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ढाबे छोटे कमाई करोड़ों में, 50 लाख जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Thu, 18 Feb 2016 05:52 PM IST
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हाइवे और शहर के अंदर सैलानियों तथा स्थानीय लोगों को खाने पीने का सामान बेचने वाले छोटे-छोटे ढाबा संचालकों की कमाई सुनकर आप चौंक उठेंगे।
यह कमाई हजारों या लाखों में नहीं करोड़ों में है। आबकारी एवं कराधान उड़नदस्ता दक्षिण क्षेत्र ने आठ ढाबों के सर्वे में यह चौंकाने वाला खुलासा किया है। इनकी टैक्स चोरी की कमाई दो तीन करोड़ से अधिक निकली है।
तीन सालों के कारोबार पर विभाग ने कर, जुर्माना और ब्याज सहित 50 लाख 25 हजार की रिकवरी डाली है। इसमें से 47 लाख के करीब वसूल भी लिया है।
इसी खुलासे के बाद विभाग ने ढाबों पर सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस खुलासे के बाद पर्यटन नगरी सोलन, शिमला और सिरमौर में कई स्थानों के छोटे कारोबार की आड़ में करोड़ों कमाने वालों पर नजर है। लिहाजा ऐसे कारोबारियों को जल्द ही टैक्स की जद में लाया जा सकता है।
इस तरह हुई कार्रवाई
विभाग ने सर्वे के आधार पर आठ ढाबों को चुना। यह छोटे ढाबे शिमला, सिरमौर और सोलन के रास्ते में स्थापित किए हैं। यहां विभाग के कर्मी गुप्त तरीके से रोजाना के कारोबार को असेस करते रहे। इसकी रिपोर्ट तैयार की गई। इसके बाद इंस्पेक्शन हुई और विभाग ने बिना टैक्स की करोड़ों की कमाई का भंडाफोड़ किया।
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25 लाख टर्नओवर पर एकमुश्त टैक्स
मूल्य वर्धित कर (वैट) के दायरे में 25 लाख तक का सालाना कारोबार करने वाले आते हैं। विभाग ऐसे छोटे कारोबारियों को लमसम यानी एकमुश्त टैक्स जमा करवाने का प्रावधान कर रखा है। इनके लिए रिटर्न भरना अवश्य नहीं होता। यह रकम सालाना बीस हजार तक ठहरती है। 25 लाख से ऊपर की ट्रांजेक्शन करने वालों को सालाना टैक्स और रिटर्न नियमानुसार भरना पड़ता है।
सर्विलेंस पर छोटे कारोबार वाले
उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त उड़नदस्ता दक्षिण क्षेत्र परवाणू डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि उनकी टीम ने इस मामले में काफी संजीदा होकर कार्य किया है। 50 लाख से ऊपर कर और जुर्माने में 47 लाख रिकवर कर लिया है। विभाग की सर्विलेंस पर ऐसे कारोबारी हैं, जो छोटे-छोटे कारोबार की आड़ में बिना टैक्स दिए ही करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। इनके पंजीकरण और कार्रवाई की कवायद छेड़ दी गई है। कहा कि टीम में ईटीओ अमित शोष्टा, इंस्पेक्टर दीप चंद, रूपेंद्र सिंह, अमित कश्यप के अलावा कर्मियों में नंद लाल, चमन, पंकज और बिंदु बख्शी शामिल रहे।
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यह कमाई हजारों या लाखों में नहीं करोड़ों में है। आबकारी एवं कराधान उड़नदस्ता दक्षिण क्षेत्र ने आठ ढाबों के सर्वे में यह चौंकाने वाला खुलासा किया है। इनकी टैक्स चोरी की कमाई दो तीन करोड़ से अधिक निकली है।
तीन सालों के कारोबार पर विभाग ने कर, जुर्माना और ब्याज सहित 50 लाख 25 हजार की रिकवरी डाली है। इसमें से 47 लाख के करीब वसूल भी लिया है।
इसी खुलासे के बाद विभाग ने ढाबों पर सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस खुलासे के बाद पर्यटन नगरी सोलन, शिमला और सिरमौर में कई स्थानों के छोटे कारोबार की आड़ में करोड़ों कमाने वालों पर नजर है। लिहाजा ऐसे कारोबारियों को जल्द ही टैक्स की जद में लाया जा सकता है।
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इस तरह हुई कार्रवाई
विभाग ने सर्वे के आधार पर आठ ढाबों को चुना। यह छोटे ढाबे शिमला, सिरमौर और सोलन के रास्ते में स्थापित किए हैं। यहां विभाग के कर्मी गुप्त तरीके से रोजाना के कारोबार को असेस करते रहे। इसकी रिपोर्ट तैयार की गई। इसके बाद इंस्पेक्शन हुई और विभाग ने बिना टैक्स की करोड़ों की कमाई का भंडाफोड़ किया।
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25 लाख टर्नओवर पर एकमुश्त टैक्स
मूल्य वर्धित कर (वैट) के दायरे में 25 लाख तक का सालाना कारोबार करने वाले आते हैं। विभाग ऐसे छोटे कारोबारियों को लमसम यानी एकमुश्त टैक्स जमा करवाने का प्रावधान कर रखा है। इनके लिए रिटर्न भरना अवश्य नहीं होता। यह रकम सालाना बीस हजार तक ठहरती है। 25 लाख से ऊपर की ट्रांजेक्शन करने वालों को सालाना टैक्स और रिटर्न नियमानुसार भरना पड़ता है।
सर्विलेंस पर छोटे कारोबार वाले
उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त उड़नदस्ता दक्षिण क्षेत्र परवाणू डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि उनकी टीम ने इस मामले में काफी संजीदा होकर कार्य किया है। 50 लाख से ऊपर कर और जुर्माने में 47 लाख रिकवर कर लिया है। विभाग की सर्विलेंस पर ऐसे कारोबारी हैं, जो छोटे-छोटे कारोबार की आड़ में बिना टैक्स दिए ही करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। इनके पंजीकरण और कार्रवाई की कवायद छेड़ दी गई है। कहा कि टीम में ईटीओ अमित शोष्टा, इंस्पेक्टर दीप चंद, रूपेंद्र सिंह, अमित कश्यप के अलावा कर्मियों में नंद लाल, चमन, पंकज और बिंदु बख्शी शामिल रहे।