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मिडल, हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के बनेंगे क्लस्टर
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Education deptt sends proposal for cluster of 329 schools in Solan for better education
सोलन। जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च और माध्यमिक स्कूलों के क्लस्टर बनाने की तैयारी शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग ने 84 क्लस्टर का प्रस्ताव शिक्षा निदेशालय को भेजा है। एक क्लस्टर में तीन से सात स्कूल शामिल किए हैं। सरकार से मंजूरी के बाद स्कूल क्लस्टरों को अधिसूचित किया जाएगा। जिले में कुल 329 स्कूल हैं जिनमें 130 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक, 59 उच्च और 140 माध्यमिक स्कूल शामिल हैं।
स्कूलों में परस्पर सहयोग, संसाधनों के साझा करने को राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूल क्लस्टर बनाने का प्रावधान किया है। सरकार ने स्कूल क्लस्टर बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्या भी दूर हो जाएगी।
शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में क्लस्टर से शिक्षक भेजे जाएंगे। जिला समन्वयक राजकुमार पराशर ने बताया कि स्कूल क्लस्टर बनाने से स्कूलों की कला, संगीत, खेल, व्यवसायिक विषयों, कंप्यूटर की शिक्षा और विषय से संबंधित शिक्षकों का आदान-प्रदान संभव होगा।
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पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, खेल के मैदान, खेल उपकरण जैसी सुविधाएं साझा रूप से प्रयोग की जा सकेंगी। आईसीटी से वर्चुअल कक्षाओं का आयोजन, कला और विज्ञान प्रदर्शनियां, खेल गतिविधियां, प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद, भाषण प्रतियोगिता, नाटक, एकांकी की संयुक्त तैयारी और प्रदर्शन सुगम होगा।
उधर, शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा जगदीश नेगी ने बताया कि स्कूल क्लस्टर का प्रस्ताव शिक्षा निदेशालय को भेजा है। मंजूरी मिलने पर कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
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स्कूलों में परस्पर सहयोग, संसाधनों के साझा करने को राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूल क्लस्टर बनाने का प्रावधान किया है। सरकार ने स्कूल क्लस्टर बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्या भी दूर हो जाएगी।
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शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में क्लस्टर से शिक्षक भेजे जाएंगे। जिला समन्वयक राजकुमार पराशर ने बताया कि स्कूल क्लस्टर बनाने से स्कूलों की कला, संगीत, खेल, व्यवसायिक विषयों, कंप्यूटर की शिक्षा और विषय से संबंधित शिक्षकों का आदान-प्रदान संभव होगा।
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पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, खेल के मैदान, खेल उपकरण जैसी सुविधाएं साझा रूप से प्रयोग की जा सकेंगी। आईसीटी से वर्चुअल कक्षाओं का आयोजन, कला और विज्ञान प्रदर्शनियां, खेल गतिविधियां, प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद, भाषण प्रतियोगिता, नाटक, एकांकी की संयुक्त तैयारी और प्रदर्शन सुगम होगा।
उधर, शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा जगदीश नेगी ने बताया कि स्कूल क्लस्टर का प्रस्ताव शिक्षा निदेशालय को भेजा है। मंजूरी मिलने पर कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।