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वेतन भुगतान के लिए दर-दर भटक रहे रेलवे पार्ट्स बनाने वाले उद्योग के कामगार

Fri, 12 Apr 2019 11:15 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Apr 2019 11:15 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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बद्द (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी स्थित रेलवे पार्ट्स बनाने वाले उद्योग स्टेस्लिट के कर्मचारियों ने वेतन के लिए अब एसपी बद्दी का दरवाजा खटखटाया है। एसपी बद्दी को दी शिकायत में उद्योग के कामगारों दीपक कुमार, सूर्य पाल, प्रेम चंद, पवन कुमार, राजीव, छज्जु राम, सुरेंद्र, रजिंद्र, सुनील कुमार, राजिंद्र कुमार, अनिल राणा, सुरेश, रामलोक, सोहन सिंह समेत अनेक लोगों का कहना है कि वे लोग इस उद्योग में पिछले लगभग एक दशक से काम कर रहे हैं। उद्योग से निकालने के उद्देश्य से पहले तो कंपनी ने उनका वेतन रोक दिया।

इसके लिए उन्हें लेबर कोर्ट से होते हुए हाईकोर्ट शिमला तक जाना पड़ा। कोर्ट के आदेशों के बाद कंपनी ने उनका एक साल का वेतन तो दे दिया लेकिन बाकी वेतन पर अभी भी कुंडली मारी हुई है। इसके बाद उनका केस एनसीएलटी कोलकाता कोर्ट चला गया।
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जो हिसाब उक्त कोर्ट ने बनाया है, अगर वे लोग इसे ले लेते हैं तो सभी कर्मचारियों का इस्तीफा माना जाएगा। उन्होंने बताया कि जबरन 17 कर्मचारियों का 20 नवंबर 2017 को ऑनलाइन रिजाइन कर दिया गया। जबकि एनसीएलटी कोर्ट का फैसला 20 जुलाई 2018 को आया। कामगारों का आरोप है कि उद्योग प्रबंधन ने उनका ईपीएफ भी जमा नहीं करवाया।
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एसपी बददी रोहित मालपानी का कहना है कि शिकायत उनके पास आई है लेकिन मामला श्रम विभाग से संबंधित है। उद्योग प्रबंधन की तरफ से नीरज जैन का कहना है कि ये सभी कर्मचारी पुराने उद्योग के हैं और उनका इनसे कोई लेना-देना नहीं है।
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