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Solan News: चक्कीमोड़ पर दोहरी सुरक्षा फेल, भारी बारिश से हाइड्रोजन ग्रीन शीट फटी
Thu, 20 Aug 2026 11:42 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 20 Aug 2026 11:42 PM IST
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एनएच के चक्की मोड के समीप की ताजी तस्वीर, तकनीक नहीं हुई कामयाब। संवाद
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फोरलेन पर तीन किलोमीटर के दायरे में चार जगह फट गई है ग्रीन शीट
कंपनी की तकनीक पर उठे सवाल, दावा किया था मजबूत होंगे शीट से पहाड़
सुरेंद्र ठाकुर
धर्मपुर(सोलन)। धर्मपुर-सोलन राजमार्ग पर चक्कीमोड़ के पास पहाड़ को सुरक्षित करने के लिए लगाई गई दोहरी सुरक्षा प्रणाली भारी बारिश के कारण विफल हो गई है। सोमवार को मैकमैश हाइड्रोजन ग्रीन शीट और मैकमैश शीट फट गईं, जिससे मलबा सड़क पर आ गया। राजमार्ग पर धर्मपुर से जाबली तक चार स्थानों पर शीट क्षतिग्रस्त हुई हैं।
एसआरएम कंपनी, जो इन सुरक्षा शीटों को लगाने का काम कर रही है, उसकी तकनीक पर सवाल उठ रहे हैं। कंपनी फिलहाल क्षतिग्रस्त शीटों को हटाने का काम कर रही है। पिछले वर्ष भी परवाणू से सोलन तक लाल चिकनी मिट्टी वाले पहाड़ों पर लगाई गई मैकमैश हाइड्रोजन ग्रीन शीट कई स्थानों पर विफल हो गई थीं। उन स्थानों पर बारिश का पानी घुसने से मिट्टी का दलदल और पत्थर शीट फाड़कर सड़क पर आ गए थे। धर्मपुर से जाबली के बीच ऐसे लगभग चार पहाड़ हैं जिनकी एसआरएम कंपनी मरम्मत कर रही है। कंपनी के कर्मचारी क्षतिग्रस्त ग्रीन शीट हटाकर नई शीट बिछा रहे हैं। चक्कीमोड़ पर पत्थरों को रोकने के लिए लोहे के बैरिकेड लगाए गए हैं। यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात हैं और यातायात को एकतरफा किया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब राजमार्ग पर सुरक्षा शीटों को नुकसान पहुंचा है। पिछली बार भी धर्मपुर से जाबली तक चार स्थानों पर शीट क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं। परवाणू से सोलन तक के लाल चिकनी मिट्टी वाले पहाड़ों पर भी पिछले वर्ष भारी बारिश में मैकमैश हाइड्रोजन ग्रीन शीट विफल हो गई थीं। इन घटनाओं से पहाड़ों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
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कोट
पहाड़ पर अभी भी मलबा फंसा है और पहाड़ कच्चा है। उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम खत्म होने के बाद पहाड़ को सुरक्षित किया जाएगा। कंपनी बरसात के बाद पहाड़ों से पहले मलबा हटाएगी। इसके बाद ही पहाड़ों को स्थायी सुरक्षा देने का काम शुरू होगा। - मनोज कुमार, उप परियोजना प्रबंधक, एसआरएम कंपनी
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कंपनी की तकनीक पर उठे सवाल, दावा किया था मजबूत होंगे शीट से पहाड़
सुरेंद्र ठाकुर
धर्मपुर(सोलन)। धर्मपुर-सोलन राजमार्ग पर चक्कीमोड़ के पास पहाड़ को सुरक्षित करने के लिए लगाई गई दोहरी सुरक्षा प्रणाली भारी बारिश के कारण विफल हो गई है। सोमवार को मैकमैश हाइड्रोजन ग्रीन शीट और मैकमैश शीट फट गईं, जिससे मलबा सड़क पर आ गया। राजमार्ग पर धर्मपुर से जाबली तक चार स्थानों पर शीट क्षतिग्रस्त हुई हैं।
एसआरएम कंपनी, जो इन सुरक्षा शीटों को लगाने का काम कर रही है, उसकी तकनीक पर सवाल उठ रहे हैं। कंपनी फिलहाल क्षतिग्रस्त शीटों को हटाने का काम कर रही है। पिछले वर्ष भी परवाणू से सोलन तक लाल चिकनी मिट्टी वाले पहाड़ों पर लगाई गई मैकमैश हाइड्रोजन ग्रीन शीट कई स्थानों पर विफल हो गई थीं। उन स्थानों पर बारिश का पानी घुसने से मिट्टी का दलदल और पत्थर शीट फाड़कर सड़क पर आ गए थे। धर्मपुर से जाबली के बीच ऐसे लगभग चार पहाड़ हैं जिनकी एसआरएम कंपनी मरम्मत कर रही है। कंपनी के कर्मचारी क्षतिग्रस्त ग्रीन शीट हटाकर नई शीट बिछा रहे हैं। चक्कीमोड़ पर पत्थरों को रोकने के लिए लोहे के बैरिकेड लगाए गए हैं। यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात हैं और यातायात को एकतरफा किया गया है।
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यह पहली बार नहीं है जब राजमार्ग पर सुरक्षा शीटों को नुकसान पहुंचा है। पिछली बार भी धर्मपुर से जाबली तक चार स्थानों पर शीट क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं। परवाणू से सोलन तक के लाल चिकनी मिट्टी वाले पहाड़ों पर भी पिछले वर्ष भारी बारिश में मैकमैश हाइड्रोजन ग्रीन शीट विफल हो गई थीं। इन घटनाओं से पहाड़ों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
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कोट
पहाड़ पर अभी भी मलबा फंसा है और पहाड़ कच्चा है। उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम खत्म होने के बाद पहाड़ को सुरक्षित किया जाएगा। कंपनी बरसात के बाद पहाड़ों से पहले मलबा हटाएगी। इसके बाद ही पहाड़ों को स्थायी सुरक्षा देने का काम शुरू होगा। - मनोज कुमार, उप परियोजना प्रबंधक, एसआरएम कंपनी

एनएच के चक्की मोड के समीप की ताजी तस्वीर, तकनीक नहीं हुई कामयाब। संवाद