फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Black on LPG in solan

शहर में घरेलू गैस सिलेंडरों के नाम पर ब्लैक का धंधा

Sat, 04 Mar 2017 10:57 AM IST
ब्यूरो, सोलन
ब्यूरो, सोलन Updated Sat, 04 Mar 2017 10:57 AM IST
विज्ञापन
Black on LPG in solan
गैस सिलेंडर की कीमतें आसमान छू रही हैं। आम उपभोक्ता महंगी गैस की कीमतों से बेहाल है। - फोटो : demo pic

गैस सिलेंडर की कीमतें आसमान छू रही हैं। आम उपभोक्ता महंगी गैस की कीमतों से बेहाल है। लेकिन घरेलू गैस का दुरुपयोग करने वाले कुछ कारोबारी मालामाल हो रहे हैं। सोलन शहर के मालरोड, अप्पर बाजार और सर्कुलर रोड में होटलों, ढाबों, चाय तथा हलवाई की दुकानों में घरेलू गैस का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है। सब्सिडी हासिल करने वाले आम उपभोक्ता के हिस्से की गैस होटल और ढाबों में जल रही है।

विज्ञापन


समय पर गैस सिलेंडर न मिलने से आपके घर की रसोई चले या न चले लेकिन मिठाई की दुकानों, होटलों और ढाबों की भट्टी में घरेलू सिलेंडर धधकता रहता है। ब्लैक में यहां आराम से सिलेंडर मिल जाता है।
विज्ञापन

 
मिठाइयों की दुकानों और ढाबों में सरेआम खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निर्देशों की अवहेलना कर घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल हो रहा है। ढाबा मालिक घरेलू सिलेंडर प्रयोग कर आम जनता के रसोई गैस छीन रहे हैं। इससे जहां एक ओर ढाबा मालिकों के सिलेंडर खत्म नहीं होते वहीं शहर में कई बार आम लोगों को तीन-तीन दिन बिना सिलेंडर के रहना पड़ रहा है। ढाबों में घरेलू सिलेंडर का प्रयोग मालरोड के मुख्य होटलों के साथ चौक बाजार और लक्कड़ बाजार में चले रहे ढाबों में देखा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


तय कीमत चुकाओ, सिलेंडर पाओ
एक कारोबारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि घरेलू गैस आसानी से मिल जाते हैं। इनका अलग रेट तय है। बस वह रेट दो और गैस आपके पास पहुंच जाएगी। इसके बाद इस्तेमाल की जिम्मेवारी कारोबारी की होगी। उधर, घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर के दामों में अंतर कालाबाजारी की सबसे बड़ी वजह है। सूत्रों के मुताबिक जब से नॉन सब्सिडी सिलेंडर की व्यवस्था हुई है, घरेलू गैस की कालाबाजारी बढ़ गई है। नॉन सब्सिडी का 14 किलो का सिलेंडर 800 से 1000 रुपये खर्च करने पर आसानी से ब्लैक में मिल जाता है। 19 किलो का व्यावसायिक सिलेंडर के लिए 1425 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यदि एजेंसी या सिलेंडर पहुंचने वाले से सेटिंग है तो सब्सिडी सिलेंडर भी 100-200 रुपये ज्यादा चुकाने के बाद आसानी से ब्लैक में मिल जाता है। यानी ब्लैक में महंगा सिलेंडर खरीदने के बाद भी फायदा।  

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आंकड़े नहीं
खाद्य आपूर्ति विभाग के पास व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आंकड़ों के संबंध में जानकारी नहीं है। जिला सोलन में कितने होटल, ढाबे, मिठाई और चाय की दुकानें चल रही हैं, इसकी जानकारी ही नहीं है। ऐसे में घरेलू गैस के दुरुपयोग पर कैसे शिकंजा कसा जाएगा।

समय-समय पर होता है निरीक्षण : पाल
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक यादवेंद्र पाल ने कहा कि मामला विभाग के संज्ञान में है। विभाग जिला के समस्त वर्ग के दुकानदारों की संख्या के पुख्ता आंकड़े जुटा रहा है। समय-समय पर निरीक्षण होता है तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।  

दामों पर एक नजर  
घरेलू सब्सिडाइज्ड़ सिलेंडर (14 किग्रा)   812 (सब्सिडी 330)
नान सब्सिडाज्ड घरेलू गैस सिलेंडर         825    
व्यावसायिक सिलेंडर (19 किग्रा)         1472            


यह है मुनाफे का खेल
14 किलोग्राम के नॉन सब्सिडाइज्ड गैस सिलेंडर में प्रति किलोग्राम गैस करीब 59 रुपये में पड़ती है। एक कामर्शियल 19 किलो के सिलेंडर में प्रति किलोग्राम गैस 77 रुपये के करीब पड़ती है। ऐसे में यदि होटलों, ढाबों, चाय और हलवाई की दुकानों में नॉन सब्सिडाइज्ड सिलेंडर धधक रहे हैं तो प्रति किलो कारोबारी को करीब 18 रुपये का मुनाफा गैस पर ही हो रहा है। मतलब जो काम घरेलू गैस के प्रयोग में प्रतिकिलो 59 रुपये में पड़ रहा है वही कामर्शियल गैस में 77 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से पड़ेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed