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Solan News: सोलन में जल आपूर्ति सुधार के लिए पूर्व नप अध्यक्ष ने भेजे स्वास्थ्य मंत्री को सुझाव
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30 फीसदी पानी की बर्बादी रोकने पर जोर, धर्मपुर-कसौली पेयजल योजना जल्द करें शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में लगातार बढ़ रही पेयजल किल्लत को लेकर नगर परिषद सोलन के पूर्व अध्यक्ष कुल राकेश पंत और व्यापार मंडल सोलन के पूर्व महासचिव मनोज गुप्ता ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल को इसमें सुधार के लिए कुछ सुझाव भेजे हैं। यह सुझाव सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख जोगिंदर सिंह चौहान समेत कई अधिकारियों ने सुझाए हैं।
इन सुझावों में पानी की बर्बादी रोकने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें धर्मपुर-कसौली पेयजल योजना को यथाशीघ्र पूरा करने की बात कही गई है। इससे सोलन पेयजल योजना पर वर्तमान भार कम हो सकेगा। योजना के तहत पानी उठाने की व्यवस्था दो चरणों में करने का प्रस्ताव है। दूसरे चरण तक सड़क पहले से निर्मित है, जिससे निर्माण और रखरखाव में सुविधा होगी। विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण के बाद वर्तमान जल भंडारण टैंकों की क्षमता का आकलन किया जाएगा। आवश्यकतानुसार नए जल भंडारण टैंकों का निर्माण भी होना चाहिए।
वर्तमान अनुमान के अनुसार लगभग 30 फीसदी गैर-राजस्व जल की हानि होती है। इसे कम करने के लिए पानी के रिसाव और अवैध उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। पूरे शहर को जल आपूर्ति के लिए विभिन्न जोनों में विभाजित किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है, उनके लिए प्राथमिकता के आधार पर स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा।
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वर्तमान में निर्मित कुओं में गाद भरने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है। इस समस्या के स्थायी समाधान क लिए करगानू के आसपास ऊंचे स्थानों का तकनीकी सर्वेक्षण करवाया जाएगा। इसके बाद 9 से 15 मीटर गहराई वाले नए कुओं का निर्माण आवश्यक है। करगानू के समीप एक स्थायी बांध का निर्माण भी संभव है। यह गिरी नदी में जल स्तर कम होने पर गौड़ा स्थित जल शोधन संयंत्र तक पानी पहुंचाने में सहायक होगा। भविष्य की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेणुका बांध से खैरी (जिला सिरमौर) या आसपास के उपयुक्त स्थान से सोलन के लिए जल उपलब्ध कराने की योजना पर अभी से विचार-विमर्श शुरू किया जाना चाहिए। संबंधित विभागों के साथ आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ करने का भी सुझाव है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में लगातार बढ़ रही पेयजल किल्लत को लेकर नगर परिषद सोलन के पूर्व अध्यक्ष कुल राकेश पंत और व्यापार मंडल सोलन के पूर्व महासचिव मनोज गुप्ता ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल को इसमें सुधार के लिए कुछ सुझाव भेजे हैं। यह सुझाव सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख जोगिंदर सिंह चौहान समेत कई अधिकारियों ने सुझाए हैं।
इन सुझावों में पानी की बर्बादी रोकने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें धर्मपुर-कसौली पेयजल योजना को यथाशीघ्र पूरा करने की बात कही गई है। इससे सोलन पेयजल योजना पर वर्तमान भार कम हो सकेगा। योजना के तहत पानी उठाने की व्यवस्था दो चरणों में करने का प्रस्ताव है। दूसरे चरण तक सड़क पहले से निर्मित है, जिससे निर्माण और रखरखाव में सुविधा होगी। विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण के बाद वर्तमान जल भंडारण टैंकों की क्षमता का आकलन किया जाएगा। आवश्यकतानुसार नए जल भंडारण टैंकों का निर्माण भी होना चाहिए।
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वर्तमान अनुमान के अनुसार लगभग 30 फीसदी गैर-राजस्व जल की हानि होती है। इसे कम करने के लिए पानी के रिसाव और अवैध उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। पूरे शहर को जल आपूर्ति के लिए विभिन्न जोनों में विभाजित किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है, उनके लिए प्राथमिकता के आधार पर स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा।
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वर्तमान में निर्मित कुओं में गाद भरने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है। इस समस्या के स्थायी समाधान क लिए करगानू के आसपास ऊंचे स्थानों का तकनीकी सर्वेक्षण करवाया जाएगा। इसके बाद 9 से 15 मीटर गहराई वाले नए कुओं का निर्माण आवश्यक है। करगानू के समीप एक स्थायी बांध का निर्माण भी संभव है। यह गिरी नदी में जल स्तर कम होने पर गौड़ा स्थित जल शोधन संयंत्र तक पानी पहुंचाने में सहायक होगा। भविष्य की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेणुका बांध से खैरी (जिला सिरमौर) या आसपास के उपयुक्त स्थान से सोलन के लिए जल उपलब्ध कराने की योजना पर अभी से विचार-विमर्श शुरू किया जाना चाहिए। संबंधित विभागों के साथ आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ करने का भी सुझाव है।