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पंचायत का रिकॉड जलाने वालों का राज खोलेगी राख
ब्यूरो, बद्दी सोलन
Updated Sat, 31 Dec 2016 10:18 PM IST
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मलैहणी पंचायत के रिकॉर्ड को जलाकर अपने हाथ काले कर चुके लोगों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है।
- फोटो : demo pic
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मलैहणी पंचायत के रिकॉर्ड को जलाकर अपने हाथ काले कर चुके लोगों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। रिकॉर्ड की कालिख ही अब शातिरों को पुलिस की गिरफ्त तक पहुंचाएगी। जलाए गए रिकॉर्ड में से कुछ कागज साबुत भी बचे हैं।
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ऐसे में अगर इन कागजों पर आरोपियों के फिंगर प्रिंट पुलिस को मिले तो इस मामले का हर राज बेपरदा हो जाएगा। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रिकॉर्ड को किसी घपले से बचने के लिए तो नहीं जलाया या फिर शरारती तत्वों ने इस घटना को अंजाम दिया है। पंचायत के कार्यों से जुड़े तमाम कार्यों के रिकार्ड को अब बीडीओ और अन्य संबंधित कार्यालयों से जुटाना पुलिस ने शुरू कर दिया है।
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पुलिस की जुन्गा फोरेंसिक लैब के विशेषज्ञों के दल ने भी घटना स्थल का मुआयना किया। टीम ने इस दौरान राख में बदल चुके रिकॉड के ढेर को खंगाला। साथ ही दरवाजे और अलमारी के आसपास से सैंपल लिए हैं।
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फोरेंसिक के इन सैंपलों की रिपोर्ट के लिए नालागढ़ पुलिस को एक माह का लंबा इंतजार करना होगा। गौरतलब है कि जिस रात आग लगी उससे अगली सुबह पंचायत का यह रिकॉर्ड यहां से स्थानांतरित हुए कर्मचारी ने दूसरे कर्मी को सौंपना था। लेकिन इससे पहले सारा रिकॉर्ड जल गया।
पंचायत के सारे रिकॉर्ड को पिछले आठ सालों से एक कर्मचारी संभाले हुए था। कुछ दिन पहले ही कर्मचारी को दूसरी पंचायत में स्थानांतरित कर दिया था। हालांकि कर्मचारी के खिलाफ किसी तरह की शिकायत से बीडीओ नालागढ़ की ओर से इनकार किया जा रहा है। ऐसे में इस मामले शरारती तत्वों का भी हाथ होने की आशंका है।
फोरेंसिक टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पंचायत और पटवार कार्यालय के दरवाजे को तोड़ा गया अथवा खोला गया। इसके अलावा कितने लोग उस दौरान परिसर में दाखिल हुए होंगे। रिकॉर्ड को आग किस तरह से लगाई है। वहीं नालागढ़ पुलिस मामले में यह जांच कर रही है कि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की गढ़बढ़ के कारण इस घटना को अंजाम तो नहीं दिया। मामला गंभीर होने के चलते पुलिस अधिकारी भी मामले की लगातार अपडेट ले रहे हैं।