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Solan News: आठ वर्ष बाद भी जयनगर कॉलेज को नहीं मिला भवन
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रिजर्व फोरेस्ट की जमीन आने से नहीं हो पाया निर्माण
प्राथमिक स्कूल के तीन कमरे में चल रही कक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। जयनगर कॉलेज को आठ वर्ष बाद भी अपना भवन नहीं मिल पाया है। इससे विद्यार्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। माैजूदा समय में प्राथमिक स्कूल में कॉलेज चल रहा है। लेकिन यहां पर तीन कमरे ही है। इससे स्कूल के बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों को कई बार एक ही कमरे में बैठना पड़ता है। आठ साल में जो जमीन देखी गई वह रिजर्व फोरेस्ट के अधीन आती है। काॅलेज भवन बनाने के लिए अभी तक वन विभाग की स्वीकृति नहीं मिल पाई है। वर्ष 2017 में जयनगर में कांग्रेस सरकार ने कॉलेज खोला था। कॉलेज खोलने के दौरान कॉलेज के लिए पांच कमरे दिए गए थे। लेकिन अब दो कमरे पीडब्ल्यूडी ने असुरक्षित घोषित कर दिए हैं। कमरों की कमी को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने निदेशक को पत्र लिखा जिस पर उन्हें एक कमरा और दिया गया है। उधर, पीटीए प्रधान राज कुमार ने बताया कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में काॅलेज तो खोल दिए है लेकिन उनके लिए भवन का कोई प्रावधान नहीं किया है। यहां पर शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों को परेशानी हो रही है। वहीं, कॉलेज के प्राचार्य अंजना सूद ने बताया कि यहां पर प्राचार्य का पद भी खाली था। उन्होंने चार माह पहले ही कार्यभार संभाला है। उनसे पहले यहां पर तैनात प्रवक्ताओं ने रिजर्व फोरेस्ट की स्वीकृति के लिए आवेदन किया था। लेकिन उसमें कई कमियां रहने के बाद रिजेक्ट कर दिया है।
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प्राथमिक स्कूल के तीन कमरे में चल रही कक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। जयनगर कॉलेज को आठ वर्ष बाद भी अपना भवन नहीं मिल पाया है। इससे विद्यार्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। माैजूदा समय में प्राथमिक स्कूल में कॉलेज चल रहा है। लेकिन यहां पर तीन कमरे ही है। इससे स्कूल के बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों को कई बार एक ही कमरे में बैठना पड़ता है। आठ साल में जो जमीन देखी गई वह रिजर्व फोरेस्ट के अधीन आती है। काॅलेज भवन बनाने के लिए अभी तक वन विभाग की स्वीकृति नहीं मिल पाई है। वर्ष 2017 में जयनगर में कांग्रेस सरकार ने कॉलेज खोला था। कॉलेज खोलने के दौरान कॉलेज के लिए पांच कमरे दिए गए थे। लेकिन अब दो कमरे पीडब्ल्यूडी ने असुरक्षित घोषित कर दिए हैं। कमरों की कमी को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने निदेशक को पत्र लिखा जिस पर उन्हें एक कमरा और दिया गया है। उधर, पीटीए प्रधान राज कुमार ने बताया कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में काॅलेज तो खोल दिए है लेकिन उनके लिए भवन का कोई प्रावधान नहीं किया है। यहां पर शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों को परेशानी हो रही है। वहीं, कॉलेज के प्राचार्य अंजना सूद ने बताया कि यहां पर प्राचार्य का पद भी खाली था। उन्होंने चार माह पहले ही कार्यभार संभाला है। उनसे पहले यहां पर तैनात प्रवक्ताओं ने रिजर्व फोरेस्ट की स्वीकृति के लिए आवेदन किया था। लेकिन उसमें कई कमियां रहने के बाद रिजेक्ट कर दिया है।