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Solan News: आजादी के 75 वर्ष बाद भी सड़क से नहीं जुड़ पाया घाटी गांव
Wed, 14 Jun 2023 11:58 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Wed, 14 Jun 2023 11:58 PM IST
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नालागढ़ के रतवाड़ी पंचायत के घाटी गांव में बीमार महिला को पीठ पर उठा कर मुख्य मार्ग तक ले जाता
गांव में आज तक नहीं पहुंची एबुलेंस, आ रही काफी समस्या
रोगियों को पीठ पर उठा कर पहुंचाया जाता है मुख्य सड़क तक
चंद लोगों की मनमर्जी से पूरा गांव प्रभावित, करते हैं एतराज
संवाद न्यूज एजेंसी
एचआर धीमान
नालागढ़ (सोलन)। ग्राम पंचायत रतवाड़ी का घाटी गांव आजादी के 75 वर्ष बाद भी सड़क सुविधा से वंचित है। इसके चलते न तो यहां पर लोगों को आने-जाने के लिए यातायात सुविधा मिलती और न ही बीमारी के समय मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस घर तक पहुंच पाती है। इस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2015 में लोनिवि ने जेबीसी लगा कर सड़क निकालने की कोशिश तो की, लेकिन कुछ लोगों की जमीन बीच में आने के कारण विरोध के चलते यह मामला अधर में लटक गया। आपात समय में रोगियों को पीठ पर उठा कर मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है। गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है।
रतवाड़ी पंचायत के इस घाटी गांव में हरिजन रहते हैं। चुनाव के समय में राजनेता इन लोगों को सड़क बनाने की सपना दिखाते हैं। लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद कोई न कोई बहाना बना कर इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। गांव के कुछ लोग अपनी जमीन से इस सड़क को पक्का नहीं होने दे रहे। इसका खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है। वार्ड की पंच बबली देवी ने बताया कि दो दिन पूर्व गांव की एक महिला को बीमारी की हालत में रतवाड़ी तक ढाई किलोमीटर पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया गया।
पंचायत की प्रधान पूजा देवी ने बताया कि उन्होंने पंचायत की बैठक बुलाई है जिन लोगों को जमीन देने पर एतराज है उनसे बात कर उन्हें राजी किया जाएगा। पूर्व सैनिक प्रेमचंद ने बताया कि सड़क की सुविधा न होने से लोग अपनी नकदी फसलें भी उठा कर मुख्य मार्ग तक ले जाते हैं। ऐसे में किसानों को भाड़े के रूप में ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है।
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उधर, लोनिवि के सहायक अभियंता राज कुमार ने बताया कि विभाग इस सड़क को पक्का करना चाहता है। लेकिन यहां के लोगों की जमीन बीच में आने से वह लोग एतराज करते हैं और काम को चालू नहीं होने देते। विभाग ने ग्रामीणों को यह विकल्प दिया है अगर वह दूसरी ओर से भी जमीन देकर सड़क बनाना चाहते हैं तो वह उसके लिए भी तैयार हैं।
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रोगियों को पीठ पर उठा कर पहुंचाया जाता है मुख्य सड़क तक
चंद लोगों की मनमर्जी से पूरा गांव प्रभावित, करते हैं एतराज
संवाद न्यूज एजेंसी
एचआर धीमान
नालागढ़ (सोलन)। ग्राम पंचायत रतवाड़ी का घाटी गांव आजादी के 75 वर्ष बाद भी सड़क सुविधा से वंचित है। इसके चलते न तो यहां पर लोगों को आने-जाने के लिए यातायात सुविधा मिलती और न ही बीमारी के समय मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस घर तक पहुंच पाती है। इस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2015 में लोनिवि ने जेबीसी लगा कर सड़क निकालने की कोशिश तो की, लेकिन कुछ लोगों की जमीन बीच में आने के कारण विरोध के चलते यह मामला अधर में लटक गया। आपात समय में रोगियों को पीठ पर उठा कर मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है। गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है।
रतवाड़ी पंचायत के इस घाटी गांव में हरिजन रहते हैं। चुनाव के समय में राजनेता इन लोगों को सड़क बनाने की सपना दिखाते हैं। लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद कोई न कोई बहाना बना कर इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। गांव के कुछ लोग अपनी जमीन से इस सड़क को पक्का नहीं होने दे रहे। इसका खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है। वार्ड की पंच बबली देवी ने बताया कि दो दिन पूर्व गांव की एक महिला को बीमारी की हालत में रतवाड़ी तक ढाई किलोमीटर पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया गया।
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पंचायत की प्रधान पूजा देवी ने बताया कि उन्होंने पंचायत की बैठक बुलाई है जिन लोगों को जमीन देने पर एतराज है उनसे बात कर उन्हें राजी किया जाएगा। पूर्व सैनिक प्रेमचंद ने बताया कि सड़क की सुविधा न होने से लोग अपनी नकदी फसलें भी उठा कर मुख्य मार्ग तक ले जाते हैं। ऐसे में किसानों को भाड़े के रूप में ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है।
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उधर, लोनिवि के सहायक अभियंता राज कुमार ने बताया कि विभाग इस सड़क को पक्का करना चाहता है। लेकिन यहां के लोगों की जमीन बीच में आने से वह लोग एतराज करते हैं और काम को चालू नहीं होने देते। विभाग ने ग्रामीणों को यह विकल्प दिया है अगर वह दूसरी ओर से भी जमीन देकर सड़क बनाना चाहते हैं तो वह उसके लिए भी तैयार हैं।

नालागढ़ के रतवाड़ी पंचायत के घाटी गांव में बीमार महिला को पीठ पर उठा कर मुख्य मार्ग तक ले जाता