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प्लांट में भारी मालवाहक वाहनों की कमी, घरेलू गैस का संकट
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Fri, 07 Oct 2016 11:08 PM IST
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बद्दी के इंडियन आयल कंपनी (आईओसी) प्लांट में बलक गैस ढोहने वाले मालवाहक (बुलेट) न पहुंचने से रसोई गैस सिलेंडरों की सप्लाई में 30 फीसदी कटौती कर दी है।
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बद्दी के इंडियन आयल कंपनी (आईओसी) प्लांट में बलक गैस ढोहने वाले मालवाहक (बुलेट) न पहुंचने से रसोई गैस सिलेंडरों की सप्लाई में 30 फीसदी कटौती कर दी है। इससे जिला सोलन समेत, अप्पर शिमला और सिरमौर में रसोई गैस की किल्लत गहराने लगी है। लोगों को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे। हालांकि शहर में गैस उपलब्ध हो रही है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में लोगों को लंबे इंतजार के बाद भी रसोई गैस नहीं मिल रही है। गैस की किल्लत को देखते हुए लोगों में काफी रोष है।
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लोगों का कहना है कि बुकिंग के बावजूद गैस समय पर नहीं मिल पा रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में गैस के लाले पड़े हैं। सोलन के रबौण, आंजी, शामती, बाइपास, कथेड़ बसाल, नौणी समेत अर्की, कुनिहार, सुबाथू, धर्मपुर और पवाणू आदि क्षेत्रों में भी रसोई गैस की किल्लत के चलते लोगों को परेशानी हो रही है। आईओसी के उपभोक्ताओं ने स्थानीय प्रशासन से मामले में दखल देकर व्यवस्था सुधारने की गुहार लगाई है।
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केस वन
अस्पताल रोड निवासी कमला देवी ने कहा कि पहले रसोई गैस समय पर मिल जाती थी। लेकिन अब रसोई गैस की सप्लाई सही नहीं हो रही। पिछले एक सप्ताह से गैस नहीं मिली है। एजेंसी में पता किया तो जानकारी मिली की पीछे से गैस शॉर्ट है। ऐसे में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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केस टू
हाउसिंग बोर्ड निवासी पंकज शर्मा ने कहा कि आईओसी गैस की शार्टेज चल रही है। रबौण और आंजी आदि क्षेत्रों में सही ढंग से सप्लाई दिए हुए अरसा हो चुका है। एक बार सप्लाई आई थी लेकिन किसी विशेष स्थान पर रसोई गैस पहुंचाई है। बाकी उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिली है।
केस थ्री
बसाल निवासी हरिदत्त कश्यप ने कहा कि गैस आ तो रही है, लेकिन शार्टेज की बात कहकर पर्याप्त सप्लाई नहीं दी जा रही। लोगों को सोलन जाकर सिलेंडर लेने पड़ रहे हैं। कहा कि बसाल में सड़क गैस वितरण प्वाइंट है। लोगों दूर-दूर से सिलेंडर लेकर सड़क पर खड़े होते हैं। सिलेंडर न मिलने से भारी दिक्कत होती है।
किसके कितने उपभोक्ता (जिला सोलन)
आईओसी 1 लाख 2000
एचपी 24 हजार
बीपीसीएल 21 हजार
सोलन शहर में यह है स्थिति
शहर में करीब 25000 आईओसी के उपभोक्ता हैं। एक माह में 35 लोड की आवश्यकता रहती है। जबकि सप्लाई 28 के करीब लोड हो रही है। एक ट्रक को एक-एक लोड माना जाता है। प्रति लोड 300 के करीब सिलेंडर होते हैं। ऐसे में 7 लोड कम पहुंच रहे हैं। इस कारण लोगों को भारी दिक्कत हो रही है।
224114 पर करें गैस न मिलने की शिकायत
खाद्य आपूर्ति नियंत्रक यादवेंद्र पाल ने कहा कि संबंधित गैस एजेंसी को सप्लाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक कहीं से गैस न मिलने की शिकायत नहीं आई है। इतना जरूरी है कि गैस 25 से 30 फीसदी शार्ट चल रही है। बताया जा रहा है कि आईओसी बद्दी स्थित में पानीपत और मथुरा रिफाइनरी से बुलेट यानी गैस ढोने वाली भारी मालवाहक नहीं पहुंच रहे हैं। एक बुलेट में 700 से अधिक सिलेंडर जितनी गैस होती है। यदि लोगों को गैस वितरण को लेकर कोई समस्या है तो 224114 नंबर पर शिकायत कर सकते हैं।
शार्टफाल हो रहा मीट आउट : चीफ मैनेजर
आईओसी के चीफ मैनेजर वीके सुंदरायल ने कहा कि बुलेट न चलने से कुछ दिन तक शार्टफाल आया था, जिसे मीट आउट किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में तो संडे तक सप्लाई मंगवाई जा रही है। अभी स्थिति काफी हद तक सुधर चुकी है। बुलेट ( व्लक वाहन) का आना शुरू हो चुका है। लिहाजा जल्द उपभोक्ताओं की परेशानी दूर होगी।
आधार कार्ड नहीं तो सब्सिडी नहीं
सोलन। आधार कार्ड न होने पर उपभोक्ताओं को सब्सिडी से वंचित रहना पड़ेगा। केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के मुताबिक खाद्य आपूर्ति विभाग ने संबंधित गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश जारी कर ऐसे उपभोक्ताओं को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। तीस नवंबर तक आधार कार्ड से विहीन उपभोक्ताओं को आधार बनाने के निर्देश दिए हैं अन्यथा विभाग आगामी कार्रवाई कर संबंधित उपभोक्ता से सब्सिडी का हक छीन लेगा।