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डीसी दफतर के बाहर खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Sun, 29 May 2016 09:21 AM IST
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भाजपा समर्थित पार्षदों ने भी मौके पर पहुंचकर प्रशासन और आईपीएच अधिकारियों के खिलाफ मोरचा खोलते हुए खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया।
- फोटो : अमर उजाला
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पेयजल समस्या ने शहर में विकराल रूप धारण कर लिया है। सोलन शहर में अधिकांश जगह शनिवार को भी पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। दोपहर तक पानी की अपर्याप्त आपूर्ति पर गुस्साए लोग उपायुक्त कार्यालय के बाहर एकत्र हो गए। भाजपा समर्थित पार्षदों ने भी मौके पर पहुंचकर प्रशासन और आईपीएच अधिकारियों के खिलाफ मोरचा खोलते हुए खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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नगर परिषद अध्यक्ष की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने डीसी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा। साथ ही प्रदेश सरकार से अश्वनी की सप्लाई बहाल करने की मांग जोर शोर से उठाई। इसके साथ आईपीएच पर मनमाने ढंग से सप्लाई के आरोप जड़े हैं।
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यह रहे प्रदर्शन में मौजूद
मुकेश शर्मा, मनीश सोपाल, संगठन मंत्री पुरुषोत्तम गुलेरिया, नप अध्यक्ष पवन गुप्ता, पार्षद सुषमा, नीलम, मधु कौशिक, मुकेश शर्मा, मनीष, कुमारी शीला, विवेक, शैलेंद्र गुप्ता, कमल वर्मा, अशोक ठाकुर, अमर सिंह ठाकुर, सुनीता रोहाल, रीतू सेठी, तिलकराज, सोमा ठाकुर, शिवम मित्तल, संदीप ठाकुर, विमला गर्ग, अरुण चौधरी, बबलू, विक्रम मेहता, मदन मेहता, रोहित और अन्य लोग मौजूद रहे।
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कहीं और दिया जा रहा शहर का पानी
नप के अध्यक्ष पवन गुप्ता ने आरोप लगाया कि शहर में पेयजल किल्लत का जिम्मेवार आईपीएच विभाग है। कहा कि बिना नगर परिषद की अनुमति से शहर का पानी कुछ गांवों में छोड़ा जा रहा है। यही नहीं लिफ्टिंग में भी मनमर्जी की जा रही है। इससे शहर में पानी की भारी किल्लत हो गई है।
कांग्रेस पार्षद पहुंचें शिमला
कांग्रेस पार्षद पुनीत शर्मा, राजीव ठाकुर, सत्या वर्मा, सुलक्षणा, पूर्व मनोनीत पार्षद राजीव कौड़ा और विशाल वर्मा ने पेयजल समस्या को दुरुस्त करने की मांग की है। अश्वनी को बहाल करने की मांग को लेकर कुछ मुख्यमंत्री से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा। पार्षदों का कहना है कि जब अश्वनी के सैंपल पास हो गए हैं तो प्रतिबंध क्यों हटाया नहीं जा रहा है? इसके चलते लाखों की आबादी को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
तीस फीसदी पानी नहीं
सोलन के सभी 15 वार्डों की कुल आबादी लगभग 40 हजार के करीब है। रोजाना जहां शहर में 30 से 32 लाख गैलन पानी की जरूरत है, लेकिन 10 लाख गैलन पानी ही मिल रहा है। वार्डों में हर चार दिन के बाद रोटेशन के आधार पर नप पानी देने में नाकाम साबित हो रहा है। पानी की सप्लाई गिरि से नप के टैंक तक पहुंचाने का जिम्मा आईपीएच का है। पानी का वितरण नप करती है।
यह हैं मुख्य मांगेें
- अश्वनी से पानी की सप्लाई करें बहाल
- पानी की सप्लाई भी आईपीएच करे
- या नगर परिषद ही करें पानी की लिफ्टिंग
समस्या की जाए दुरुस्त : आईपीएच
आईपीएच के एसडीओ सुभाष कुमार ने कहा कि अश्वनी पेयजल योजना से सप्लाई बंद है। गिरि में गाद और बिजली की समस्या के चलते लिफ्टिंग नहीं हो रही थी। कुछ दिनों के लिए व्यवस्था प्रभावित रही है जिसे अब दुरुस्त कर दिया है।