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Solan News: लहसुन का तोड़ रहा रिकॉड मंडी में 300 तो बाजार में 390 में बिक रहा
Sun, 18 Feb 2024 11:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sun, 18 Feb 2024 11:27 PM IST
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प्रदेश में लहसुन का अभी चल रहा ऑफ सीजन
पहली बार इतना महंगा, अमूमन 30 से 50 किलो होते हैं दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। खाने की पौष्टिकता व स्वाद बढ़ाने वाले लहसुन ने इस बार नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अमूमन 30 से 50 रुपए प्रतिकिलो तक बिकने वाला लहसुन अब मार्केट में ढूंढने से भी नहीं मिल रहा है। इस बार लहसुन ने सोलन में 390 रुपए प्रतिकिलो का आंकड़ा छू लिया। यहां पर लहसुन के दाम इससे पहले इतने अधिक कभी देखने को नहीं मिले।
बता दें कि हिमाचल के सभी हिस्सों में लहसुन उगाया जाता है। पहले इसकी खेती घरेलू उपयोग तक ही सीमित थी, फिर सिरमौर व कुल्लू में इसकी व्यवसायिक खेती की जाने लगी, अब पिछले कुछ वर्षों से सोलन, शिमला सहित अन्य जिलों में भी इसे नगदी फसल के रूप में उगाया जा रहा है। सोलन जिले में इसकी खेती का दायरा बढ़ा है। हालांकि प्रदेश में इसका ऑफ सीजन चल रहा है, और अभी लहसुन खेतों में लगा हुआ है। इसे तैयार होने में करीब 2 से 3 महीने का समय लगेगा। इसके चलते यहां लहसुन बाहरी राज्यों से पहुंच रहा है। लहसुन की मांग अधिक होने व आपूर्ति कम होने के कारण इसके दाम अर्श पर पहुंच चुके हैं। अब लहसुन खाना आम आदमी के बस की बात नहीं रह गई है।
इनसेट
जनवरी से बढ़ना शुरू हुए दाम
लहसुन के दामों की बात करें तो जनवरी की 30 तारीख तक लहसुन के दाम 250 से 280 रुपए प्रतिकिलो तक थे। इसके बाद 31 जनवरी को इसमें भारी उछाल आया और इसके दाम अचानक 300 से 380 रुपए प्रतिकिलो तक पहुंच गए। इसके बाद यह उछाल जारी रहा और 6 फरवरी से लेकर 12 फरवरी तक इसके दाम 390 रुपए प्रतिकिलो तक मंडी में रहे। इसके बाद 18 फरवरी तक यह 300 से 340 रुपए तक बिका, जबकि बाजार में 390 रुपये किलो बिक रहा है।
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इनसेट
मंडी समिति के सचिव डॉ. रविंद्र शर्मा ने बताया कि इन दिनों प्रदेश में लहसुन का ऑफ सीजन चल रहा है और लहसुन बाहरी राज्यों से आ रहा है। यह लहसुन पीछे से ही मंहगा आ रहा है। देश में मांग अधिक होने व आपूर्ति कम होने से लहसुन के दाम काफी बढ़ गए हैं।
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पहली बार इतना महंगा, अमूमन 30 से 50 किलो होते हैं दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। खाने की पौष्टिकता व स्वाद बढ़ाने वाले लहसुन ने इस बार नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अमूमन 30 से 50 रुपए प्रतिकिलो तक बिकने वाला लहसुन अब मार्केट में ढूंढने से भी नहीं मिल रहा है। इस बार लहसुन ने सोलन में 390 रुपए प्रतिकिलो का आंकड़ा छू लिया। यहां पर लहसुन के दाम इससे पहले इतने अधिक कभी देखने को नहीं मिले।
बता दें कि हिमाचल के सभी हिस्सों में लहसुन उगाया जाता है। पहले इसकी खेती घरेलू उपयोग तक ही सीमित थी, फिर सिरमौर व कुल्लू में इसकी व्यवसायिक खेती की जाने लगी, अब पिछले कुछ वर्षों से सोलन, शिमला सहित अन्य जिलों में भी इसे नगदी फसल के रूप में उगाया जा रहा है। सोलन जिले में इसकी खेती का दायरा बढ़ा है। हालांकि प्रदेश में इसका ऑफ सीजन चल रहा है, और अभी लहसुन खेतों में लगा हुआ है। इसे तैयार होने में करीब 2 से 3 महीने का समय लगेगा। इसके चलते यहां लहसुन बाहरी राज्यों से पहुंच रहा है। लहसुन की मांग अधिक होने व आपूर्ति कम होने के कारण इसके दाम अर्श पर पहुंच चुके हैं। अब लहसुन खाना आम आदमी के बस की बात नहीं रह गई है।
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जनवरी से बढ़ना शुरू हुए दाम
लहसुन के दामों की बात करें तो जनवरी की 30 तारीख तक लहसुन के दाम 250 से 280 रुपए प्रतिकिलो तक थे। इसके बाद 31 जनवरी को इसमें भारी उछाल आया और इसके दाम अचानक 300 से 380 रुपए प्रतिकिलो तक पहुंच गए। इसके बाद यह उछाल जारी रहा और 6 फरवरी से लेकर 12 फरवरी तक इसके दाम 390 रुपए प्रतिकिलो तक मंडी में रहे। इसके बाद 18 फरवरी तक यह 300 से 340 रुपए तक बिका, जबकि बाजार में 390 रुपये किलो बिक रहा है।
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मंडी समिति के सचिव डॉ. रविंद्र शर्मा ने बताया कि इन दिनों प्रदेश में लहसुन का ऑफ सीजन चल रहा है और लहसुन बाहरी राज्यों से आ रहा है। यह लहसुन पीछे से ही मंहगा आ रहा है। देश में मांग अधिक होने व आपूर्ति कम होने से लहसुन के दाम काफी बढ़ गए हैं।