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45000 उपभोक्ताओं को बिजली बोर्ड का झटका

Thu, 28 Apr 2016 11:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन Updated Thu, 28 Apr 2016 11:08 PM IST
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Electricty bill not issued by board
बिजली बोर्ड में स्टाफ की कमी उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ने वाली है। - फोटो : demo pics

बिजली बोर्ड में स्टाफ की कमी उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ने वाली है। बिलिंग स्टाफ की कमी के कारण बोर्ड इस माह शहर के हजारों लोगों के बिजली बिल जारी करना ही भूल गया है। 28 अप्रैल को बिजली बिल जमा करवाने की अंतिम तिथी।

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यह तिथि निकल जाने के बावजूद शहर के उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिले हैं। इस माह का बिजली बिल चुकता करना है या नहीं, उपभोक्ताओं में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। वहीं बिजली बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि अब शहर वासियों को अगले माह ही बिल जारी किए जाएंगे। दो माह के बिल एक साथ ही चुकाने होंगे।
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बोर्ड के इस कारनामे से सोलन और इसके आस पास के क्षेत्र के लगभग हजारों उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा। बोर्ड द्वारा मार्च माह से पहले उपभोक्ताओं से हर माह बिजली के बिल जारी किए जाते थे। लेकिन अब अप्रैल और मई माह का बिल एक साथ चुकता करना होगा। वहीं पांच-छह माह तक यह व्यवस्था होने की बात भी कही जा रही है।
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हजारों उपभोक्ता होंगे प्रभावित
शहर और इसके साथ लगते क्षेत्रों में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 45 हजार है। इसमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों शामिल हैं। बिजली बोर्ड द्वारा दो माह के एकसाथ बिल भुगतान का असर इन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इसके विरोध में लोग लामबंद होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि बिल न देने पर बोर्ड कनेक्शन काटने में थोड़ा भी इंतजार नहीं करता। लेकिन अब दो माह के एकमुश्त बिजली बिल उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ेंगे। इसका जिम्मेवार कौन?

यह है कारण
बिजली बोर्ड में बिलिंग का कार्य आउटसोर्स कर दिया है। लेकिन किन्हीं दिक्कतों के चलते 31 मार्च को टेंडर लेने वाले ठेकेदार को टेंडर नहीं दिया गया। लिहाजा अब बिल काटने के लिए बिजली बोर्ड के पास स्टाफ नहीं है। वर्तमान में सिर्फ 3 से 5 बिलिंग कर्मचारी ही हैं जबकि जरूरत लगभग 10 कर्मचारियों की है। बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो उन्होंने इससे पहले भी कई बार उच्च अधिकारियों को रिक्त पड़े कर्मचारियों के पदों को भरने की मांग की है। लेकिन अभी तक इस ओर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

पहले नहीं दी सूचना
बोर्ड की लापरवाही से उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानी का विरोध भी दिखने लगा है। लोगों में अनिल कुमार, मनोज, बलविंद्र, प्रदीप और अनिल आदि शहर वासियों ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर स्टाफ की कमी थी या  टेंडर को लेकर दिक्कत थी तो तो पहले उपभोक्ताओं को सूचित क्यों नहीं किया? लोगों का कहना है कि दो माह का बिल एकसाथ देना मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए आसान नहीं होगा।


स्टाफ की कमी से दिक्कत : मित्तल
बिजली बोर्ड के अधीक्षण अभियंता धीरज मित्तल ने बताया कि स्टाफ की कमी के चलते बोर्ड को दो महीने का बिल एकसाथ देना पड़ रहा है। वहीं रिक्त पड़े पदों को जल्द भरने के लिए उच्च प्रबंधन अधिकारियों से बात की जा रही हैं। वहीं कब तक ग्राहकों को दो माह का बिल एकसाथ चुकाना पड़ेगा यह कहना मुश्किल है। 

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