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देश के हर कोने में फसल बेच सकेंगे किसान
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Thu, 14 Apr 2016 10:42 PM IST
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अब सोलन के किसान और बागवान देश की किसी भी मंडी में उचित दाम पर अपनी फसलों का सौदा कर सकेंगे। केंद्र सरकार की नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट योजना में सोलन सब्जी मंडी शामिल हो गई है। वीरवार को दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इसका योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। शुभारंभ के दौरान सोलन मंडी मेंमार्केटिंग बोर्ड के अध्यक्ष सुभाष मंगलेट मौजूद रहे। हिमाचल के किसान-बागवान ई-ऑक्शन के माध्यम से इसका लाभ ले सकेंगे। इसमें बिचौलिया की मध्यस्थता समाप्त होगी। इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि इस योजना में हिमाचल की दो मंडियों को शामिल किया है। यह गौरव की बात है। वीरभद्र सिंह भी सब्जी मंडियों में ई-ऑक्शन की पैरवी करते आए हैं। मार्केट कमेटी के चेयरमैन रमेश ठाकुर ने कहा कि इस योजना के तहत फिलहाल देश की 20 मंडियों का डिजिटलाइजेशन किया है। इसमें सोलन और शिमला सब्जी मंडी भी है। इससे सेब, बेमौसमी सब्जी उत्पादकों स्थानीय सब्जी मंडी से बैठे-बैठे देश की किसी भी मंडी जहां फसल के उचित दाम मिल रहे हैं में अपने उत्पाद बेच सकेंगे। हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग बोर्ड के एमडी डॉ. एचएस बबेजा और सचिव भानू शर्मा इस दौरान मौजूद रहे।
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पहले सेब मटर की आक्शन आनलाइन
मार्केटिंग बोर्ड के एमडी डॉ. एचएस बबेजा ने कहा कि सोलन और शिमला मंडियों का अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत डिजिटलाइज किया जा रहा है। इसमें शुरुआत में सेब और मटर की फसल की आक्शन आनलाइन हो सकेगी। इसके बाद इसमें अन्य फसलों को जोड़ा जाएगा और विभिन्न मंडियों को इस योजना के तहत लाया जाना है। प्रदेश के अधिकतर सेब उत्पादक शिमला और सोलन की मंडियों को ही अधिक तरजीह देते हैं। यहां पिछले कुछ वर्षों में सेब का रिकार्ड तोड़ कारोबार हुआ है। मंडियों को पूरी तरह से डिजिटल करने के लिए केंद्र सरकार से प्रत्येक के लिए 30 लाख रुपये मिले हैं।
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आचार्य देवव्रत पहुंचे मंडी
सोलन। परवाणू में आयशर स्कूल के समारोह में शिरकत करने जा रहे राज्यपाल आचार्य देवव्रत सोलन सब्जी मंडी में कुछ देर के लिए रुके। उन्होंने मंडी समिति के सदस्यों से मंडी के संचालन के बारे में जानकारी हासिल की। साथ ही नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट योजना में मंडी के शामिल होने पर बधाई दी। कहा कि किसी भी राष्ट्र की आर्थिकी की रीढ़ किसान हैं। समृद्ध किसान खुशहाल देश की निशानी हैं। कहा कि मंडी समिति बेहतर कार्य कर रही है। भविष्य में भी समिति बेहतर कार्य करेगी।