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सोलन जिले के 104 स्कूलों की बायोमीट्रिक खराब
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Biometric of 104 schools in the solan district is bad
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सोलन। कोरोनाकाल में जिले के 104 स्कूलों की बायोमीट्रिक मशीनें खराब हो गई हैं। शिक्षा निदेशालय ने इस बारे में शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। अब विभाग ने निदेशालय को रिपोर्ट सौंप दी है।
बताया जा रहा है कि अधिकतर मशीनें काफी समय से बंद रहने और देख-रेख न होने के कारण खराब हुई हैं। जिले के 189 माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में बायोमीट्रिक लगाई गई थीं।
जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों समेत स्टाफ की हाजिरी दोबारा से बायोमीट्रिक मशीनों से लगेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग तैयारियों में जुट गया है। कोविड के बीच सुरक्षा के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने बायोमीट्रिक पर रोक लगा दी थी।
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दोबारा से इसे शुरू करने के लिए शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों से खराब बायोमीट्रिक मशीनों की रिपोर्ट मांगी थी। बायोमीट्रिक लगने के बाद स्कूल स्टाफ को दो बार स्कूल में उपस्थिति दर्ज करनी होती है।
शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा डॉ. जगदीश नेगी ने बताया कि स्कूलों से बायोमीट्रिक मशीनों की सूचना मांगी गई थी। इसमें 60 फीसदी मशीनें खराब पाई गई हैं। इसकी रिपोर्ट निदेशालय को सौंप दी है।
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बताया जा रहा है कि अधिकतर मशीनें काफी समय से बंद रहने और देख-रेख न होने के कारण खराब हुई हैं। जिले के 189 माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में बायोमीट्रिक लगाई गई थीं।
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जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों समेत स्टाफ की हाजिरी दोबारा से बायोमीट्रिक मशीनों से लगेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग तैयारियों में जुट गया है। कोविड के बीच सुरक्षा के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने बायोमीट्रिक पर रोक लगा दी थी।
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दोबारा से इसे शुरू करने के लिए शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों से खराब बायोमीट्रिक मशीनों की रिपोर्ट मांगी थी। बायोमीट्रिक लगने के बाद स्कूल स्टाफ को दो बार स्कूल में उपस्थिति दर्ज करनी होती है।
शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा डॉ. जगदीश नेगी ने बताया कि स्कूलों से बायोमीट्रिक मशीनों की सूचना मांगी गई थी। इसमें 60 फीसदी मशीनें खराब पाई गई हैं। इसकी रिपोर्ट निदेशालय को सौंप दी है।