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लो आ गया फोल्डिंग घर: शहर के गरीब परिवारों को नसीब होगी छत
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Wed, 27 Apr 2016 12:08 AM IST
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केंद्र सरकार की बहुउद्देशीय इंटीग्रेटिड हाउसिंग एंड स्लम डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत जरूरतमंद परिवारों के लिए 96 मकानों का निर्माण किया जाएगा।
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शहर के गरीब और बेघर परिवारों को जल्द छत नसीब होगी। केंद्र सरकार की बहुउद्देशीय इंटीग्रेटिड हाउसिंग एंड स्लम डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत जरूरतमंद परिवारों के लिए 96 मकानों का निर्माण किया जाएगा। खास बात यह है कि यह मकान कंकरीट के नहीं फेब्रिकेटिड होंगे। मकान के अलग-अलग ढांचों को जोड़कर आशियाना बनाया जाएगा। वहीं फोल्डिंग मकानों को अलग करके कहीं भी ले जाया जा सकेेगा।
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योजना के तहत सोलन के चंबाघाट बाईपास रोड पर एचआरटीसी वर्कशाप के पास मकानों के निर्माण के लिए जगह चिन्हित की गई है। इसका कार्य नगर परिषद ने शुरू कर दिया है। इस योजना का सीधा फायदा ऐसे शहरी गरीबों और बेघर लोगों को मिलेगा जिनकी सालाना आमदनी 30 हजार या उससे कम है। योजना का मुख्य उद्देश्य शहर में रह रहे गरीबों को छत दिलाना है। इसके लिए केंद्र सरकार ने नगर परिषद को लगभग 9 करोड़ की राशि मंजूर की है, जिसमें से 3 करोड़ की राशि नप को जारी कर दी है।
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ऐसे होगा गरीब बेघर परिवारों का चयन
नगर परिषद शहरी गरीब एवं बेघर लोगों को अलाटमेंट के लिए प्रार्थना पत्र आमंत्रित कर रहा है। योजना का लाभ मात्र ऐसे लोगों को दिया जाएगा जो शहर में रहते हैं और गरीब तथा बेघर हैं। साथ सालाना आय 30 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। इसके साथ ही निवेदक को सोलन में रहते हुए 25 साल या इससे ज्यादा वर्ष हो चुके हों।
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दो माह में कार्य होगा पूरा : गुप्ता
नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता ने बताया कि 9 करोड़ की राशि केंद्र सरकार ने स्वीकृत कर दी है। पहले चरण में तीन करोड़ पहुंच चुकी है। नगर परिषद द्वारा चंबाघाट बाईपास में एचआरटीसी वर्कशाप के समीप जगह चिन्हित की जा चुकी है। मकानों को एक साथ जोड़ा जा रहा है। इसे पूरा होने में लगभग दो माह का समय लग जाएगा।
यह है फेब्रिकेटिड मकान और फायदे
घरों को बनाने में फेब्रिकेटेड तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका अर्थ भवन बनाने में लगने वाले विभिन्न हिस्सों को पहले से ही बनाकर निर्धारित स्थान पर लाया जा रहा है। अब बस उसे जोड़ने का कार्य यहां किया जाएगा। ऐसी तकनीक से बने मकान सीलन रहित होते हैं। भवन मजबूत होने के साथ-साथ सुंदर दिखते है। इनका रख रखाव भी आसान होता है। इसके अलावा मकानों को उठाकर कहीं अन्यत्र स्थान पर भी शिफ्ट किया जा सकता है।