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Solan News: मोटे अनाज के सेवन से मधुमेह व उच्च रक्तचाप से होता है बचाव
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बद्दी के स्लम एरिया में नुक्कड़ नाटक से प्रवासियों को दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। आईआरजी संस्था ने बद्दी के सिक्का होटल के समीप स्लम एरिया में प्रवासी समुदाय के लोगों को आयुष आहार व पारंपरिक अनाज की नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जानकारी दी। कार्यक्रम में भोजिया नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों एवं उनके परिवारों को यह संदेश दिया कि ज्वार, बाजरा, रागी जैसे पारंपरिक एवं मोटे अनाज हमारे दैनिक आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके नियमित सेवन से मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं अन्य जीवनशैली जनित रोगों से बचाव संभव है। नाटक के माध्यम से जंक फूड के दुष्प्रभावों और आयुष आधारित एवं पारंपरिक भोजन अपनाने के लाभों को सरल एवं प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान आईआरजी एनजीओ की स्वास्थ्य कार्यकर्ता पिंकी वर्मा ने प्रवासी समुदाय को आयुष आहार की अवधारणा, संतुलित भोजन का महत्व, पारंपरिक अनाजों के पोषण गुण और उन्हें दैनिक जीवन में शामिल करने के आसान एवं किफायती तरीकों के बारे में जानकारी दी। सीमित संसाधनों में भी पारंपरिक एवं स्थानीय भोजन को अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। आईआरजी संस्था ने बद्दी के सिक्का होटल के समीप स्लम एरिया में प्रवासी समुदाय के लोगों को आयुष आहार व पारंपरिक अनाज की नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जानकारी दी। कार्यक्रम में भोजिया नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों एवं उनके परिवारों को यह संदेश दिया कि ज्वार, बाजरा, रागी जैसे पारंपरिक एवं मोटे अनाज हमारे दैनिक आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके नियमित सेवन से मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं अन्य जीवनशैली जनित रोगों से बचाव संभव है। नाटक के माध्यम से जंक फूड के दुष्प्रभावों और आयुष आधारित एवं पारंपरिक भोजन अपनाने के लाभों को सरल एवं प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान आईआरजी एनजीओ की स्वास्थ्य कार्यकर्ता पिंकी वर्मा ने प्रवासी समुदाय को आयुष आहार की अवधारणा, संतुलित भोजन का महत्व, पारंपरिक अनाजों के पोषण गुण और उन्हें दैनिक जीवन में शामिल करने के आसान एवं किफायती तरीकों के बारे में जानकारी दी। सीमित संसाधनों में भी पारंपरिक एवं स्थानीय भोजन को अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है।