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Solan News: कोईड़ी पंचायत में बनी कृत्रिम झील 25 दिन बाद नहीं हुई खाली
Mon, 28 Sep 2026 12:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 28 Sep 2026 12:39 AM IST
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रामनाथ चंदेल, प्रधान ग्राम पंचायत कोईड़ी
-ग्राउंड रिपोर्ट-
कुमारहट्टी में किसानों की करीब 10 बीघा कृषि भूमि झील में समाई
एक फसल तो तबाह हुई अब अगली फसल भी नहीं उगा पाएंगे किसान
बच्चों के लिए भी खड़ी हुई मुश्किल, कई किमी पैदल जा रहे स्कूल
लगातार बढ़ रहा है झील में पानी, गांव के लिए बना खतरा
एचआर धीमान
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ उपमंडल की कोईड़ी पंचायत के कुमारहट्टी में 2 सितंबर की रात हुए भूस्खलन के कारण बनी कृत्रिम झील 25 दिन बाद भी जस की तस बनी हुई है। इससे तीन भाइयों नरेश कुमार शर्मा, जगपाल शर्मा और यशपाल शर्मा की करीब 10 बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। खरीफ की फसल तबाह होने के बाद अब अगली फसल भी नहीं बो पाएंगे। साथ ही आसपास के क्षेत्रों के लिए भी खतरा बना हुआ है।
घटना के बाद जिलाधीश मनमोहन शर्मा और एसडीएम नरेंद्र अहलूवालिया ने लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ मौके का दौरा कर झील का पानी जल्द निकालने के निर्देश दिए थे। लोक निर्माण विभाग ने मशीनों से खुदाई कर पानी की थोड़ी निकासी शुरू की, लेकिन अभी भी कुमारहट्टी से गुरुकुंड तक पानी भरा हुआ है। इससे स्कूली बच्चों को नदी पार करने में परेशानी हो रही है और उन्हें तीन से चार किलोमीटर अतिरिक्त पैदल चलना पड़ रहा है।
सरकार से कोई सहायता नहीं मिली
हम तीनों भाइयों की करीब 10 बीघा जमीन जलमग्न हो गई है। टमाटर की फसल खराब हो चुकी है और अब अगली फसल भी नहीं बो पाएंगे। वर्ष 2023 में भी इसी तरह फसलें खराब हुई थीं, लेकिन सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिली।- यशपाल शर्मा, पीड़ित, कुमारहट्टी
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स्कूली बच्चों को नदी पार करने में परेशानी
नदी में अस्थायी झील बनने से आसपास के गांवों के लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। नदी के दूसरी ओर रहने वाले स्कूली बच्चों को हाई स्कूल पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। पानी की जल्द निकासी होनी चाहिए।- राम लाल, स्थानीय निवासी
पानी की निकासी नहीं हुई तो स्कूल भवन को खतरा
नदी के किनारे हाई स्कूल का भवन है। झील का पानी नहीं निकलने से आसपास की जमीन में पानी रिस रहा है, जिससे भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। इससे स्कूल भवन को भी खतरा हो सकता है। - कर्म चंद, उपप्रधान, ग्राम पंचायत कोईड़ी
सरकार स्थायी समाधान करे
इसी स्थान पर वर्ष 2023 में भी भूस्खलन के बाद झील बन गई थी। वर्ष 2025 में फिर पहाड़ी खिसककर नीचे आ गई थी। इस बार स्थिति और गंभीर है। एसडीएम से मिलकर समस्या के स्थायी समाधान का आग्रह किया है। - रामनाथ चंदेल, प्रधान, ग्राम पंचायत कोईड़ी
पानी की निकासी पीडब्ल्यूडी का काम नहीं
झील के पानी की निकासी हमारे विभाग के कार्यक्षेत्र में नहीं है। हमने प्रशासन को इसका एस्टीमेट दे दिया है। बजट मिलने पर मशीनें लगाकर खुदाई के माध्यम से पानी की निकासी कर दी जाएगी। - परवरसर सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग नालागढ़
केंद्र की टीम जल्द करेगी प्रभावित क्षेत्र का दौरा
मामला ध्यान में है। पहले मशीनों की सहायता से पानी की निकासी शुरू की गई थी, लेकिन नीचे बड़ी-बड़ी चट्टानें होने के कारण काम में दिक्कत आई। अब अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही केंद्र की टीम प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेगी और बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारणों का पता लगाएगी, ताकि समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। - नरेंद्र अहलूवालिया, एसडीएम नालागढ़
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कुमारहट्टी में किसानों की करीब 10 बीघा कृषि भूमि झील में समाई
एक फसल तो तबाह हुई अब अगली फसल भी नहीं उगा पाएंगे किसान
बच्चों के लिए भी खड़ी हुई मुश्किल, कई किमी पैदल जा रहे स्कूल
लगातार बढ़ रहा है झील में पानी, गांव के लिए बना खतरा
एचआर धीमान
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ उपमंडल की कोईड़ी पंचायत के कुमारहट्टी में 2 सितंबर की रात हुए भूस्खलन के कारण बनी कृत्रिम झील 25 दिन बाद भी जस की तस बनी हुई है। इससे तीन भाइयों नरेश कुमार शर्मा, जगपाल शर्मा और यशपाल शर्मा की करीब 10 बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। खरीफ की फसल तबाह होने के बाद अब अगली फसल भी नहीं बो पाएंगे। साथ ही आसपास के क्षेत्रों के लिए भी खतरा बना हुआ है।
घटना के बाद जिलाधीश मनमोहन शर्मा और एसडीएम नरेंद्र अहलूवालिया ने लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ मौके का दौरा कर झील का पानी जल्द निकालने के निर्देश दिए थे। लोक निर्माण विभाग ने मशीनों से खुदाई कर पानी की थोड़ी निकासी शुरू की, लेकिन अभी भी कुमारहट्टी से गुरुकुंड तक पानी भरा हुआ है। इससे स्कूली बच्चों को नदी पार करने में परेशानी हो रही है और उन्हें तीन से चार किलोमीटर अतिरिक्त पैदल चलना पड़ रहा है।
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सरकार से कोई सहायता नहीं मिली
हम तीनों भाइयों की करीब 10 बीघा जमीन जलमग्न हो गई है। टमाटर की फसल खराब हो चुकी है और अब अगली फसल भी नहीं बो पाएंगे। वर्ष 2023 में भी इसी तरह फसलें खराब हुई थीं, लेकिन सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिली।- यशपाल शर्मा, पीड़ित, कुमारहट्टी
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स्कूली बच्चों को नदी पार करने में परेशानी
नदी में अस्थायी झील बनने से आसपास के गांवों के लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। नदी के दूसरी ओर रहने वाले स्कूली बच्चों को हाई स्कूल पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। पानी की जल्द निकासी होनी चाहिए।- राम लाल, स्थानीय निवासी
पानी की निकासी नहीं हुई तो स्कूल भवन को खतरा
नदी के किनारे हाई स्कूल का भवन है। झील का पानी नहीं निकलने से आसपास की जमीन में पानी रिस रहा है, जिससे भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। इससे स्कूल भवन को भी खतरा हो सकता है। - कर्म चंद, उपप्रधान, ग्राम पंचायत कोईड़ी
सरकार स्थायी समाधान करे
इसी स्थान पर वर्ष 2023 में भी भूस्खलन के बाद झील बन गई थी। वर्ष 2025 में फिर पहाड़ी खिसककर नीचे आ गई थी। इस बार स्थिति और गंभीर है। एसडीएम से मिलकर समस्या के स्थायी समाधान का आग्रह किया है। - रामनाथ चंदेल, प्रधान, ग्राम पंचायत कोईड़ी
पानी की निकासी पीडब्ल्यूडी का काम नहीं
झील के पानी की निकासी हमारे विभाग के कार्यक्षेत्र में नहीं है। हमने प्रशासन को इसका एस्टीमेट दे दिया है। बजट मिलने पर मशीनें लगाकर खुदाई के माध्यम से पानी की निकासी कर दी जाएगी। - परवरसर सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग नालागढ़
केंद्र की टीम जल्द करेगी प्रभावित क्षेत्र का दौरा
मामला ध्यान में है। पहले मशीनों की सहायता से पानी की निकासी शुरू की गई थी, लेकिन नीचे बड़ी-बड़ी चट्टानें होने के कारण काम में दिक्कत आई। अब अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही केंद्र की टीम प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेगी और बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारणों का पता लगाएगी, ताकि समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। - नरेंद्र अहलूवालिया, एसडीएम नालागढ़

रामनाथ चंदेल, प्रधान ग्राम पंचायत कोईड़ी

रामनाथ चंदेल, प्रधान ग्राम पंचायत कोईड़ी

रामनाथ चंदेल, प्रधान ग्राम पंचायत कोईड़ी

रामनाथ चंदेल, प्रधान ग्राम पंचायत कोईड़ी

रामनाथ चंदेल, प्रधान ग्राम पंचायत कोईड़ी