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Solan News: चूहूवाल स्कूल में 6 लाख से हो रहा नए कमरे का निर्माण
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भवन की कमी से मिलेगी राहत, 126 बच्चों को बैठने के लिए मिलेगी सुविधा
तीन कमरे होने से बाहर बरामदे में कक्षाएं कर रहे संचालित
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। राजकीय प्राथमिक पाठशाला चूहूवाल में भवन की कमी दूर होने की उम्मीद है। यहां छह लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कमरे का निर्माण किया जा रहा है। इस विद्यालय में कुल 126 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तथा चार अध्यापक तैनात हैं लेकिन यहां पहले केवल तीन ही कमरे होने के कारण एक अध्यापक को अपनी कक्षाएं बाहर बरामदे में पढ़ानी पड़ती है। एसएमसी की प्रधान रजिया ने बताया कि विद्यालय में 30 बच्चे प्री प्राइमरी के हैं। उनके लिए न तो कोई अध्यापक है और न ही उनके लिए अलग कमरा है। विभाग को प्री प्राइमरी कक्षा के लिए अलग अध्यापक और अलग कमरे की व्यवस्था करनी चाहिए। इस विषय में केंद्र मुख्याध्यापक कुलवीर सिंह ने बताया कि स्कूल में दो कमरों की जरूरत है। इसे विभाग के ध्यान में लाया गया था। विभाग की ओर से फिलहाल एक कमरे के निर्माण का बजट छह लाख रुपये स्वीकृत किया गया था तथा इसका निर्माण हिमुडा की ओर से किया जा रहा है। इससे काफी राहत मिलेगी। उम्मीद है कि जल्द ही दूसरे कमरे के भी लिए बजट मिल जाएगा। जहां तक प्री प्राइमरी कक्षा के लिए अलग अध्यापक की बात है, जैसे ही सरकार भर्ती करेगी, अलग अध्यापक की तैनाती कर दी जाएगी। फिलहाल जेबीटी अध्यापक ही प्री प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे।
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तीन कमरे होने से बाहर बरामदे में कक्षाएं कर रहे संचालित
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। राजकीय प्राथमिक पाठशाला चूहूवाल में भवन की कमी दूर होने की उम्मीद है। यहां छह लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कमरे का निर्माण किया जा रहा है। इस विद्यालय में कुल 126 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तथा चार अध्यापक तैनात हैं लेकिन यहां पहले केवल तीन ही कमरे होने के कारण एक अध्यापक को अपनी कक्षाएं बाहर बरामदे में पढ़ानी पड़ती है। एसएमसी की प्रधान रजिया ने बताया कि विद्यालय में 30 बच्चे प्री प्राइमरी के हैं। उनके लिए न तो कोई अध्यापक है और न ही उनके लिए अलग कमरा है। विभाग को प्री प्राइमरी कक्षा के लिए अलग अध्यापक और अलग कमरे की व्यवस्था करनी चाहिए। इस विषय में केंद्र मुख्याध्यापक कुलवीर सिंह ने बताया कि स्कूल में दो कमरों की जरूरत है। इसे विभाग के ध्यान में लाया गया था। विभाग की ओर से फिलहाल एक कमरे के निर्माण का बजट छह लाख रुपये स्वीकृत किया गया था तथा इसका निर्माण हिमुडा की ओर से किया जा रहा है। इससे काफी राहत मिलेगी। उम्मीद है कि जल्द ही दूसरे कमरे के भी लिए बजट मिल जाएगा। जहां तक प्री प्राइमरी कक्षा के लिए अलग अध्यापक की बात है, जैसे ही सरकार भर्ती करेगी, अलग अध्यापक की तैनाती कर दी जाएगी। फिलहाल जेबीटी अध्यापक ही प्री प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे।