{"_id":"679a1b1d768d34557f08a92b","slug":"concluding-workshop-of-district-language-culture-department-in-waknaghat-solan-news-c-176-1-ssml1040-136951-2025-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: वाकनाघाट में जिला भाषा संस्कृति विभाग की कार्यशाला का समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: वाकनाघाट में जिला भाषा संस्कृति विभाग की कार्यशाला का समापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कंडाघाट(सोलन)। कंडाघाट के वाकनाघाट में तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन हो गया। इस कार्यशाला का आयोजन भाषा एवं संस्कृति विभाग सोलन के सौजन्य से झंकार म्यूजिकल ग्रुप द्वारा किया गया। जिसमें ठोडा नृत्य, लोकनृत्य व लोकगीत की शब्दावली पर आधारित चर्चा की गई। कार्यशाला में विशेष रूप से सतीश कपूर और सतिंदर कुमार उपस्थित रहे। इस अवसर पर कलाकारों को सोलन जिला की प्रमुख संस्कृतियों और सोलन जिला की सात रियासतों जिनमें बघाट, क्योंथल, बाघल, हंडूर, कृष्णगढ़, दून और घिन्नीघाड़ जो कि हरियाणा के साथ लगता क्षेत्र है, की भाषा और संस्कृति के बारे में कलाकारों को जानकारी प्रदान की। इस कार्यशाला में वैदिक संस्कृति देव संस्कृति और लोक संस्कृति पर भी विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। सतीश कपूर ने कलाकारों को अलग-अलग रियासतों के लोक गायन और खान-पान, वेशभूषा पर भी कलाकारों को प्रशिक्षण दिया।
विज्ञापन
कंडाघाट(सोलन)। कंडाघाट के वाकनाघाट में तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन हो गया। इस कार्यशाला का आयोजन भाषा एवं संस्कृति विभाग सोलन के सौजन्य से झंकार म्यूजिकल ग्रुप द्वारा किया गया। जिसमें ठोडा नृत्य, लोकनृत्य व लोकगीत की शब्दावली पर आधारित चर्चा की गई। कार्यशाला में विशेष रूप से सतीश कपूर और सतिंदर कुमार उपस्थित रहे। इस अवसर पर कलाकारों को सोलन जिला की प्रमुख संस्कृतियों और सोलन जिला की सात रियासतों जिनमें बघाट, क्योंथल, बाघल, हंडूर, कृष्णगढ़, दून और घिन्नीघाड़ जो कि हरियाणा के साथ लगता क्षेत्र है, की भाषा और संस्कृति के बारे में कलाकारों को जानकारी प्रदान की। इस कार्यशाला में वैदिक संस्कृति देव संस्कृति और लोक संस्कृति पर भी विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। सतीश कपूर ने कलाकारों को अलग-अलग रियासतों के लोक गायन और खान-पान, वेशभूषा पर भी कलाकारों को प्रशिक्षण दिया।