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Solan News: मलपुर खरीद केंद्र में खुले में पड़ा किसानों का धान भीगा, अब सुखाने की होगी मशक्कत
Mon, 12 Oct 2026 12:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 12 Oct 2026 12:03 AM IST
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ठेकेदार की लापरवाही और बेमौसम बारिश से बढ़ी किसानों की मुश्किलें
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बद्दी के मलपुर स्थित धान खरीद केंद्र में ठेकेदार की कथित लापरवाही के चलते खुले में रखा किसानों का धान बारिश में भीग गया। विभाग की ओर से तिरपाल उपलब्ध कराया गया था, लेकिन झराई के लिए फैलाए गए धान को ढका नहीं गया। कुछ किसान मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे उनका धान भी बारिश की चपेट में आ गया।
रविवार सुबह हुई तेज बारिश से फर्श पर पानी जमा हो गया, जो धान की ढेरियों में घुस गया। इससे करीब 40 ट्रैक्टरों में लाए गए किसानों के धान के प्रभावित होने की बात सामने आई है। अब किसानों को धान दोबारा सुखाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी।
बीबीएन क्षेत्र में हुई बेमौसम बारिश से किसानों की तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है। करीब 40 किसान अपना धान मलपुर खरीद केंद्र में लेकर पहुंचे थे। कुछ ने धान फर्श पर फैला रखा था, जबकि कुछ का धान ट्रैक्टरों में ही था। किसानों ने बारिश शुरू होने पर धान को तिरपाल से ढकने की कोशिश की, लेकिन तब तक पानी ढेरियों में पहुंच चुका था। हालांकि, ट्रैक्टरों में भरे धान को समय रहते शेड के नीचे खड़ा कर दिया गया, जिससे वह भीगने से बच गया।
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इनसेट:
ठेकेदार की मनमानी से किसानों में रोष
सनेड पंचायत के पूर्व उपप्रधान हरदेव छाबड़ी सहित किसान धर्मपाल, रणजीत सिंह, बलदेव, अवतार, कंवर सिंह, सुरेंद्र, नायबी सिंह और लेखराम ने नुकसान के लिए ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया है। किसानों का आरोप है कि उनका धान पिछले आठ दिनों से खुले में पड़ा है, लेकिन ठेकेदार की मनमानी के कारण समय पर तुलाई नहीं हो रही। उनका कहना है कि यदि समय पर तुलाई हो जाती, तो यह स्थिति पैदा नहीं होती।
कोट
बारिश के कारण किसानों का धान गीला हुआ है। नियमानुसार, केवल उसी किसान का धान उतारा जाना चाहिए जिसकी ग्रेडिंग होनी है। अन्य किसानों का धान ट्रैक्टरों में ही सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि केंद्र में पर्याप्त शेड उपलब्ध नहीं हैं। अब धान सुखाने में अतिरिक्त श्रम और समय लगेगा। मामले की जांच की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति से जवाब मांगा जाएगा। - गंगाराम, प्रभारी, कृषि उपज मंडी मलपुर
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बद्दी (सोलन)। बद्दी के मलपुर स्थित धान खरीद केंद्र में ठेकेदार की कथित लापरवाही के चलते खुले में रखा किसानों का धान बारिश में भीग गया। विभाग की ओर से तिरपाल उपलब्ध कराया गया था, लेकिन झराई के लिए फैलाए गए धान को ढका नहीं गया। कुछ किसान मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे उनका धान भी बारिश की चपेट में आ गया।
रविवार सुबह हुई तेज बारिश से फर्श पर पानी जमा हो गया, जो धान की ढेरियों में घुस गया। इससे करीब 40 ट्रैक्टरों में लाए गए किसानों के धान के प्रभावित होने की बात सामने आई है। अब किसानों को धान दोबारा सुखाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी।
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बीबीएन क्षेत्र में हुई बेमौसम बारिश से किसानों की तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है। करीब 40 किसान अपना धान मलपुर खरीद केंद्र में लेकर पहुंचे थे। कुछ ने धान फर्श पर फैला रखा था, जबकि कुछ का धान ट्रैक्टरों में ही था। किसानों ने बारिश शुरू होने पर धान को तिरपाल से ढकने की कोशिश की, लेकिन तब तक पानी ढेरियों में पहुंच चुका था। हालांकि, ट्रैक्टरों में भरे धान को समय रहते शेड के नीचे खड़ा कर दिया गया, जिससे वह भीगने से बच गया।
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ठेकेदार की मनमानी से किसानों में रोष
सनेड पंचायत के पूर्व उपप्रधान हरदेव छाबड़ी सहित किसान धर्मपाल, रणजीत सिंह, बलदेव, अवतार, कंवर सिंह, सुरेंद्र, नायबी सिंह और लेखराम ने नुकसान के लिए ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया है। किसानों का आरोप है कि उनका धान पिछले आठ दिनों से खुले में पड़ा है, लेकिन ठेकेदार की मनमानी के कारण समय पर तुलाई नहीं हो रही। उनका कहना है कि यदि समय पर तुलाई हो जाती, तो यह स्थिति पैदा नहीं होती।
कोट
बारिश के कारण किसानों का धान गीला हुआ है। नियमानुसार, केवल उसी किसान का धान उतारा जाना चाहिए जिसकी ग्रेडिंग होनी है। अन्य किसानों का धान ट्रैक्टरों में ही सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि केंद्र में पर्याप्त शेड उपलब्ध नहीं हैं। अब धान सुखाने में अतिरिक्त श्रम और समय लगेगा। मामले की जांच की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति से जवाब मांगा जाएगा। - गंगाराम, प्रभारी, कृषि उपज मंडी मलपुर