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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Eye flu patients arrive at Solan Hospital following a sudden spell of bright sunshine.

Solan News: अचानक खिली तेज धूप से सोलन अस्पताल में पहुंचे आई फ्लू के मरीज

Wed, 15 Jul 2026 11:27 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Wed, 15 Jul 2026 11:27 PM IST
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दो दिन में ही नेत्र ओपीडी में जांच के लिए पहुंचे 30 मरीज
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सर्दी-जुकाम वाले मरीजों के संपर्क में आने से भी फैल रहा वायरस
बच्चों में आ रही अधिक दिक्कत, संक्रमित को स्कूल न भेजने की सलाह


संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। दो दिन की बारिश के बाद अचानक से खिली तेज धूप के बाद क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में आई फ्लू के मरीज बढ़ने लगे हैं। अस्पताल में पिछले दो दिनों में ही लगभग 30 मरीज नेत्र ओपीडी में जांच करवाने के लिए पहुंचे, जिसमें उन्हें आई फ्लू पाया गया। ऐसे में अस्पताल प्रशासन की ओर से आई फ्लू जैसी बीमारियों से बचाव के लिए मरीजों को जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं।
वहीं सर्दी-जुखाम वाले मरीजों के संपर्क में आने और गंदे हाथों से आंखों को बार-बार छूने के कारण भी मरीजों में आई फ्लू फैल रहा है। वहीं अब बच्चों में आई फ्लू के कारण अधिक दिक्कतें आ रही है। आंखों को गंदे हाथों से छूने से वायरस सीधे आंखों पर हमला करते हैं, जिससे आई फ्लू तेजी से फैल जाता है। वहीं यदि सर्दी जुखाम हो तो भी यह दूसरे व्यक्तियों से फैल सकता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा नेगी ने बताया की मौसम में हो रहे बदलाव के कारण आई फ्लू वायरस फैल रहा है। ऐसे में लोगों को स्वयं का खयाल रखना चाहिए। बताया कि आई फ्लू आसानी से और काफी तेजी से फैलने वाला वायरस है। लोगों को संक्रमित मरीजों से उचित दूरी बना कर रखनी चाहिए। साथ ही यदि यह किसी बच्चे को हो जाए, तो उसे ठीक होने तक स्कूल नहीं भेजना चाहिए, क्योंकि स्कूलों में यह दूसरे बच्चों को आसानी से फैल सकता है।
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इनसेट

आई फ्लू के लक्षण
आंखों के सफेद हिस्से का लाल हो जाना।
आंखों से लगातार पानी आना।
आंखों में खुजली या जलन होना।
आंखों के आसपास सूजन होना।
इनसेट

आई फ्लू से बचाव
आंखों को बार-बार न छुएं।
संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें।
धूल मिट्टी और तेज धूप से बचाव के लिए चश्मे का उपयोग करें।
लक्षण दिखने पर अस्पताल पहुंच कर विशेषों की सलाह जरूर लें।

कोट

स्वयं का ध्यान रखना जरूरी
आई फ्लू का वायरस तेजी से फैल जाता है। ऐसे में लोगों को अपना और अपने बच्चों का ध्यान स्वयं रखने की जरूरत है। यदि आई फ्लू के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो विशेषज्ञों की सलाह लें। साथ ही घरेलू नुस्के अपनाने से बचें। इससे कई बाद परेशानी अधिक बढ़ सकती है। - डॉ. राकेश पंवार
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चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन

इनसेट
गर्मी में पंखे का इस्तेमाल कर रहा बच्चों को बीमार
सोलन। जिले में बढ़ती गर्मी में पसीना पड़ने के बाद अचानक से पंखे या एसी का इस्तेमाल करना बच्चों को बीमार कर रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में बच्चों में जुखाम-बुखार होने के मामले भी अब तेजी से सामने आने लगे हैं। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इसका मुख्य कारण बढ़ती गर्मी है। अस्पताल में रोजाना 30 बच्चों में बुखार की समस्या पाई जा रही है। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश पंवार ने बताया कि गर्मी में खेल कर आने के बाद बच्चे अचानक से पंखा या एसी को शुरू कर देते हैं। इससे जल्द ठंडक मिलती है, लेकिन जुखाम और बुखार से भी परेशान होना पड़ता है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि बच्चों को बाहर से आने के कारण सीधे पंखे या एसी के पास न बैठने दें। संवाद
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