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20 किमी दूर जाकर करनी पढ़ रही मेडिकल और कामर्स की पढ़ाई
ब्यूरो/अमर उजाला, कंडाघाट सोलन
Updated Wed, 25 May 2016 11:53 PM IST
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सरयांज स्कूल के विद्यार्थियों को विज्ञान और वाणिज्य की पढ़ाई के लिए 18 से 20 किमी दूर जाना पड़ता है।
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सरयांज स्कूल के विद्यार्थियों को विज्ञान और वाणिज्य की पढ़ाई के लिए 18 से 20 किमी दूर जाना पड़ता है। बच्चों को विज्ञान और वाणिज्य विषय में पढ़ाई करनी हो तो उन्हें अर्की, धुंदन या दाड़लाघाट जाना पड़ता है। ऐसे में इन विषयों के इच्छुक विद्यार्थियों के धन और समय दोनों की बर्बादी हो रही है।
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लोगों ने सरयांज स्कूल में दोनों विषय शुरू करने की मांग की है। इससे क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इस मुद्दे को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरयांज स्कूल प्रबंधन समिति ने बुधवार को बैठक में जोर शोर से उठाया है।
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स्कूल प्रबंधन समिति की आम सभा की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष संत राम भारद्वाज ने की। बैठक में नए सदस्यों का चुनाव किया गया। इस दौरान स्कूल में रिक्त पड़े कला स्नातक, शास्त्री, शारीरिक प्रवक्ता और प्रयोगशाला परिचर के पदों को भरने का प्रस्ताव पारित हुआ। पदों को जल्द से जल्द भरने को लेकर प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजा गया।
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बच्चों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए अभिभावकों द्वारा पूर्ण सहयोग देने की बात कही गई और विद्यालय के परीक्षा परिणाम पर भी संतोष प्रकट किया गया। इसके अलावा फैसला लिया की दूरदराज गांवों से आने वाले बच्चों की सहूलियत के लिए इसी स्कूल में ही विज्ञान एवं वाणिज्य के विषयों को भी शुरू करने की सरकार से मांग की गई।
बच्चों को इन विषयों को पढ़ने के लिए 18 से 20 किलो मीटर दूर अर्की, धुदंन या दाड़लाघाट न जाना पड़े तथा इससे पैसे और समय दोनों की बचत हो सके। बैठक में पंचायत प्रधान लेख राम मगनी, समिति सदस्य कांशी राम, कश्मीरी देवी, संतराम, प्रेम देवी, शीश राम, कांता देवी, मीरा देवी, चंपा देवी, सोहनलाल, तारा वर्मा, चंद्रकांता और संतराम कौंडल को कार्यकारिणी का सदस्य नियुक्त किया गया।