किंग का अड्डा
आदित्य सोफत
सोलन। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के मैदान अब चार बजे के बाद भी खेल गतिविधियों के लिए खुले रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग की रिसर्च रिपोर्ट के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। वहीं प्रदेश शिक्षा विभाग को भी इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं और स्कूलों के मैदानों को छुट्टी के बाद भी खोलने के लिए कहा है। साथ ही स्कूल प्रबंधकों को आदेशों में साफ किया है कि चार बजे के बाद मैदान पार्किंग में तब्दील न हो। यदि मैदान में पार्किंग होती है तो उसके खिलाफ पुलिस के साथ मिलकर तुरंत कार्रवाई अमल में लाएं।
बीते दिनों जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. एके सिंह और अन्य चिकित्सकों ने नशे की बढ़ती प्रवृति को लेकर रिसर्च की थी। इस अनुसंधान में इस बात का पता लगाया गया कि युवा क्यों तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। इसे लेकर एक प्रश्न पत्र भी तैयार किया गया था। इसके अनुसार प्रदेश के अलग-अलग गांव में जाकर स्थानीय लोगों से डाटा एकत्र किया। जिसमें खुलासा हुआ कि चार बजे के बाद सरकारी स्कूलों के अधिकतर मैदानों में पार्किंग बन जाती है।
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इसे लेकर युवा खेलने की बजाए वहां बैठकर नशे की लत में आ रहे हैं। वहीं कई स्कूलों के पास खेल गतिविधियों को लेकर कोई भी मैदान नहीं है। इसे लेकर युवा यहां खेलकूद गतिविधियों में भाग ही नहीं ले पाते है। यह सारा डाटा एकत्र करने के बाद सरकार को भेजा गया। जिसमें हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आए। साथ ही खुलासा हुआ है कि खेल गतिविधियों के न के बराबर होने से अधिकतर युवा वर्ग गंभीर प्रवृति के नशे की चपेट में हैं। इस रिसर्च के आंकड़े सरकार के पास पहुंचने के बाद तुरंत इस पर कार्रवाई अमल में लाई और स्कूलों के मैदानों को चार बजे के बाद भी खुले रखने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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कई स्कूलों के मैदानों में दिन में भी रहती है पार्किंग
वर्तमान में कई स्कूलों के मैदानों को दिन में भी पार्किंग का अड्डा बना रहता है। यहां पर दिन में भी अब कोई खेलकूद गतिविधि नहीं हो पाती है। इससे युवा खेलकूद से मायूस रह रहे हैं। कई स्कूल जिले में ऐसे देखे जा सकते है जहां पर दिन में या तो अध्यापकों के वाहन खड़े रहते हैं या स्थानीय लोग पार्किंग कर चले जाते हैं।
इनसेट
नशे की बढ़ती हुई स्थिति को देखते हुए एक विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर रिसर्च की गई। गांव-गांव में जाकर लोगों से जानकारी एकत्र की गई। इस रिसर्च में पाया कि खेलकूद गतिविधियां कम होने या न होने से युवा पीढ़ी नशे की चपेट में आ रही है। स्कूलों के मैदान चार बजे के बाद पार्किंग में बदल जा रहे हैं। इस रिसर्च के आंकड़े सरकार को भेजे गए। जिसके बाद सरकार ने स्कूलों के मैदानों को खोलने के आदेश दिए हैं। यह रिसर्च काफी कामयाब हुई है।
-डॉ. एके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य) सोलन