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Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल सोलन का ब्लड बैंक होने लगा खाली, बी नेगेटिव खून खत्म
Mon, 07 Sep 2026 12:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:17 AM IST
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ए और एबी नेगेटिव का बचा केवल एक-एक यूनिट, ओ नेगेटिव के भी सिर्फ दो यूनिट मौजूद
जिले के अन्य अस्पतालों को भी यहीं से होती है सप्लाई, ऑपरेशन टलने की नौबत
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के ब्लड बैंक में एक बार फिर खून की भारी किल्लत पैदा हो गई है। अस्पताल में खास तौर पर नेगेटिव ब्लड ग्रुप के यूनिट तेजी से खत्म हो रहे हैं। स्थिति यह है कि बी नेगेटिव ब्लड पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि ए और एबी नेगेटिव का केवल एक-एक यूनिट ही बचा है। ओ नेगेटिव के भी महज दो यूनिट ही बैंक में उपलब्ध हैं।
ऐसे में आगामी दिनों में ऑपरेशन और आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों व उनके परिजनों को ब्लड के लिए भटकना पड़ सकता है। ब्लड बैंक के आंकड़ों के अनुसार, पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। इस समय ए और बी पॉजिटिव के 5-5, ओ पॉजिटिव के 19 और एबी पॉजिटिव के 15 यूनिट ही बचे हैं। गौरतलब है कि सोलन अस्पताल में हर सप्ताह औसतन 10 से अधिक ऑपरेशन किए जाते हैं, वहीं आपातकालीन मामलों में यह संख्या और बढ़ जाती है। 250 यूनिट की क्षमता वाले इस ब्लड बैंक में इस समय कुल मिलाकर केवल 48 यूनिट रक्त बचा है।
इनसेट
पहले भी रोकना पड़ा था ऑपरेशन
ब्लड बैंक में कमी के कारण पूर्व में भी एक मरीज का ऑपरेशन कुछ देर के लिए रोकना पड़ा था। इसके बाद परिजनों ने खुद रक्तदाता का इंतजाम कर मरीज की जान बचाई थी। सोलन अस्पताल से जिले के अन्य छोटे अस्पतालों को भी जरूरत पड़ने पर ब्लड की सप्लाई दी जाती है। ऐसे में पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर पड़ सकता है।
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कोट
ब्लड बैंक में स्टॉक को पूरा करने के लिए जल्द ही जिले में विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। नेगेटिव ब्लड ग्रुप काफी रेयर (दुर्लभ) होता है, इसलिए इसकी उपलब्धता कम रहती है। आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरत पड़ने पर आईजीएमसी शिमला या अन्य बड़े अस्पतालों से ब्लड यूनिट की सप्लाई मंगवाई जाएगी। - डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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जिले के अन्य अस्पतालों को भी यहीं से होती है सप्लाई, ऑपरेशन टलने की नौबत
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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के ब्लड बैंक में एक बार फिर खून की भारी किल्लत पैदा हो गई है। अस्पताल में खास तौर पर नेगेटिव ब्लड ग्रुप के यूनिट तेजी से खत्म हो रहे हैं। स्थिति यह है कि बी नेगेटिव ब्लड पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि ए और एबी नेगेटिव का केवल एक-एक यूनिट ही बचा है। ओ नेगेटिव के भी महज दो यूनिट ही बैंक में उपलब्ध हैं।
ऐसे में आगामी दिनों में ऑपरेशन और आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों व उनके परिजनों को ब्लड के लिए भटकना पड़ सकता है। ब्लड बैंक के आंकड़ों के अनुसार, पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। इस समय ए और बी पॉजिटिव के 5-5, ओ पॉजिटिव के 19 और एबी पॉजिटिव के 15 यूनिट ही बचे हैं। गौरतलब है कि सोलन अस्पताल में हर सप्ताह औसतन 10 से अधिक ऑपरेशन किए जाते हैं, वहीं आपातकालीन मामलों में यह संख्या और बढ़ जाती है। 250 यूनिट की क्षमता वाले इस ब्लड बैंक में इस समय कुल मिलाकर केवल 48 यूनिट रक्त बचा है।
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पहले भी रोकना पड़ा था ऑपरेशन
ब्लड बैंक में कमी के कारण पूर्व में भी एक मरीज का ऑपरेशन कुछ देर के लिए रोकना पड़ा था। इसके बाद परिजनों ने खुद रक्तदाता का इंतजाम कर मरीज की जान बचाई थी। सोलन अस्पताल से जिले के अन्य छोटे अस्पतालों को भी जरूरत पड़ने पर ब्लड की सप्लाई दी जाती है। ऐसे में पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर पड़ सकता है।
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कोट
ब्लड बैंक में स्टॉक को पूरा करने के लिए जल्द ही जिले में विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। नेगेटिव ब्लड ग्रुप काफी रेयर (दुर्लभ) होता है, इसलिए इसकी उपलब्धता कम रहती है। आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरत पड़ने पर आईजीएमसी शिमला या अन्य बड़े अस्पतालों से ब्लड यूनिट की सप्लाई मंगवाई जाएगी। - डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन