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मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए चलाया अभियान
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बद्दी में डेंगू को लेकर लोगों को जागरूक करते संस्था के पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : SOLAN
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बद्दी (सोलन)। मलेरिया और डेंगू से निपटने के लिए इंस्टीट्यूट फोर ग्लोबल डेवलपमेंट और ग्लेनमार्क फाउंडेशन की ओर से बीबीएन में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
लोगों को घर-घर जाकर मलेरिया और डेंगू से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं। लोगों को बताया कि डेंगू का मच्छर खड़ेे पानी में पैदा होता है। इसलिए घरों के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। सप्ताह में कम से कम दो बार कूलर का पानी बदलें। टायर ट्यूबों, फूलदानों में पानी इकट्ठा न होने दें। डेंगू पर प्रभावी रोकथाम के लिए डेंगू पीड़ित की सही समय पर पहचान किया जाना जरूरी है।
संस्था के पदाधिकारी बलजिंदर सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता पिंकी वर्मा, रीना शर्मा, परमजीत सिंह, जगदीप सिंह, कुलबिंदर कौर समेत कई कार्यकर्ताओं ने डेंगू नियंत्रण पर 21 जून से एक सप्ताह तक किशनपुरा, चनालमाजर, संडोली, मानपुरा, मलपुर, बरोटीवाला, राजपुरा और ढांग गांव में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि डेंगू एक वायरस के कारण होता है जो मच्छरों से फैलता है। डेंगू के वायरस चार प्रकार के होते हैं।
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डेंगू का बुखार चार प्रकार के वायरस में से किसी एक प्रकार के वायरस के कारण हो सकता है। डेंगू के वायरस को फैलने के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता होती है और ये माध्यम मच्छर होते हैं। यदि किसी व्यक्ति को एक बार डेंगू हो जाए तो ठीक होने के बाद शरीर में उस वायरस के लिए एक विशेष एंटीबॉडी बन जाती है जिस कारण शरीर में उस वायरस के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। इसकी रोकथाम के लिए जरूरी है घर के आसपास सफाई रखें और पानी जमा न होने दें।
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लोगों को घर-घर जाकर मलेरिया और डेंगू से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं। लोगों को बताया कि डेंगू का मच्छर खड़ेे पानी में पैदा होता है। इसलिए घरों के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। सप्ताह में कम से कम दो बार कूलर का पानी बदलें। टायर ट्यूबों, फूलदानों में पानी इकट्ठा न होने दें। डेंगू पर प्रभावी रोकथाम के लिए डेंगू पीड़ित की सही समय पर पहचान किया जाना जरूरी है।
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संस्था के पदाधिकारी बलजिंदर सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता पिंकी वर्मा, रीना शर्मा, परमजीत सिंह, जगदीप सिंह, कुलबिंदर कौर समेत कई कार्यकर्ताओं ने डेंगू नियंत्रण पर 21 जून से एक सप्ताह तक किशनपुरा, चनालमाजर, संडोली, मानपुरा, मलपुर, बरोटीवाला, राजपुरा और ढांग गांव में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि डेंगू एक वायरस के कारण होता है जो मच्छरों से फैलता है। डेंगू के वायरस चार प्रकार के होते हैं।
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डेंगू का बुखार चार प्रकार के वायरस में से किसी एक प्रकार के वायरस के कारण हो सकता है। डेंगू के वायरस को फैलने के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता होती है और ये माध्यम मच्छर होते हैं। यदि किसी व्यक्ति को एक बार डेंगू हो जाए तो ठीक होने के बाद शरीर में उस वायरस के लिए एक विशेष एंटीबॉडी बन जाती है जिस कारण शरीर में उस वायरस के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। इसकी रोकथाम के लिए जरूरी है घर के आसपास सफाई रखें और पानी जमा न होने दें।